मुजफ्फरनगर: पटाखा विक्रेताओं का मंत्री के घर पर धरना, एनजीटी के आदेश से फंसे पटाखा कारोबारियों के आठ करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदूषण की बदतर स्थिति को लेकर एनजीटी और शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने जनपद में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। उधर, जिले के पटाखा कारोबारियों के करीब आठ करोड़ रुपये फंस गए हैं।
बेहाल कारोबारियों ने राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के आवास पर तीन घंटे तक धरना दिया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन राज्यमंत्री के साथ ही डीएम को देकर ग्रीन पटाखों की बिक्री कराए जाने की मांग की, जिसे प्रशासन ने नकार दिया।
एनजीटी ने सोमवार को एक्यूआई के खतरनाक स्तर को देखते हुए दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए।
एनसीआर क्षेत्र होने के चलते जनपद में भी एनजीटी के आदेश लागू होंगे, जिसके चलते प्रशासन ने भी जनपद में तत्काल प्रभाव से पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी है। इसकी जानकारी होते ही पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
पटाखा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सचिन अग्रवाल के नेतृत्व में कारोबारी प्रदेश के राज्यमंत्री कौशल विकास कपिलदेव अग्रवाल के गांधीनगर स्थित आवास पर पहुंचे और करीब तीन घंटे तक बीच सड़क पर धरना दिया। जानकारी मिलने पर पहुंचे राज्यमंत्री को ज्ञापन देकर पटाखा कारोबारियों ने बताया कि जनपद में पटाखा कारोबारियों द्वारा करीब आठ करोड़ का माल मंगाया जा चुका है, जो काफी समय पहले ही शिवाकाशी इंडस्ट्री तमिलनाडु से बुक किया जाता है।
ऐसे में दिवाली से ऐन पहले पटाखों पर प्रतिबंध से पटाखा कारोबारी बर्बाद होने के कगार पर आ गए हैं। कारोबारियों ने प्रशासन से प्रदूषण रहित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दिए जाने की मांग की। इस पर राज्यमंत्री ने कारोबारियों की मदद किए जाने की संस्तुति कर पटाखा कारोबारियों को डीएम सेल्वा कुमारी जे के पास भेज दिया।
इसके बाद पटाखा कारोबारियों ने कलक्ट्रेट में डीएम से मिलकर उन्हें भी इस बाबत ज्ञापन सौंपा, जिन्होंने शासन के आदेेेश का हवाला देकर पटाखा कारोबारियों को लौटा दिया। इससे पहले दोपहर दो बजे जिला पंचायत सभागार में प्रशासन द्वारा पटाखा कारोबारियों की बैठक बुलाई गई, लेकिन बाद में अधिकारियों ने बैठक से किनारा कर लिया।
इन्होंने कहा
- एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश का पूर्णतया पालन कराया जाएगा। शासन से भी इस संबंध में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं। जिले में 30 नवंबर तक पटाखे न बेचे जाएंगे और न ही जलाए जाएंगे। ग्रीन पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा।