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दस माह बाद चली नौचंदी एक्सप्रेस, यात्रियों के चेहरे खिले, किसान आंदोलन की चर्चा करते दिखे यात्री
Tue, 15 Dec 2020 10:53 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 15 Dec 2020 10:53 AM IST
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nauchandi express
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल में बंद चल रही नौंचदी एक्सप्रेस का संचालन सोमवार से शुरू हो गया। सहारनपुर से वाया मेरठ और लखनऊ प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस चालू होने से यात्रियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहले दिन ही सहारनपुर और मेरठ से करीब 600 यात्रियों ने अपना सफर शुरू किया। यात्रियों ने कहा कि ट्रेन के नहीं चलने पर उन्हें लखनऊ और प्रयागराज आदि जाने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
कोरोना के चलते मार्च में लगे लॉकडाउन में नौचंदी एक्सप्रेस का पहिया भी घूमना बंद हो गया था। कुछ दिन पहले रेलवे ने बाकी ट्रेनों को तो चलाना शुरू कर दिया था लेकिन नौचंदी इस सूची से बाहर थी।
मेरठ से सीधे प्रदेश की राजधानी जाने वाली इस सबसे पुरानी ट्रेन के नहीं चलने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। पिछले दिनों चालू हुई संगम एक्सप्रेस के बाद नौंचदी एक्सप्रेस को भी चालू करने की लगातार मांग की जा रही थी। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने इस महत्वर्पूण ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू कर दिया।
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सिटी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम सात बजे जैसे ही ट्रेन आकर खड़ी हुई यात्रियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सवा सात बजे सहारनपुर से आने वाली नौचंदी लिंक भी आकर मुख्य ट्रेन से जुड़ गई। शाम पौने आठ बजे ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि सहारनपुर में ट्रैक डबलिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते 23 दिसंबर तक यह ट्रेन मेरठ से ही संचालित होगी। इसे सहारनपुर तक नहीं चलाया जाएगा। डबलिंग कार्य पूरा होते ही इसे सहारनपुर तक बढ़ा दिया जाएगा।
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कोरोना के चलते मार्च में लगे लॉकडाउन में नौचंदी एक्सप्रेस का पहिया भी घूमना बंद हो गया था। कुछ दिन पहले रेलवे ने बाकी ट्रेनों को तो चलाना शुरू कर दिया था लेकिन नौचंदी इस सूची से बाहर थी।
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मेरठ से सीधे प्रदेश की राजधानी जाने वाली इस सबसे पुरानी ट्रेन के नहीं चलने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। पिछले दिनों चालू हुई संगम एक्सप्रेस के बाद नौंचदी एक्सप्रेस को भी चालू करने की लगातार मांग की जा रही थी। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने इस महत्वर्पूण ट्रेन का संचालन सोमवार से शुरू कर दिया।
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सिटी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम सात बजे जैसे ही ट्रेन आकर खड़ी हुई यात्रियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सवा सात बजे सहारनपुर से आने वाली नौचंदी लिंक भी आकर मुख्य ट्रेन से जुड़ गई। शाम पौने आठ बजे ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि सहारनपुर में ट्रैक डबलिंग का कार्य चल रहा है। इसके चलते 23 दिसंबर तक यह ट्रेन मेरठ से ही संचालित होगी। इसे सहारनपुर तक नहीं चलाया जाएगा। डबलिंग कार्य पूरा होते ही इसे सहारनपुर तक बढ़ा दिया जाएगा।
क्या बोले यात्री
काम के सिलसिले से उन्हें आए दिन लखनऊ जाना पड़ता है। लेकिन नौचंदी एक्सप्रेस के बंद होने से टैक्सी लेकर जाना पड़ता था जो बहुत मंहगी पड़ती थी। ट्रेन के चलने से बहुत खुशी हो रही है। -एस सिद्दीकी, मेरठ
