{"_id":"688573ae7d0ef09cc00e8827","slug":"muslims-should-focus-on-education-maulana-usman-meerut-news-c-44-1-smrt1055-109105-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा पर ध्यान दें मुसलमान : मौलाना उस्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा पर ध्यान दें मुसलमान : मौलाना उस्मान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरधना। पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने शनिवार को सरधना में आयोजित एक दिवसीय मजलिस में शिरकत की। उन्होंने मुस्लिम समुदाय में इस्लामी जीवनशैली अपनाने, शिक्षा हासिल करने और दीन पर कायम रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब तक मुसलमान शिक्षा की ओर नहीं लौटेगा, तरक्की मुमकिन नहीं।
मजलिस में पंजाब के शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम केवल इबादत का मजहब नहीं, बल्कि एक मुकम्मल जिंदगी गुजारने का तरीका है। सबसे पहला हुक्म इकरा यानी पढ़ो दिया गया। फिरकों में बंटने के बजाय शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने मजहब का पालन करें, लेकिन किसी अन्य धर्म या व्यक्ति के प्रति नफरत न रखें। इस्लाम अमन भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है। मौलाना लुधियानवी ने महिलाओं के लिए कहा कि दीन इस्लाम में महिलाओं ने उम्मत की तरक्की और इस्लाम की हिफाजत में मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि अगर आज की महिलाएं दीन पर कायम रहेंगी, तो अगली पीढ़ी खुद-ब-खुद सही रास्ते पर चलेगी। उन्होंने खुद में सुधार कर समाज के लिए एक मिसाल बनने की अपील की। मजलिस में हाफिज ए कुरान वाले छात्रों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मौलाना अबुबक्र, ऐनुद्दीन शाह, निजाम अंसारी, कारी रिहान, मुफ्ती अब्दुल समद, शहर काजी शाकिर कासमी, मुफ्ती जावेद, निजाम अंसारी, आरिफ एडवोकेट, कारी गुलफाम, कारी अरशद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मजलिस में पंजाब के शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम केवल इबादत का मजहब नहीं, बल्कि एक मुकम्मल जिंदगी गुजारने का तरीका है। सबसे पहला हुक्म इकरा यानी पढ़ो दिया गया। फिरकों में बंटने के बजाय शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने मजहब का पालन करें, लेकिन किसी अन्य धर्म या व्यक्ति के प्रति नफरत न रखें। इस्लाम अमन भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देता है। मौलाना लुधियानवी ने महिलाओं के लिए कहा कि दीन इस्लाम में महिलाओं ने उम्मत की तरक्की और इस्लाम की हिफाजत में मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि अगर आज की महिलाएं दीन पर कायम रहेंगी, तो अगली पीढ़ी खुद-ब-खुद सही रास्ते पर चलेगी। उन्होंने खुद में सुधार कर समाज के लिए एक मिसाल बनने की अपील की। मजलिस में हाफिज ए कुरान वाले छात्रों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मौलाना अबुबक्र, ऐनुद्दीन शाह, निजाम अंसारी, कारी रिहान, मुफ्ती अब्दुल समद, शहर काजी शाकिर कासमी, मुफ्ती जावेद, निजाम अंसारी, आरिफ एडवोकेट, कारी गुलफाम, कारी अरशद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन