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राष्ट्रीय पर्यटन दिवस: पर्यटकों को लुभाएंगे पश्चिम के प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक स्थल, चल रहा सौंदर्यीकरण

Thu, 25 Jan 2024 04:36 PM IST
Dimple Sirohi राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ
राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 25 Jan 2024 04:36 PM IST
सार

पश्चिमी यूपी के विभिन्न मंदिर, एतिहासिक स्थल पर्यटन स्थलों के रूप में पर्यटकों को लुभाएंगे। मंडल के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत आदि जनपदों में विकास कार्य चल रहे हैं। सभी विधायकों ने 25 करोड़ के मंदिर और ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव भेजे हैं।

 

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National Tourism Day: Ancient temples, historical sites of the West will attract tourists
औघड़नाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम उप्र के ऐतिहासिक स्थल और प्राचीन मंदिर भी पर्यटकों के लिए दर्शनीय होंगे। सरकार ने ऐसे सभी मंदिर और स्थलों को सजाने संवारने का कार्य शुरू किया हुआ है। मेरठ मंडल में 11 से अधिक स्थानों पर सौंदर्यीकरण के कार्य चल रहे हैं वहीं क्षेत्रीय विधायकों ने पर्यटन विभाग के माध्यम से अपने- अपने क्षेत्र के एक या इससे अधिक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। ताकि पश्चिम उप्र भी पर्यटकों के लिए खास बना रहे।

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अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से उप्र पर्यटकों के लिए खास हो गया है। वैसे तो पश्चिम उप्र इतिहास के सभी पन्नों में अपना अहम स्थान रखता है। महाभारत कालीन सर्किट में हस्तिनापुर, बरनावा, किला परीक्षितगढ़, गगोल आदि हैं।
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धार्मिक स्थलों में भी शहर स्थित काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर, सदर स्थित बिल्लवेश्वरनाथ मंदिर, मनोहरनाथ मंदिर, जागृति विहार मंशादेवी मंदिर, नौचंदी मैदान में नवचंडी मंदिर, बागपत के पुरा में पुरा महादेव मंदिर और हिंडन किनारे अन्य कई मंदिर ऐतिहासिक हैं। सभी को पर्यटन के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है।

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मेरठ में गगोल तीर्थ स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य चल रहा है। एक करोड़ 51 लाख रुपये का बजट खर्च हो रहा है। पड़ोसी जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर स्थित ग्राम पंचायत पूठ और आलमनगर में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर पार्क, तालाब का सौंदर्यीकरण, बुलंदशहर ग्राम राजघाट गंगा तीर्थ, शिकारपुर के पांण्ड्रावल दौराहा स्थित अहिल्याबाई होल्कर चौक, शिकारपुर में ही अग्रसेन चौक, मीन भगवान चौक, स्याना के गांव सैदपुर में दादीजी के मंदिर, सिकंद्राबाद में भगवान श्री किशन तालाब मंदिर, ब्रजघाट में घाट, गाजियाबाद के मोदीनगर में ग्राम सीकरी खुर्द में मातारानी मंदिर, मुरादनगर में घूमेश्वर महादेव मंदिर, डासना मसूरी देवी मंदिर, पांचली में धनसिंह कोतवाल आर्ट गैलरी आदि पर कार्य चल रहा है।

विधायकों ने भी सौंपे हैं प्रस्ताव
मेरठ के हस्तिनापुर से राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने हस्तिनापुर में महाभारत कालीन गेट बनाने का प्रस्ताव दिया है। विधायक सोमेन्द्र तोमर ने जागृति विहार मंशादेवी मंदिर के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया है।

इनके अलावा बागपत से किशनपाल मलिक, बुलंदशहर से विधायक अनिल शर्मा, लक्ष्मीराज सिंह, मीनाक्षी सिंह, आचार्य योगेश शास्त्री ने अपने- अपने क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव शासन में भेजे हैं।
 
पर्यटकों के लिए मेरठ ही नहीं बल्कि पश्चिम उप्र में बहुत संभावनाएं हैं। सहारनपुर में शाकंभरी देवी मंदिर, मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ, हस्तिनापुर, गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर सभी जनपदों में ऐतिहासिक और धामिक स्थल हैं।

गढ़मुक्तेश्वर का 75 करोड़ से विकास होना है। मेरठ मंडल के जनपदों में एक दर्जन से अधिक स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर से बड़ी योजनाएं बनायी जा रही है। - प्रीति श्रीवास्तव, जिला पर्यटन अधिकारी

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