ट्रेन चलने का पता लगा तो उसी समय से रिजर्वेशन कराने की तलाश में लग गए थे। दो दिन तक रिजर्वेशन नहीं हो सका। लेकिन इसके बाद रिजर्वेशन खुलते ही करा लिया। ट्रेन के चलने से बेहद खुशी हो रही है। -गार्गी, मुजफ्फरनगर
नौचंदी एक्सप्रेस के बंद होने से उन्हें वाया पंजाब होते हुए लखनऊ जाना पड़ रहा था जिसमें लंबा समय लगता था ओर किराया भी दोगुना हो जाता था। लेकिन अब नौचंदी चलने से बड़ी राहत मिली है।
-हरीओम, सहारनपुर
यह ट्रेन सहारनपुर से लखनऊ जाने वालों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है। इसके बंद होने से बहुत दिक्कत हो रही थी। रोडवेज बस से जाना पड़ रहा था। अब इसके चलने से ज्यादा किराया और समय दोनों बचेंगे। -विजेंद्र कमार, सहारनपुर
काम के सिलसिले से उन्हें आए दिन लखनऊ जाना पड़ता है। लेकिन नौचंदी एक्सप्रेस के बंद होने से टैक्सी लेकर जाना पड़ता था जो बहुत मंहगी पड़ती थी। ट्रेन के चलने से बहुत खुशी हो रही है। -एस सिद्दीकी, मेरठ
ट्रेन चलने का पता लगा तो उसी समय से रिजर्वेशन कराने की तलाश में लग गए थे। दो दिन तक रिजर्वेशन नहीं हो सका। लेकिन इसके बाद रिजर्वेशन खुलते ही करा लिया। ट्रेन के चलने से बेहद खुशी हो रही है। -गार्गी, मुजफ्फरनगर
नौचंदी एक्सप्रेस के बंद होने से उन्हें वाया पंजाब होते हुए लखनऊ जाना पड़ रहा था जिसमें लंबा समय लगता था ओर किराया भी दोगुना हो जाता था। लेकिन अब नौचंदी चलने से बड़ी राहत मिली है।
-हरीओम, सहारनपुर
यह ट्रेन सहारनपुर से लखनऊ जाने वालों के लिए सबसे ज्यादा मुफीद है। इसके बंद होने से बहुत दिक्कत हो रही थी। रोडवेज बस से जाना पड़ रहा था। अब इसके चलने से ज्यादा किराया और समय दोनों बचेंगे। -विजेंद्र कमार, सहारनपुर
600 यात्री हुए सवार
ट्रेन में पहले दिन करीब 600 यात्री सवार हुए। रेल अधिकारियों ने बताया कि इसमें मेरठ से करीब 400 यात्रियों ने और सहारनपुर से करीब 200 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया था। हालांकि ट्रेन की क्षमता करीब 950 यात्रियों की है।
यात्रियों ने की शिकायत
लंबे समय बाद चली नौचंदी एक्सप्रेस में रेलवे की अव्यवस्था भी देखने को मिली। यात्रियों ने शौचालय में पानी नहीं होने और एसी कोच में गरम कपड़ों की सही व्यवस्था होने की शिकायत की।
छात्रों को मिली सबसे बड़ी राहत
मंगलवार को रेलवे की भर्ती परीक्षा है। इसके चलते स्टेशन पर छात्रों की भी भारी भीड़ देखी गई। छात्रों ने बताया कि रेलवे ने परीक्षा के लिए बरेली और लखनऊ सेंटर बनाए हैं। नौचंदी एक्सप्रेस चलने से उनकी समस्या हल हो गई। अगर यह नहीं चलती तो उन्हें भारी परेशानियों के साथ सेंटर तक जाना पड़ता।
किसान आंदोलन की चर्चा करते दिखे यात्री
ट्रेन में बैठे मेरठ और सहारनपुर के यात्री किसान आंदोलन की चर्चा करते दिखे। अमर उजाला का कैमरा जब यात्रियों के फोटो कैप्चर करने लगा तो कुछ यात्रियों ने पूछा कि क्या किसान आंदोलन की कवरेज कर रहे हो।
ट्रेन में पहले दिन करीब 600 यात्री सवार हुए। रेल अधिकारियों ने बताया कि इसमें मेरठ से करीब 400 यात्रियों ने और सहारनपुर से करीब 200 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया था। हालांकि ट्रेन की क्षमता करीब 950 यात्रियों की है।
यात्रियों ने की शिकायत
लंबे समय बाद चली नौचंदी एक्सप्रेस में रेलवे की अव्यवस्था भी देखने को मिली। यात्रियों ने शौचालय में पानी नहीं होने और एसी कोच में गरम कपड़ों की सही व्यवस्था होने की शिकायत की।
छात्रों को मिली सबसे बड़ी राहत
मंगलवार को रेलवे की भर्ती परीक्षा है। इसके चलते स्टेशन पर छात्रों की भी भारी भीड़ देखी गई। छात्रों ने बताया कि रेलवे ने परीक्षा के लिए बरेली और लखनऊ सेंटर बनाए हैं। नौचंदी एक्सप्रेस चलने से उनकी समस्या हल हो गई। अगर यह नहीं चलती तो उन्हें भारी परेशानियों के साथ सेंटर तक जाना पड़ता।
किसान आंदोलन की चर्चा करते दिखे यात्री
ट्रेन में बैठे मेरठ और सहारनपुर के यात्री किसान आंदोलन की चर्चा करते दिखे। अमर उजाला का कैमरा जब यात्रियों के फोटो कैप्चर करने लगा तो कुछ यात्रियों ने पूछा कि क्या किसान आंदोलन की कवरेज कर रहे हो।