DGP ने किया नवनिर्मित अपराध शाखा भवन का लोकार्पण, कहा- भाजपा की सरकार में नहीं हुआ कोई दंगा
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पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओमप्रकाश सिंह ने भाजपा शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं। डीजीपी ने कहा कि भाजपा के पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान सूबे में कोई दंगा नहीं हुआ। डीजीपी ने कहा कि पुलिस महकमा सूबे की 23 करोड़ आबादी के हर व्यक्ति की सुरक्षा के प्रति संकल्पित है। डीजीपी ने जनपद के पुलिस, अभियोजन व न्यायपालिका के बीच स्थापित किए गए सामंजस्य को अपराध नियंत्रण के लिए बेहद प्रभावी बताते हुए इस व्यवस्था को सूबे में लागू करने की बात कही। इस दौरान डीजीपी ने अपराध शाखा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया।
वहीं, पुलिस के नए रंगरूटों की ट्रेनिंग में पिछड़ेपन के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए बहुत जल्द ही प्रदेश में खुद का ट्रेनिंग संस्थानों का स्थायी ढांचा खड़ा करने का भी दावा किया। वहीं, जनवरी-2019 में 51,920 नए पुलिसकर्मियों की भर्ती किए जाने की भी घोषणा की।
बुधवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित सभागार में समीक्षा बैठक के बाद डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सहारनपुर रेंज की पुलिस द्वारा किया गया क्राइम कंट्रोल शानदार है। उसमें भी क्राइम कंट्रोल में मुजफ्फरनगर की पुलिसिंग पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगी। डीजीपी ने कहा कि जनपद में पुलिस-प्रशासन, अभियोजन व न्यायपालिका के बीच बनाए गए बेहतर सामंजस्य से अपराधियों पर लगाम लगाई गई है। इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
डीजीपी ने भाजपा के डेढ़ साल के दौरान प्रदेश को पूरी तरह दंगामुक्त घोषित करते हुए कहा कि खाकी सूबे के हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। भविष्य में भी किसी भी दशा में दंगा नहीं होने दिया जाएगा। इसका अहसास देशभर के लोग विगत 25 नवंबर को अयोध्या में हुई धर्मसभा के दौरान पुलिस की तैयारियों व तैनाती को देख कर चुके हैं। डीजीपी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के भीतर डकैती में 44 फीसदी, लूट में 22, हत्या में छह, बलवा में नौ, फिरौती के लिए अपहरण में 36, दहेज हत्या में दो व बलात्कार की घटनाओं में नौ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पिछले डेढ़ साल के भीतर सूबे में सभी त्योहार शानदार लॉ एंड ऑर्डर के बूते सकुशल संपन्न कराए गए हैं, जिनमें कोई भी दंगा नहीं होना शानदार उपलब्धि है।
खत्म कर दिए गए हैं संगठित अपराध
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि सूबे से संगठित अपराध पूरी तरह से खत्म कर दिए गए हैं। वहीं, गली की गुंडागर्दी को भी अफसरों ने खत्म कर दिया है। यदि ऐसी कोई घटना होती भी है तो बमुश्किल 12 से 24 घंटे के भीतर उसे वर्कआउट कर दिया जाता है।
महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर भी हो रहा काम
डीजीपी ने कहा कि सूबे में महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के लिए भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह देखना शानदार है कि अब राजधानी लखनऊ में देर रात तक न केवल महिलाएं काम कर रहीं हैं, वहीं रात में शॉपिंग भी कर रहीं हैं। वहीं, रेलवे पुलिस के साथ मिलकर लावारिस मिलने वाले बच्चों को भी उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है।
नेतृत्व क्षमता में गुणात्मक सुधार का प्रयास
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के भीतर पुलिस में गुणात्मक सुधार के प्रयास किए गए हैं। इसके लिए पुलिसिंग में टेक्नालॉजी, मैनेजमेंट व प्रोफेशनल एचीवमेंट पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, थाना, सीओ सर्किल, जिला स्तर, रेंज व जोनल स्तर और डीजीपी स्तर पर भी नेतृत्व क्षमता में सुधार के हरसंभव प्रास किए जा रहे हैं।
डीजीपी ने किया नवनिर्मित अपराध शाखा भवन का लोकार्पण
पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को अपराध शाखा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। डीजीपी ओपी सिंह बुधवार सुबह 10.30 बजे अपराध शाखा के नए भवन का लोकार्पण करने पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, इस दौरान पीएसी छठीं वाहिनी के बैंड ने राष्ट्रगान के बाद जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती हैं बसेरा और ओम जय जगदीश हरे की धुन बजाकर डीजीपी का स्वागत किया। लोकार्पण के बाद डीजीपी ने नए भवन के हॉल में ही अफसरों की परिचयात्मक बैठक भी ली।
बुके लेकर पहुंचे छात्रों को बैरंग लौटाया
अपराध शाखा के नए भवन के लोकार्पण के समय जानसठ रोड के संगम विहार स्थित एसबीएस इंटर कॉलेज के दो छात्र अमन व सादिक बुके लेकर वहां पहुंचे, जिन्होंने पूछताछ में कॉलेज की उप प्रधानाचार्या सुनीता सिंह द्वारा डीजीपी के लिए बुके भेजने की जानकारी दी। वहां मौजूद अफसरों ने दोनों छात्रों को इसकी परमीशन नहीं देते हुए बुके की जांच कर उन्हें बैरंग लौटा दिया।
कलावा तो बंधवाया, तिलक नहीं लगवाया
अपराध शाखा के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के पंडित उमाशंकर शास्त्री, पंडित महेश्वर प्रसाद शास्त्री, पंडित राजधर शास्त्री व प्रफुल्ल पांडेय ने पूजा-अर्चना के दौरान डीजीपी कलाई पर कलावा बांधा। इसके बाद जैसे ही पंड़ित जी ने डीजीपी को माथे पर तिलक लगाना चाहा, उन्होंने रोकते हुए तिलक लगवाने से इंकार कर दिया। इससे लेकर चर्चाएं भी हुई। लेकिन अफसरों ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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