पत्नी की हत्या कर खुद भी जहर खाया, मां को तड़पता देख कांप उठे मासूम
महिला की चाकू से प्रहार कर हत्या कर खुद पति ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। आरोपी ने चाकू से अपने हाथ की नस भी काट ली। मां को बचाने आए मासूम बेटे पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया। वारदात को अंजाम चरित्रहीनता के शक में दी गई है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि घायल पति और उसके बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां से हमलावर पति को गंभीरावस्था में हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतका के पिता की ओर से आरोपी दामाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। मोहल्ला खालापार निवासी नौशाद पुत्र सिराज का निकाह खालापार के ही जहांगीर की पुत्री सितारा से हुआ था। नौशाद के चार बच्चे (13) मुस्कान, बेटा जैद (12), मन्नो (7), सना (6) और हिब्जा साढ़े चार साल की बेटी है। पुलिस के मुताबिक नौशाद पहले खालापार में किराए के मकान में रहता था। करीब 15 दिन पहले मृतका की मौसी बिलकिश उसे परिवार समेत मल्हूपुरा ले आई।
शनिवार सुबह नौशाद शहर में कुछ कार्य के लिए आया और दोपहर घर पहुंचा। दोपहर करीब एक बजे नौशाद और सितारा में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। झगड़ा बढ़ा तो नौशाद के सिर पर खून सवार हो गया। नौशाद ने जेब से चाकू निकाल कर सितारा के पेट में कई वार किए। लहूलुहान सितारा की चीख-पुकार सुनकर भीतर कमरे में सो रहा उसका बेटा जैद दौड़कर पहुंचा। जैद ने किसी तरह से मां को हमलावर पिता से बचाने की कोशिश की, तो नौशाद ने उस पर भी चाकू से हमला कर लहूलुहान कर दिया। इसी बीच नौशाद ने जहर खाकर कर चाकू से अपने हाथ की नस काट ली। मां-पिता को तड़पता देखकर बच्चों ने गली में आकर शोर मचाया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर सिविल लाइन जीसी शर्मा मयफोर्स के मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की पड़ोसियों से जानकारी ली। पुलिस ने लहूलुहान सितारा और नौशाद को स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां पर चिकित्सकों ने सितारा को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्राथमिक उपचार के बाद नौशाद को गंभीर अवस्था में मेरठ मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। मृतका के पिता जहांगीर ने आरोपी दामाद नौशाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने बताया कि नौशाद अपनी पत्नी सितारा के चरित्र पर शक करता था, इसको लेकर ही दोनों में विवाद रहता था। शनिवार को नौशाद ने हत्या कर खुद भी जान देने की कोशिश की है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, उसके आधार पर ही जांच-पड़ताल की जा रही है।
अम्मी को मार दिया, अब हमारा क्या होगा
मल्हूपुरा के जिस मकान में नौशाद परिवार के साथ रह रहा था, वह उसके रिश्तेदार हैं। नौशाद के साथ ही सितारा की मौसी बिलकिश भी रहती है। बिलकिश को कोई औलाद नहीं है, इसी को लेकर नौशाद के बच्चों, परिवार से उसे लगाव हो गया। दो मिनट में हंसती खेलती जिंदगी का अंत हो गया। मासूम पांचों बच्चे सवाल कर रहे हैं, पापा अम्मी को मार दिया, अब हमारा क्या होगा। पांच बच्चों में सबसे बड़ी बेटी मुस्कान 13 साल की है। छोटा भाई जैद और बाकी बहनें भी कम उम्र हैं। सना, हिब्जा, मन्नो को तो मालूम ही नहीं है, उनके साथ क्या हुआ है।
इतना जरूर बोलीं कि पापा ने मां के पेट में चाकू मारे हैं। इस कत्ल में कोई नहीं, उनका पिता ही गुनहगार बना है। मां के कत्ल का गवाह बेटा जैद हत्याकांड को देखकर भयभीत है। कहता है कि पापा सुबह 10 बजे घर से गए थे, जो दोपहर को लौट आए। अम्मी ने पूछा क्या खाया है, तो बताया कि पैर की दवाई है। अम्मी ने सही से बताने के लिए कहा तो चाकू निकाल कर पेट में घोंप दिया। एक-एक कर कई वार किए। मरणासन्न सितारा आखिर वक्त तक अपना कसूर पूछती रही, लेकिन नौशाद को रहम नहीं आया। बच्चों की सिसकियां और छलकते आंसू मां की मौत का गम बच्चों के चेहरों पर साफ जाहिर कर रहे हैं। हर पल एक ही सवाल कर रहा है कि पापा अम्मी को तो मार दिया, अब हमारा क्या होगा। हम किसके सहारे रहेंगे। मौसी बिलकिश का भी रो-रो कर बुरा हाल है। पांचों बहन-भाई तस्मिया स्कूल में पढ़ते हैं।
सितारा को तड़पता देख कांप गए बच्चे
शनिवार सुबह सोकर उठे बच्चों को बिल्कुल भरोसा नहीं था कि उनका पिता हैवान भी बन सकता है। मामूली बात पर ही बच्चों से उनकी मां को सदा के लिए छीनकर बेसहारा कर दिया। इतना ही नहीं नौशाद खुद भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मोहल्ले वाले भी इस हत्याकांड से सकते में हैं। खालापार में किराए के मकान में गुजारा नहीं होने के कारण नौशाद सितारा की मौसी बिलकिश के मोहल्ला मल्हूपुरा गली नंबर आठ में रहने के लिए राजी हो गया। दो कमरे के मकान में बरामदा, गैलरी सब है।
परिवार के रहने लायक मकान मिलने से दंपति के साथ बच्चे भी खुश थे। शुक्रवार रात खाना खाया और परिवार के साथ सो गया। पांच बच्चों की जिंदगी में शनिवार का सूरज उजाले के बजाए अंधेरा बनकर छाएगा। शनिवार सुबह तक सब ठीक था, लेकिन दिन गुजरा तो मातम और गमों का पहाड़ इंतजार कर रहा था। सिर पर खून सवार घर में घुसा नौशाद कत्ल के इरादे से ही पहुंचा था, जिसने पत्नी की जान ले ली। बेटे पर भी हमला किया, लेकिन पिता का ऐसा खौफनाक चेहरा देखकर बच्चे भी भाग निकले, नहीं तो नौशाद इन्हें भी मार डालता। वहीं, मासूम बेटियां और घायल बेटा पिता की करतूत को बताते हुए सुबक पड़े। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर बच्चे पूरी तरह से भयभीत हैं।
छह माह की उम्र में आरोपी के मां की हो गई थी मौत
छह माह की उम्र में ही नौशाद के सिर से बीमारी ने मां जाहिदा का साया छीन लिया था। पिता सिराज ने दूसरा निकाह किया। अब उसके पिता और अन्य सौतेले भाई कहां रहते हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।