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राकेश टिकैत बोले- ब्याज सहित गन्ना भुगतान न होने पर करेंगे बड़ा आंदोलन, पढ़िए पूरा अपडेट

Thu, 20 Aug 2020 10:21 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 20 Aug 2020 10:21 AM IST
सार

  • मिलों को बकाए के साथ करना होगा ब्याज का भुगतान : टिकैत 
  • गन्ने का एफआरपी 350 रुपये करे केंद्र सरकार : भाकियू

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Muzaffarnagar News: Rakesh Tikait says that if there is no cane payment including interest, there will be a big movement
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के दोघट कस्बे में प्रेसवार्ता के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान ब्याज सहित कराया जाए। भुगतान न होने पर किसान बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

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कस्बे में राजेंद्र चौधरी के आवास पर उन्होंने कहा कि गन्ना मिलें किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान समय पर नहीं कर रही हैं। भुगतान के लिए किसानों को बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा सरकार द्वारा 14 दिन में गन्ने का भुगतान नहीं करने पर किसान को परेशानी होती है। उन्होंने कहा 14 दिन के बाद ब्याज सहित भुगतान देना होगा।
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राकेश टिकैत ने कहा कि मिलों को किसान का एक-एक गन्ना लेना पड़ेगा। किसान के लिए गन्ना मिलों एवं गन्ना समितियों द्वारा एक पासबुक देनी होगी। जिसमें किसान के गन्ने का हिसाब होगा। उससे यह पता चलेगा कि 14 में दिन कितना भुगतान हुआ और बाद में कितना भुगतान किया गया है। टिकैत ने कहा 14 दिन बाद हुए भुगतान पर किसान भुगतान के साथ ब्याज लेकर रहेगा। इस मौके पर धर्मेंद्र, रामकुमार, देवेंद्र, मनोज, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार द्वारा गन्ना मूल्य के एफआरपी में दस रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने को भाकियू ने किसानों के साथ मजाक बताया है। भाकियू ने मांग की है कि केंद्र सरकार एफआरपी गन्ने पर बढ़ रही लागत के हिसाब से 350 रुपये क्विंटल करे। 

भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि केंद्र सरकार के दस रुपये एफआरपी बढ़ाने के निर्णय से भाकियू खुश नहीं है। केंद्र ने दो साल बाद एफआरपी में दस रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 285 रुपये किया है। किसान की इस बीच एक क्विंटल गन्ना पर 50 रुपये लागत बढ़ चुकी है। केंद्र सरकार ये बताए कि दस रुपये बढ़ाने के पीछे उसका क्या फार्मूला है।

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