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राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी को गला घोंटकर मारा, दुष्कर्म की भी आशंका
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राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी को गला घोंटकर मारा, दुष्कर्म की भी आशंका
बिजनौर। शहर में रेलवे स्टेशन के सामने और खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी की उसके दुपट्टे से ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उनके साथ मारपीट भी की गई, युवती की नाक से खून बह रहा था और एक दांत भी टूटा हुआ, इससे प्रतीत हो रहा है कि उन्होंने घटना का पूरजोर विरोध किया। दुष्कर्म के दौरान या दुष्कर्म की विरोध करने पर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
कोतवाली शहर से मात्र 300 मीटर की दूरी पर यह घटना हुई। घटना स्थल कोतवाली क्षेत्र का है या जीआरपी का, घंटों पुलिस इसमें उलझी रही। युवती (24) रेलवे स्टेशन के पास स्थित सर्वोदय कालोनी की रहने वाली थी। वह 2016 में बिहार की ओर से महाराष्ट्र में हुई खो-खो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। वर्धमान कॉलेज में पढ़ाई के दौरान भी वह अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में भाग ले चुकी थी। इस समय वह पौड़ी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से बीपीएड कर रही थी और शुक्रवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे घर से साक्षात्कार देने के लिए निकली थी। दोपहर करीब दो बजे उसकी ताई रीता किसी काम से रेलवे स्टेशन सामने रखे स्लीपर गार्डर के बीच से होकर निकल रही थी, तब उन्होंने युवती को लहूलुहान हालत में देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डॉग स्क्वाड से भी जांच कराई।
खूब लड़ी, पर दरिंदों से हार गई
बिजनौर। खो खो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी युवती ने हत्यारों से यूं ही हार नहीं मानी। उसने खूब संघर्ष किया, जिसकी गवाही उसकी नाक से बहता खून और टूटा हुआ दांत दे रहा है। हालांकि इस संघर्ष के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गई।
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शहर की एक कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय युवती खो खो की बेहतरीन खिलाड़ी रही। इस कारण उसे एक दंरिदे द्वारा काबू करने की बात पर विश्वास ही नहीं किया जा सकता। घटना स्थल पर युवती जब परिजनों को मिली तो उसकी नाक से खून बह रहा था। चेहरे और कपड़ों पर खून के छींटे लगे हुए थे। उसके साथ इतनी मारपीट हुई की उसका एक दांत भी टूटा हुआ था। उसी के दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया गया। इससे यही अंदाजा लग रहा है कि हत्यारों के साथ युवती भिड़ गई थी और उसके विरोध करने पर दरिंदों ने उसके साथ मारपीट की। जहां युवती की लाश मिली, उसके पास से होकर ही युवती की कॉलोनी के लोग आते जाते रहते हैं। दोपहर करीब दो बजे जब युवती की ताई उधर से गुजरी तो उसने उसे कुछ दूर स्लीपर गार्डर के बीच पड़े देखा। जिसे देखते ही उसके होश उड़ गए। जैसे तैसे उसने परिवार को सूचना दी, तो तुरंत परिजनों के साथ वहां भीड़ लग गई। जहां युवती का शव मिला, उसका बैग भी पास में ही पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना स्थल के पास नशीले इंजेक्शनों के रेपर, सिरींज पड़ी हुई थी। एक टिफिन भी मिलना बताया जा रहा है, जिसमें कुछ खाना भी था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां बैठने वाले कुछ लोगों का हाथ हत्या में हो सकता है। वहीं नशेड़ी भी इस घटना को अंजाम दे सकते हैैं।
हत्या के घंटों बाद तक रिपोर्ट दर्ज न होना दुर्भाग्यपूर्ण
