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विवि के नियमों के फेर में भटक रहे नेशनल खिलाड़ी

Thu, 17 Dec 2020 01:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 01:38 AM IST
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National players are wandering around the rules of the University
बॉक्सिंग के नेशनल खिलाड़ी को दिया बड़ौत का कॉलेज, मेरठ कॉलेज में खाली पड़ी सीटें
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। खेल कोटे की सीटें खाली होने के बावजूद नेशनल खिलाड़ियों को उनकी सहूलियत के मुताबिक कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल रहा हैं। यह सब हो रहा है चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नियमों के कारण जिसके चलते कई नेशनल खिलाड़ी भटक रहे हैं। विवि अधिकारी इसे शासन के नियम बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
कुराली गांव निवासी बॉक्सिंग खिलाड़ी सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें शासन की तरफ से कैलाश प्रकाश हॉस्टल आवंटित हुआ है। सतीश कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने बताया कि विवि द्वारा उन्हें बड़ौत का कॉलेज आवंटित किया गया है। वे कैलाश प्रकाश हॉस्टल में रहते हैं, ऐसे में बड़ौत में एडमिशन ले लेंगे तो प्रैक्टिस कैसे करेंगे।
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सतीश ने बताया कि मेरठ कॉलेज में खेल कोटे से सीटे खाली हैं, लेकिन कॉलेज का कहना है कि ये सीटें एससी-एसटी कोटे की हैं, इन सीटों पर खिलाड़ी नहीं आएंगे तो ये सीटें सामान्य छात्रों को दी जाएंगी, लेकिन उन्हें यहां दाखिला नहीं मिल सकता।
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इसी तरह वंशिका चौधरी ने बताया कि वे कबड्डी खिलाड़ी हैं, उन्हें एनएएस कॉलेज में दाखिला मिला है पर यहां पर दूसरी खिलाड़ी नहीं हैं। ऐसे में वे मेरठ कॉलेज में दाखिला लेना चाहती हैं। वहां सीटें भी खाली है, लेकिन विभाग से अनुमति मिलने के बावजूद विवि के अफसर मंजूरी नहीं दे रहे हैं।

छात्रों को कर रहे परेशान, अपनों पर मेहरबान
खिलाड़ियों की इस परेशानी को विवि के अफसर शासन का नियम बताकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं, लेकिन यही अफसर भ्रष्टाचार के मामले में फंसे शिक्षकों पर मेहरबान हैं। कई शिक्षकों की गलत नियुक्तियां हुई हैं, कई ने अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया है, लेकिन आरोप साबित होने के बावजूद भी जांच पर जांच कराने के नाम पर मामलों को दबाया जा रहा है।
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