{"_id":"63da7b6dd0807e3ce1063ff7","slug":"na-meerut-news-c-14-1-mrt1048-100826-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: चार साल के रुद्र को गनप्वाइंट पर लेकर खंगाला मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: चार साल के रुद्र को गनप्वाइंट पर लेकर खंगाला मकान
विज्ञापन
मेरठ। किसान परमानंद त्यागी के मकान में डकैती डालने के मामले में सरधना पुलिस की लापरवाही भी उजागर हो गई। तीन महीने पहले डकैती के प्रयास की घटना पर पुलिस जाग जाती तो शायद बदमाश दोबारा हिम्मत न कर पाते। लापरवाही मिलने पर आईजी ने सरधना पुलिस को फटकार लगाई और गांव के बाहरी हिस्से में मकान की निगरानी करने के निर्देश दिए। बदमाशों ने 4 साल के मासूम रुद्र त्यागी को गनप्वाइंट पर लेकर मकान खंगाला।
पांच बदमाशों ने पहले परमानंद त्यागी को गनप्वाइंट पर लेकर ऊपरी मंजिल पर परिवार को बंधक बनाया। बदमाश बार-बार धमकी देते रहे कि नकदी व जेवरात कहां रखे है। पुत्रवधू ने दो जगह से 50 हजार रुपये और कुछ जेवरात उठाकर बदमाशों को दे दिए, जिस पर बदमाश चिल्लाने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने चार साल के मासूम रूद्र को उठाया और उसकी कनपटी पर पिस्टल लगा दी। जिस पर परिवार बदमाशों के सामने गिड़गिड़ाने लगा। परमानंद और उनकी पुत्रवधू ने बदमाशों से कहां कि घर का सारा सामान ले जाओ, लेकिन रूद्र को छोड़ दो। बेटे सतीश की मौत के बाद पोता रूद्र ही परिवार का इकलौता वारिस है। परिवार दहशत में आ गया। जिसके बाद बदमाश अलग-अलग कमरों में सामान ढूंढने लग गए। पूरा परिवार कमरे में बंद कर दिया। मंगलवार सुबह पुलिस अधिकारी पहुंचे तो पीड़ित परिवार के चेहरे पर डर दिखाई दे रहा था। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि बदमाशों को गिरफ्तार करेंगे व उनको सबक भी सिखाएंगे। आईजी ने घटनास्थल के बाद थाने पहुंचे और लाइसेंस व रजिस्टरों का निरीक्षण किया। थाने में जमा शस्त्र लाइसेंस के भौतिक सत्यापन व ब्योरा दुरुस्त रखने के लिए कहा।
प्रयास पर जाग जाती तो नहीं होती घटना
परमानंद ने बताया कि उनका मकान गांव के बाहरी हिस्से में बना हुआ है। इसको देखते उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। बताया कि तीन महीने पहले भी बदमाश रेकी के बाद मकान में धावा बोलने का प्रयास किया था। घर के बाहर गाड़ियों में पंचर की दुकान करने वाले गजे सिंह ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी थी। हलका इंचार्ज विजयपाल सोलंकी को दी गई थी। उन्होंने मामले को सिर्फ मारपीट की धाराओं में दर्ज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच बदमाशों ने पहले परमानंद त्यागी को गनप्वाइंट पर लेकर ऊपरी मंजिल पर परिवार को बंधक बनाया। बदमाश बार-बार धमकी देते रहे कि नकदी व जेवरात कहां रखे है। पुत्रवधू ने दो जगह से 50 हजार रुपये और कुछ जेवरात उठाकर बदमाशों को दे दिए, जिस पर बदमाश चिल्लाने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने चार साल के मासूम रूद्र को उठाया और उसकी कनपटी पर पिस्टल लगा दी। जिस पर परिवार बदमाशों के सामने गिड़गिड़ाने लगा। परमानंद और उनकी पुत्रवधू ने बदमाशों से कहां कि घर का सारा सामान ले जाओ, लेकिन रूद्र को छोड़ दो। बेटे सतीश की मौत के बाद पोता रूद्र ही परिवार का इकलौता वारिस है। परिवार दहशत में आ गया। जिसके बाद बदमाश अलग-अलग कमरों में सामान ढूंढने लग गए। पूरा परिवार कमरे में बंद कर दिया। मंगलवार सुबह पुलिस अधिकारी पहुंचे तो पीड़ित परिवार के चेहरे पर डर दिखाई दे रहा था। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि बदमाशों को गिरफ्तार करेंगे व उनको सबक भी सिखाएंगे। आईजी ने घटनास्थल के बाद थाने पहुंचे और लाइसेंस व रजिस्टरों का निरीक्षण किया। थाने में जमा शस्त्र लाइसेंस के भौतिक सत्यापन व ब्योरा दुरुस्त रखने के लिए कहा।
विज्ञापन
प्रयास पर जाग जाती तो नहीं होती घटना
परमानंद ने बताया कि उनका मकान गांव के बाहरी हिस्से में बना हुआ है। इसको देखते उन्होंने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। बताया कि तीन महीने पहले भी बदमाश रेकी के बाद मकान में धावा बोलने का प्रयास किया था। घर के बाहर गाड़ियों में पंचर की दुकान करने वाले गजे सिंह ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी थी। हलका इंचार्ज विजयपाल सोलंकी को दी गई थी। उन्होंने मामले को सिर्फ मारपीट की धाराओं में दर्ज किया।
विज्ञापन