खो खो की नेशनल खिलाड़ी की हत्या के मामले में शाम तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। रिपोर्ट दर्ज करने का मामला सीमा विवाद में उलझ कर रह गया। कोतवाली पुलिस इसे जीआरपी का एवं जीआरपी से कोतवाली पुलिस का कार्य क्षेत्र बताकर पल्ला झाड़ रही है। बबली के परिजन परेशान है कि रिपोर्ट कैसे दर्ज हो।
दोपहर करीब दो बजे उसकी ताई जब किसी काम से रेलवे स्टेशन सामने रखे स्लीपर गार्डर के बीच से होकर निकल रही थी तो उसे किसी की कराहट की आवाज सुनाई दी। उसने पास जाकर देखा तो युवती वहां लहूलुहान हालत में पड़ी थी। उसके कपड़े अस्तव्यस्त थे। परिजनों को जब इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। परिजनों की माने तो तब तक लग रहा था कि उसकी सांस चल रही है, वह उसे बीना प्रकाश हॉस्पिटल ले आए। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी नाक से खून बह रहा था और एक दांत टूटा हुआ था। उसके साथ रेप या रेप का प्रयास होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में परिजन दर दर की भटक रहे है। अधिवक्ताओं केडी सिंह, राजेंद्र सिंह, दिपेंद्र सिंह, सूर्य कुमार के अनुसार परिजन जिस थाने में चाहें रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं अगर यह घटना स्थल रिपोर्ट दर्ज करने वाले थाने क्षेत्र से बाहर है तो इस रिपोर्ट को संबधित थाने को विवेचना के लिए भेजा जा सकता है।
लॉक डाउन में चली गई थी नौकरी, इंटरव्यू देने गई थी
युवती के भाई ने बताया कि बहन जीजीआईसी में संविदा पर खेल प्रशिक्षक थी। कोरोनाकाल में लॉकडाउन लगा तो उसकी नौकरी चली गई। अब उसे जब जरूरत होती थी तो उसे बुला लिया जाता था, लेकिन वह नौकरी तलाश रही थी। वह घर से जीजीआईसी और एक प्राइवेट कॉलेज में इंटरव्यू देने जाने की बात कहते हुए अपनी सभी डॉक्यूमेंट लेकर निकली थी। उन्होंने पता किया तो पता चला कि वह डेढ़ बजे इंटरव्यू देकर घर लौट रही थी। घर के पास आने के बाद ही किसी ने इस घटना को अंजाम दिया। युवती अपने चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन की शादी होने के बाद वह अपने ऊपर काफी जिम्मेदारी मानती थी और पिता का हाथ बंटा रही थी। उसके पिता शुगर मिल में राज मिस्त्री का काम करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा चलता था।
सीमा विवाद में उलझा मामला
जहां नेशनल खिलाड़ी की हत्या होने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई, वहीं कोतवाली शहर पुलिस और पुलिस अधिकारी सीमा जीआरपी क्षेत्र में होने के चलते जांच के नाम पर खानापूर्ति करते नजर आए। हालांकि डॉग स्क्वायड और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन मामला जीआरपी क्षेत्र का होना बताकर कुछ देर बाद ही वहां से चले आए। हालात यह रहे कि न तो जीआरपी अधिकारी कई घंटे बाद तक इसमें कुछ पड़ताल कर सके और सिविल पुलिस अपना पल्ला झाड़कर वहां से चली आई। डीआईजी शलभ माथुर शुक्रवार को जिले में ही थे। दोपहर के समय मुख्यालय पर कुछ पुलिस अफसरों के साथ बैठके भी हुई। शाम को निरीक्षण हुआ। ऐसे में जहां एक ओर पूरा पुलिस अमला जिला मुख्यालय पर जमा हुआ था, दूसरी ओर नेशनल खिलाड़ी की हत्या ने सनसनी फैला दी। इस हत्या ने शहर में पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए।
मोबाइल फोन गायब, पैसों का पता नहीं
युवती के भाई ने बताया कि हमें यह तो नहीं पता कि बहन के पास कितने पैसे थे, लेकिन उसे कुछ दिन पहले ही एक पुराना मोबाइल दिलाया गया था। घटना के बाद उसके पास से वह मोबाइल गायब है। आशंका है कि हत्या करने वालों ने वह मोबाइल लूट लिया होगा।
बिहार टीम में हुआ था चयन : मुकुल
