मुजफ्फरनगर: प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में पांच दोषी करार, दस वर्ष पहले कैराना में हुआ था मर्डर
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शामली जिले के कैराना कोतवाली पर गांव हैदरपुर मवी निवासी शोरण सिंह पुत्र नंदू सिंह ने 16 जनवरी 2009 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपने पुत्र सतेन्द्र व जितेन्द्र तथा दोनो पुत्रवधू मुकेश व पिंकी के साथ शाम लगभग आठ बजे अपने घर में बैठा था।
उसके गांव के ही निवासी रामपाल , रामफल , प्रेम पुत्रगण नरसिंह तथा मदन ,मैनपाल पुत्रगण साहब सिंह ने दरवाजा खटखटाया। उसके बेटे सतेंद्र ने दरवाजा खोला, तभी सामने खड़े आरोपियों ने तमंचे से सतेंद्र को गोली मार दी, जिससे सतेंद्र की मौत हो गई।
सतेंद्र प्रापर्टी डीलर था तथा एक प्लाट की बिक्री का कमीशन आरोपियों पर बकाया था, इसी रंजिश में हत्या की गई। इस मुकदमे की सुनवाई जिला जज एसके पचौरी की अदालत में हुई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्यागी व प्राईवेट कौंसिल यशपाल सिंह ने कोर्ट में 11 गवाह और सबूत पेश किए। अभियुक्त रामपाल, रामफल, प्रेम, मदन और मैनपाल को हत्या करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है।
14 वर्ष का कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई
मुजफ्फरनगर अदालत ने चरस तस्कर को 14 वर्ष का कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। शहर के नई मंडी कोतवाली कोतवाली पर तैनात एसआई कालीचरण तोमर ने 28 फरवरी 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि जानसठ रोड फ्लाईओवर ब्रिज बाईपास पर चेकिंग के दौरान एक गाड़ी को चेक करते हुए अभियुक्त इरफान पुत्र वहीद निवासी मन्ना माजरा थाना कैराना को दो कट्टों में भरी 40 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया। न्यायाधीश ने अभियुक्त इरफान को चरस तस्करी करने का दोषी करार देते हुए 14 वर्ष का कारावास व एक लाख 50 हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है।
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