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देवबंदः तीन तलाक बिल के खिलाफ सड़क पर उतरी मुस्लिम महिलाएं, कानून रद्द करने की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 03 Feb 2018 09:22 PM IST
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मुस्लिम महिलाओं का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर देवबंद में मुस्लिम महिलाओं ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीन तलाक कानून की हिमायत में दिए बयान और लोकसभा में पारित हुए तीन तलाक बिल को रद्द किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को सहारनपुर के देवबंद में जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून के नेतृत्व के दर्जनों मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक बिल वापस करो और राष्ट्रपति के अभिभाषण की निंदा करने संबंधी नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य अंजर हुसैन मियां साहब ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें कहा गया कि प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज एक्ट 2017 को जल्दबाजी में लोकसभा में पेश किया गया।
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इसको तैयार करने में किसी मुस्लिम आलिम-ए-दीन और जिम्मेदारों से कोई मशविरा नहीं लिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऐसे बिल की कोई जरूरत नहीं थी। जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि लोकसभा में पेश किया गया बिल राज्यसभा में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगी।
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शनिवार को सहारनपुर के देवबंद में जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून के नेतृत्व के दर्जनों मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक बिल वापस करो और राष्ट्रपति के अभिभाषण की निंदा करने संबंधी नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया।
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इस दौरान दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य अंजर हुसैन मियां साहब ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें कहा गया कि प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज एक्ट 2017 को जल्दबाजी में लोकसभा में पेश किया गया।
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इसको तैयार करने में किसी मुस्लिम आलिम-ए-दीन और जिम्मेदारों से कोई मशविरा नहीं लिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऐसे बिल की कोई जरूरत नहीं थी। जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि लोकसभा में पेश किया गया बिल राज्यसभा में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगी।