यूपी: दबिश के दौरान बुजुर्ग की मौत पर बवाल, इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज
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मुजफ्फरनगर में नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मखियाली में जिलाबदर युवक को पकड़ने के लिए दी गई दबिश के दौरान उसके पिता की हार्टअटैक से मौत होने पर बवाल हो गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गांव में हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस ने तड़के करीब 3.30 बजे युवक को ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में देकर विवाद थामने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार की सुबह लाश को हाईवे पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। बुधवार दोपहर नई मंडी इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्सीडेंटल डेथ का मुकदमा दर्ज होने पर ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मखियाली निवासी मोनू पुत्र मदनपाल के खिलाफ वर्ष 2013 में भोपा रोड स्थित एक फैक्टरी पर फायरिंग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसमें मोनू को कातिलाना हमले का आरोपी बनाया गया था।
पुलिस के मुताबिक इसी मामले में मोनू को बाद में जिलाबदर कर दिया गया था, जिसे पकड़ने के लिए मंगलवार देर रात करीब 11.30 बजे नई मंडी कोतवाली पुलिस ने तीन गाड़ियों के साथ उसके घर पर दबिश दी। परिजनों का आरोप है कि देर रात कई पुलिसकर्मी उनके कच्चे मकान की दीवार फांदकर भीतर घुस गए और मोनू की पिटाई कर दी।
पिता मदनपाल (60) और मां ओमवती ने बेटे को बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी हाथापाई की गई। इसके बाद मोनू का एनकाउंटर करने की धमकी देकर पुलिस की एक गाड़ी उसे लेकर गांव मुझेड़ा की तरफ चली गई। इकलौते बेटे के एनकाउंटर की धमकी व पुलिसकर्मियों की हाथापाई से बुजुर्ग मदनपाल अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास के लोग मदनपाल को भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर, मदनपाल के साथ हुई बदसलूकी व उसकी मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने लाश को हाईवे पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। आखिरकार घंटों हंगामे के बाद दोपहर करीब 12.15 बजे मोनू की तहरीर पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद लाश को मोर्चरी भेजा जा सका।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
मदनपाल के बेटे मोनू की तहरीर पर इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह, चौकी प्रभारी गांधीनगर अजय कुमार, सिपाही रतन और आठ-नौ अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी पुलिसकर्मियों को धारा 304-ए, 323, 504, 506 आईपीसी के तहत आरोपी बनाया गया है।
इन्होंने कहा--
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि गांव मखियाली निवासी मोनू पुत्र मदनपाल पंजीकृत गैंग का सदस्य है, जिसके खिलाफ नवंबर 2018 में जिलाबदर की कार्रवाई छह माह के लिए की गई थी। मेरे आदेश पर जिलेभर में जिलाबदर व वांछितों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चलाया गया था, जिसमें नई मंडी पुलिस भी मोनू की धरपकड़ के लिए गई थी। मदनपाल की मौत हार्टअटैक से हुई है, जिसकी पुष्टि उसके परिजन भी कर रहे हैं। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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