खो खो संघ के जिला सचिव मुकुल जटलान ने बताया कि युवती खो खो की बेहतरीन खिलाड़ी थी। उसकी इसी प्रतिभा के चलते उसका चयन बिहार टीम में हो गया था। उसने वर्ष 2016 में बिहार की ओर से महाराष्ट्र के सोलापुर में प्रतियोगिता खेली थी। इससे पहले वह वर्धमान कॉलेज में पढ़ते समय इंटर यूनिवर्सिटी गेम भी खेली है। उन्होंने कहा कि वह उसकी हत्या से वह आहत हैं और कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।
एक या दो के बसकी बात नहीं: भाई
युवती के छोटे भाई ने घटना स्थल पर रोते रोते बताया कि उसकी बहन बहादुर थी। वह खिलाड़ी थी, इसलिए एक या दो लोगों के काबू में नहीं आती। उसने कहा कि वह तो चार पर भी भारी पड़ सकती थी। उसे विश्वास नहीं होता कि उसकी बहन की निर्ममता से हत्या कर दी गई। उसने हत्यारों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई।
घटना की सूचना पर कोतवाली शहर पुलिस को भेजा गया था। यह मामला जीआरपी क्षेत्र का है, इसलिए उसी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। डाग स्क्वायड टीम और कोतवाली शहर पुलिस को भेजकर मामले की जांच कराई गई थी।
- डा.धर्मवीर सिंह, एसपी, बिजनौर
जब मुझे घटना का पता चला तो मैं टीम के साथ बिजनौर के लिए रवाना हो गया। शाम के समय यहां पहुंचा हूं। अभी हम ही मुकदमा दर्ज कर रहे हैं।
- सरवेज खां, जीआरपी प्रभारी
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे
सीसीटीवी कैमरों के मुताबिक दोपहर 11:46 बजे युवती जाती दिखाई दी है। इसके बाद करीब 01:46 बजे वह आती हुई दिखाई दे रही है। उसके साथ न जाते समय कोई व्यक्ति है और न ही आते समय दिखाई दे रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है। युवती घटना लौटते समय हुई है। उधर, शाम के समय सामाजिक संगठनों के एकत्रित होने के बाद एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीओ सिटी कुलदीप सिंह फोर्स के साथ जीआरपी थाने पहुंचे और परिजनों से बात की। परिजनों की तहरीर पर जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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बिजनौर। शहर में रेलवे स्टेशन के सामने और खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी की उसके दुपट्टे से ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उनके साथ मारपीट भी की गई, युवती की नाक से खून बह रहा था और एक दांत भी टूटा हुआ, इससे प्रतीत हो रहा है कि उन्होंने घटना का पूरजोर विरोध किया। दुष्कर्म के दौरान या दुष्कर्म की विरोध करने पर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
कोतवाली शहर से मात्र 300 मीटर की दूरी पर यह घटना हुई। घटना स्थल कोतवाली क्षेत्र का है या जीआरपी का, घंटों पुलिस इसमें उलझी रही। युवती (24) रेलवे स्टेशन के पास स्थित सर्वोदय कालोनी की रहने वाली थी। वह 2016 में बिहार की ओर से महाराष्ट्र में हुई खो-खो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। वर्धमान कॉलेज में पढ़ाई के दौरान भी वह अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में भाग ले चुकी थी। इस समय वह पौड़ी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से बीपीएड कर रही थी और शुक्रवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे घर से साक्षात्कार देने के लिए निकली थी। दोपहर करीब दो बजे उसकी ताई रीता किसी काम से रेलवे स्टेशन सामने रखे स्लीपर गार्डर के बीच से होकर निकल रही थी, तब उन्होंने युवती को लहूलुहान हालत में देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डॉग स्क्वाड से भी जांच कराई।
