आखिर दबाव में क्यों पुलिस, नहीं हुई भाजपा नेता की गिरफ्तारी, एसटीएफ के निशाने पर 124 प्रकाशक
मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबें खरीदने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 124 प्रकाशकों को एसटीएफ ने निशाने पर लिया है। इनकी तलाश में एसटीएफ और परतापुर पुलिस बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर समेत कई जिलों में छापे मार रही हैं। वहीं, चार दिन बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी भाजपा नेता संजीव गुप्ता और उसके भतीजे सचिन गुप्ता को गिरफ्तार नहीं कर पाई। चर्चा है कि पुलिस दबाव में है।
भाजपा नेता संजीव व सचिन गुप्ता के परतापुर और मोहकमपुर स्थित गोदाम व प्रिंटिंग प्रेस पर 21 अगस्त को एसटीएफ ने छापा मारकर एनसीईआरटी की 35 करोड़ से ज्यादा की नकली किताबों का भंडाफोड़ किया था।
एसटीएफ के अनुसार मेरठ और गजरौला समेत कई जिलों में 124 प्रकाशकों को ये नकली किताबें सप्लाई की जा रही थीं, जिनके पास अभी भी इनका भंडार है। मुख्य आरोपी संजीव गुप्ता के गोदाम व प्रिंटिंग प्रेस दूसरे जिलों के अलावा उत्तराखंड और बिहार में भी हैं। दोनों जगह पर मेरठ के कई लोग काम करते हैं।
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दबाव में क्यों पुलिस
भाजपा नेता संजीव और सचिन गुप्ता को गिरफ्तार करने में पुलिस दबाव में नजर आ रही है। आरोपियों की तलाश में दबिश भी कागजों में दिखाई जा रही है। चर्चा है कि दोनों आरोपी शहर में ही घूम रहे हैं। अपने आकाओं की मदद से पुलिस पर दबाव बनवा रहे हैं। जबकि भाजपा ने संजीव गुप्ता को महानगर उपाध्यक्ष पद से तुरंत निष्कासित कर पुलिस को कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दे दिया था। एमडीए ने भी सोमवार को गोदाम और प्रिंटिंग प्रेस की जांच नहीं की।
गजरौला में प्रिंटिंग प्रेस सील
एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह के अनुसार आरोपी संजीव व सचिन के गजरौला में प्रिंटिंग प्रेस और गोदाम समेत करीब 40 करोड़ का सामान मेरठ पुलिस ने सील कर दिया है। इनमें एनसीईआरटी की 60 हजार किताबें, 54 हजार कवर, 24 प्रिंटिंग प्रेस मशीनें, लोडर, जेनरेटर और कागजों के कई रोल हैं।
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