{"_id":"69c69387998a5fbd1c0aa2ad","slug":"navratri-festival-concludes-with-maa-siddhidatri-worship-and-kanya-bhoj-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104647-2026-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मां सिद्धिदात्री पूजन व कन्या भोज के साथ नवरात्र महोत्सव संपन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मां सिद्धिदात्री पूजन व कन्या भोज के साथ नवरात्र महोत्सव संपन्न
विज्ञापन
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में कन्या पूजन करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रही नौ दिवसीय नवरात्र पूजा का शुक्रवार को विधिविधान के साथ समापन हो गया। महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के साथ श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अनुष्ठान पूर्ण किया।
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्र का नौवां दिन महानवमी के रूप में विशेष महत्व रखता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जिन्हें सभी सिद्धियों की दाता माना गया है। मान्यता है कि उनकी कृपा से भक्तों को ज्ञान, सफलता और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि नवरात्र का अंतिम दिन साधना की पूर्णता और देवी कृपा का प्रतीक माना जाता है।
इस मौके पर आचार्य मुकेश शांडिल्य, चंद्र प्रकाश शुक्ला और विशु शर्मा के सानिध्य में पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने हवन में पूर्ण आहुति डालकर विश्व शांति और समृद्धि की कामना की।
विज्ञापन
इसके बाद कन्या पूजन किया गया, जिसमें दो से 10 वर्ष तक की बालिकाओं को मां का स्वरूप मानकर विधिविधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण पखारकर उन्हें श्रद्धा भाव से भोजन कराया और दक्षिणा भेंट की। समापन पर मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रही नौ दिवसीय नवरात्र पूजा का शुक्रवार को विधिविधान के साथ समापन हो गया। महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के साथ श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अनुष्ठान पूर्ण किया।
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि चैत्र नवरात्र का नौवां दिन महानवमी के रूप में विशेष महत्व रखता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जिन्हें सभी सिद्धियों की दाता माना गया है। मान्यता है कि उनकी कृपा से भक्तों को ज्ञान, सफलता और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि नवरात्र का अंतिम दिन साधना की पूर्णता और देवी कृपा का प्रतीक माना जाता है।
विज्ञापन
इस मौके पर आचार्य मुकेश शांडिल्य, चंद्र प्रकाश शुक्ला और विशु शर्मा के सानिध्य में पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने हवन में पूर्ण आहुति डालकर विश्व शांति और समृद्धि की कामना की।
विज्ञापन
इसके बाद कन्या पूजन किया गया, जिसमें दो से 10 वर्ष तक की बालिकाओं को मां का स्वरूप मानकर विधिविधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण पखारकर उन्हें श्रद्धा भाव से भोजन कराया और दक्षिणा भेंट की। समापन पर मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।