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बिजनौर। खो खो की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी युवती ने हत्यारों से यूं ही हार नहीं मानी। उसने खूब संघर्ष किया, जिसकी गवाही उसकी नाक से बहता खून और टूटा हुआ दांत दे रहा है। हालांकि इस संघर्ष के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गई।
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शहर की एक कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय युवती खो खो की बेहतरीन खिलाड़ी रही। इस कारण उसे एक दंरिदे द्वारा काबू करने की बात पर विश्वास ही नहीं किया जा सकता। घटना स्थल पर युवती जब परिजनों को मिली तो उसकी नाक से खून बह रहा था। चेहरे और कपड़ों पर खून के छींटे लगे हुए थे। उसके साथ इतनी मारपीट हुई की उसका एक दांत भी टूटा हुआ था। उसी के दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया गया। इससे यही अंदाजा लग रहा है कि हत्यारों के साथ युवती भिड़ गई थी और उसके विरोध करने पर दरिंदों ने उसके साथ मारपीट की। जहां युवती की लाश मिली, उसके पास से होकर ही युवती की कॉलोनी के लोग आते जाते रहते हैं। दोपहर करीब दो बजे जब युवती की ताई उधर से गुजरी तो उसने उसे कुछ दूर स्लीपर गार्डर के बीच पड़े देखा। जिसे देखते ही उसके होश उड़ गए। जैसे तैसे उसने परिवार को सूचना दी, तो तुरंत परिजनों के साथ वहां भीड़ लग गई। जहां युवती का शव मिला, उसका बैग भी पास में ही पड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना स्थल के पास नशीले इंजेक्शनों के रेपर, सिरींज पड़ी हुई थी। एक टिफिन भी मिलना बताया जा रहा है, जिसमें कुछ खाना भी था। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां बैठने वाले कुछ लोगों का हाथ हत्या में हो सकता है। वहीं नशेड़ी भी इस घटना को अंजाम दे सकते हैैं।
हत्या के घंटों बाद तक रिपोर्ट दर्ज न होना दुर्भाग्यपूर्ण
खो खो की नेशनल खिलाड़ी की हत्या के मामले में शाम तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। रिपोर्ट दर्ज करने का मामला सीमा विवाद में उलझ कर रह गया। कोतवाली पुलिस इसे जीआरपी का एवं जीआरपी से कोतवाली पुलिस का कार्य क्षेत्र बताकर पल्ला झाड़ रही है। बबली के परिजन परेशान है कि रिपोर्ट कैसे दर्ज हो।
दोपहर करीब दो बजे उसकी ताई जब किसी काम से रेलवे स्टेशन सामने रखे स्लीपर गार्डर के बीच से होकर निकल रही थी तो उसे किसी की कराहट की आवाज सुनाई दी। उसने पास जाकर देखा तो युवती वहां लहूलुहान हालत में पड़ी थी। उसके कपड़े अस्तव्यस्त थे। परिजनों को जब इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। परिजनों की माने तो तब तक लग रहा था कि उसकी सांस चल रही है, वह उसे बीना प्रकाश हॉस्पिटल ले आए। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी नाक से खून बह रहा था और एक दांत टूटा हुआ था। उसके साथ रेप या रेप का प्रयास होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में परिजन दर दर की भटक रहे है। अधिवक्ताओं केडी सिंह, राजेंद्र सिंह, दिपेंद्र सिंह, सूर्य कुमार के अनुसार परिजन जिस थाने में चाहें रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं अगर यह घटना स्थल रिपोर्ट दर्ज करने वाले थाने क्षेत्र से बाहर है तो इस रिपोर्ट को संबधित थाने को विवेचना के लिए भेजा जा सकता है।
लॉक डाउन में चली गई थी नौकरी, इंटरव्यू देने गई थी
युवती के भाई ने बताया कि बहन जीजीआईसी में संविदा पर खेल प्रशिक्षक थी। कोरोनाकाल में लॉकडाउन लगा तो उसकी नौकरी चली गई। अब उसे जब जरूरत होती थी तो उसे बुला लिया जाता था, लेकिन वह नौकरी तलाश रही थी। वह घर से जीजीआईसी और एक प्राइवेट कॉलेज में इंटरव्यू देने जाने की बात कहते हुए अपनी सभी डॉक्यूमेंट लेकर निकली थी। उन्होंने पता किया तो पता चला कि वह डेढ़ बजे इंटरव्यू देकर घर लौट रही थी। घर के पास आने के बाद ही किसी ने इस घटना को अंजाम दिया। युवती अपने चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन की शादी होने के बाद वह अपने ऊपर काफी जिम्मेदारी मानती थी और पिता का हाथ बंटा रही थी। उसके पिता शुगर मिल में राज मिस्त्री का काम करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा चलता था।
सीमा विवाद में उलझा मामला
जहां नेशनल खिलाड़ी की हत्या होने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई, वहीं कोतवाली शहर पुलिस और पुलिस अधिकारी सीमा जीआरपी क्षेत्र में होने के चलते जांच के नाम पर खानापूर्ति करते नजर आए। हालांकि डॉग स्क्वायड और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन मामला जीआरपी क्षेत्र का होना बताकर कुछ देर बाद ही वहां से चले आए। हालात यह रहे कि न तो जीआरपी अधिकारी कई घंटे बाद तक इसमें कुछ पड़ताल कर सके और सिविल पुलिस अपना पल्ला झाड़कर वहां से चली आई। डीआईजी शलभ माथुर शुक्रवार को जिले में ही थे। दोपहर के समय मुख्यालय पर कुछ पुलिस अफसरों के साथ बैठके भी हुई। शाम को निरीक्षण हुआ। ऐसे में जहां एक ओर पूरा पुलिस अमला जिला मुख्यालय पर जमा हुआ था, दूसरी ओर नेशनल खिलाड़ी की हत्या ने सनसनी फैला दी। इस हत्या ने शहर में पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए।
मोबाइल फोन गायब, पैसों का पता नहीं
युवती के भाई ने बताया कि हमें यह तो नहीं पता कि बहन के पास कितने पैसे थे, लेकिन उसे कुछ दिन पहले ही एक पुराना मोबाइल दिलाया गया था। घटना के बाद उसके पास से वह मोबाइल गायब है। आशंका है कि हत्या करने वालों ने वह मोबाइल लूट लिया होगा।
बिहार टीम में हुआ था चयन : मुकुल
खो खो संघ के जिला सचिव मुकुल जटलान ने बताया कि युवती खो खो की बेहतरीन खिलाड़ी थी। उसकी इसी प्रतिभा के चलते उसका चयन बिहार टीम में हो गया था। उसने वर्ष 2016 में बिहार की ओर से महाराष्ट्र के सोलापुर में प्रतियोगिता खेली थी। इससे पहले वह वर्धमान कॉलेज में पढ़ते समय इंटर यूनिवर्सिटी गेम भी खेली है। उन्होंने कहा कि वह उसकी हत्या से वह आहत हैं और कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।
एक या दो के बसकी बात नहीं: भाई
युवती के छोटे भाई ने घटना स्थल पर रोते रोते बताया कि उसकी बहन बहादुर थी। वह खिलाड़ी थी, इसलिए एक या दो लोगों के काबू में नहीं आती। उसने कहा कि वह तो चार पर भी भारी पड़ सकती थी। उसे विश्वास नहीं होता कि उसकी बहन की निर्ममता से हत्या कर दी गई। उसने हत्यारों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई।
घटना की सूचना पर कोतवाली शहर पुलिस को भेजा गया था। यह मामला जीआरपी क्षेत्र का है, इसलिए उसी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। डाग स्क्वायड टीम और कोतवाली शहर पुलिस को भेजकर मामले की जांच कराई गई थी।
- डा.धर्मवीर सिंह, एसपी, बिजनौर
जब मुझे घटना का पता चला तो मैं टीम के साथ बिजनौर के लिए रवाना हो गया। शाम के समय यहां पहुंचा हूं। अभी हम ही मुकदमा दर्ज कर रहे हैं।
- सरवेज खां, जीआरपी प्रभारी
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे
सीसीटीवी कैमरों के मुताबिक दोपहर 11:46 बजे युवती जाती दिखाई दी है। इसके बाद करीब 01:46 बजे वह आती हुई दिखाई दे रही है। उसके साथ न जाते समय कोई व्यक्ति है और न ही आते समय दिखाई दे रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है। युवती घटना लौटते समय हुई है। उधर, शाम के समय सामाजिक संगठनों के एकत्रित होने के बाद एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीओ सिटी कुलदीप सिंह फोर्स के साथ जीआरपी थाने पहुंचे और परिजनों से बात की। परिजनों की तहरीर पर जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।