मुजफ्फरनगर दंगा 2013: प्रदेश सरकार ने लिया 18 मामले वापस लेना का फैसला
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शासन ने सितंबर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे के 18 मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही जनपद के अफसरों को इस संबंध में कोर्ट में अपील दायर करने के निर्देश दिए हैं। उक्त मुकदमे भौराकलां और फुगाना थाना क्षेत्र के हैं। एडीएम प्रशासन ने मुकदमे वापस लिए जाने की पुष्टि की है।
सात सितंबर 2013 को हुए सांप्रदायिक दंगे के मामले में भाजपा और भाकियू नेताओं ने फरवरी-2018 में राज्य सरकार से दंगे के 125 मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की थी। शासन ने इस बाबत डीएम-एसएसपी से मुकदमे वापस लिए जाने के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। डीएम-एसएसपी ने मुकदमे वापस लेने से इंकार कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार, शासन ने डीएम राजीव शर्मा को पत्र भेजकर उक्त मुकदमों में से 18 मुकदमे वापस लिए जाने की संस्तुति करते हुए कोर्ट में अपील दायर करने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि शासन ने मुकदमे वापस लेने के लिए कुल 13 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। उनके पास अभी सूची नहीं आई है, लेकिन एकल आदेश आने की जानकारी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव सिंह शर्मा का कहना है कि मुकदमे वापसी के लिए शासन का पत्र प्राप्त हो गया है। अब मुकदमे वापस लेने के लिए कोर्ट में अपील की जाएगी। इस संबंध में कोर्ट का फैसला ही अंतिम होगा।
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