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पांच माह में ही दम तोड़ने लगे नए कूड़ा वाहन
Thu, 28 Mar 2019 03:21 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 28 Mar 2019 03:21 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने के लिए बीते साल खरीदे गए वाहन पांच माह में ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। वाहनों की समय से सर्विस न कराए जाने के कारण किसी की क्लच प्लेट में कमी है तो किसी का इंजन आवाज कर रहा है। भुगतान होने के बाद भी इन वाहनों का न तो इंश्योरेंस हुआ है और न ही रजिस्ट्रेशन। ठेकेदार पर पुराने वाहन देने के भी आरोप लग रहे हैं। वहीं वाहनों की खरीद को लेकर निगम अधिकारियों पर भी उंगली उठनी शुरू हो गई है।
1.20 करोड़ से खरीदे से 30 वाहन
नगर निगम ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी से 30 कूड़ा गाड़ी (छोटा हाथी) एक ठेकेदार के माध्यम से खरीदे थे। गाड़ियों की आपूर्ति होने पर निगम प्रशासन ने भुगतान भी कर दिया। सभी गाड़ियों को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए शहर में उतारा गया। बीते पांच माह में एक भी गाड़ी की सर्विस नहीं कराई गई है। ऐसे में कई वाहन डिपो में खड़े होने शुरू हो गए हैं।
कहीं एक साल पुराने वाहन तो नहीं
नगर निगम को वाहन आपूर्ति कराने वाले ठेकेदार पर पुराने वाहन देने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ठेकेदार गाड़ियों की सर्विस कराने से इसलिए बच रहे हैं कि उनकी गाड़ियों की खरीद को एक साल से अधिक समय बीत चुका है। कंपनी शोरूम पर इन वाहनों की सर्विस नहीं हो पाएगी। सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार ने कई बार सर्विस कराने का आश्वासन दिया, लेकिन सर्विस नहीं कराई।
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एक साल तक मिलती है फ्री सर्विस
नियमानुसार कोई भी कंपनी जब ग्राहक को गाड़ी बेचती है, तो एक साल में पांच सर्विस फ्री देने की बात करती है। लेकिन यह नियम शोरूम से गाड़ी निकलने के एक साल के भीतर ही लागू होता है।
डोर टू डोर व्यवस्था हो रही प्रभावित
कूड़ा गाड़ी खराब होने के कारण शहर की डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। क्योंकि वाहन जनवरी माह के बाद से खड़े होने शुरू हो गए थे। कुछ गाड़ियों के खराब होने के बाद भी चालक दौड़ा रहे हैं।
1.20 करोड़ से खरीदे से 30 वाहन
नगर निगम ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी से 30 कूड़ा गाड़ी (छोटा हाथी) एक ठेकेदार के माध्यम से खरीदे थे। गाड़ियों की आपूर्ति होने पर निगम प्रशासन ने भुगतान भी कर दिया। सभी गाड़ियों को डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए शहर में उतारा गया। बीते पांच माह में एक भी गाड़ी की सर्विस नहीं कराई गई है। ऐसे में कई वाहन डिपो में खड़े होने शुरू हो गए हैं।
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कहीं एक साल पुराने वाहन तो नहीं
नगर निगम को वाहन आपूर्ति कराने वाले ठेकेदार पर पुराने वाहन देने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ठेकेदार गाड़ियों की सर्विस कराने से इसलिए बच रहे हैं कि उनकी गाड़ियों की खरीद को एक साल से अधिक समय बीत चुका है। कंपनी शोरूम पर इन वाहनों की सर्विस नहीं हो पाएगी। सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार ने कई बार सर्विस कराने का आश्वासन दिया, लेकिन सर्विस नहीं कराई।
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एक साल तक मिलती है फ्री सर्विस
नियमानुसार कोई भी कंपनी जब ग्राहक को गाड़ी बेचती है, तो एक साल में पांच सर्विस फ्री देने की बात करती है। लेकिन यह नियम शोरूम से गाड़ी निकलने के एक साल के भीतर ही लागू होता है।
डोर टू डोर व्यवस्था हो रही प्रभावित
कूड़ा गाड़ी खराब होने के कारण शहर की डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। क्योंकि वाहन जनवरी माह के बाद से खड़े होने शुरू हो गए थे। कुछ गाड़ियों के खराब होने के बाद भी चालक दौड़ा रहे हैं।
किसी भी गाड़ी का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस न होना महत्वपूर्ण बिंदु है। स्टोर कीपर और अन्य लोग मिलकर गाड़ियों की सर्विस दर्शाकर खेल कर रहे हैं। नई गाड़ियों की सर्विस नहीं होने के संबंध में स्टोर कीपर से जवाब तलब किया जाएगा। -डा. गजेन्द्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।