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नरेंद्र के परिवार को 50 लाख, नौकरी दे सरकार: अखिलेश  

Fri, 11 May 2018 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 11 May 2018 01:18 AM IST
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narender ke parivaar ko 50 laakh
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरठ के मवाना निवासी नरेंद्र गुर्जर के परिवार को 50 लाख रुपये, मकान और एक परिवार के व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। आरोप लगाया कि नरेंद्र को गोकशी के फर्जी आरोप में पुलिस ने हिरासत में लेकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। एनकाउंटर वाली सरकार ने न्याय की जिम्मेदारी पुलिस को दे दी तो कोई बचेगा नहीं। पुलिस भय का माहौल बना रही है। 
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 अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को सपा मुख्यालय में नरेंद्र गुर्जर प्रकरण को लेकर मीडिया से मुखातिब थे। इस मौके पर नरेंद्र के परिजनों की मौजूदगी में सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मवाना थाना क्षेत्र निवासी नरेंद्र गुर्जर को गोकशी के फर्जी केस में फंसाया गया। उसे हिरासत में लेकर बेरहमी से इतना पीटा कि उसकी जेल में मौत हो गई। कहा, नरेंद्र गुर्जर का परिवार मुझसे दिल्ली में मिला था। परिवार में एक विकलांग भाई है। पुलिस ने नरेंद्र के नाखून उखाड़ दिए, उसके गुप्तांगों में गंभीर चोट आई थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हस्तिनापुर के भाजपा विधायक के कहने पर पुलिस ये सब कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग परिवार के पास है, जो सच बयां कर रही है। सपा अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये और एक मकान देने के साथ ही परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। 
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हस्तिनापुर के विधायक पर साजिश रचने का आरोप
इस दौरान नरेंद्र के दिव्यांग भाई जितेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर के विधायक दिनेश खटीक के कहने पर मेरठ पुलिस कार्य कर रही है। उनका भाई नरेंद्र गुर्जर गाड़ी चलाता था। 21 अप्रैल को भाड़ा बुक करके वह गाय लादकर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने दबिश डाली और उसे पकड़लिया। इसके बाद हिरासत में रखकर बेरहमी से मारा-पीटा और फिर जेल भेज दिया। जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वीडियो रिकार्डिंग में नरेंद्र के पूरी शरीर पर चोट के निशान हैं। खासतौर से नाखून उखाड़े गए, गुप्तांग पर मारा गया। आरोप है कि मवाना  पुलिस ने 30 हजार रुपये की घूस मांगी थी। न देने पर उनके भाई को मार दिया गया। भाजपा के चारों विधायक और सांसद उन्हें धमकी देते हैं। जब उन्होंने अनशन शुरू किया तो पुलिस ने 12 बजे रात को उठा दिया। उनकी मां से सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से न मिलने का दबाव भी डाला गया।
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मुद्दे नहीं उठाओगे तो न्याय कैसे मिलेगा 
मोदीपुरम। नरेंद्र गुर्जर के परिजनों को सपा नेता अतुल प्रधान लखनऊ लेकर पहुंचे थे। इस दौरान अखिलेश यादव ने अतुल के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि अगर ऐसे मुद्दे नहीं उठाओगे तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा। बकौल अतुल प्रधान, सपा मुखिया ने परिवार को पार्टी फंड से 5.50 लाख रुपये की मदद दिलाने, दिव्यांग जितेंद्र को ई-रिक्शा दिलाने और सपा की सरकार आने पर सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया। इस दौरान नरेंद्र के पिता मलखान सिंह, मां मुन्नी देवी, भाई अमित, ममता, रियासत अली,  सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, गुड्डू चौधरी आदि भी मौजूद रहे। 


धरना जारी रहा
मोदीपुरम। नरेंद्र के परिजन बृहस्पतिवार को लखनऊ में थे, जबकि यहां डौरली में नरेंद्र के एक भाई धर्मेंद्र और रिश्तेदारों द्वारा धरना जारी रहा। धरने पर ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष शौकेंद्र भारद्वाज और नेहा गौड़ आदि मौजूद रहे। 
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