फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Muslim girl Krishna made read verses of geeta, ulema and Debate in Women

मुस्लिम छात्रा के कृष्ण बन गीता के श्लोक पढ़ने पर उलझे उलमा-महिलाएं

Thu, 04 Jan 2018 11:35 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 04 Jan 2018 11:35 AM IST
विज्ञापन
Muslim girl Krishna made read verses of geeta, ulema and Debate in Women
गीता के संस्कृत श्लोक सुनाती आलिया - फोटो : अमर उजाला

श्रीकृष्ण की वेशभूषा में श्रीमद्भागवत गीता के संस्कृत में श्लोक गाकर चर्चा में आयी आलिया खान को लेकर उलमा और महिलाएं आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ उलमाओं ने जहां आलिया के श्रीकृष्ण रूप धारण करने पर आपत्ति दर्ज कराई है, तो मुस्लिम समाज की शिक्षित महिलाओं ने इसे दकियानूसी विचार बताते हुए छात्र-छात्राओं को राजनीति से दूर रखने की बात कही है। 

विज्ञापन


श्लोक पढ़ना नहीं, वेशभूषा गलत
शहरकाजी एवं प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन ने आलिया खान मामले में कहा कि किसी धर्म की किताब या श्लोक पढ़ने में कोई परेशानी नहीं है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सभी धर्मों की किताबों को पढ़ाया जाता है। जिससे छात्र-छात्राओं के ज्ञान को बढ़ाया जा सके। लेकिन किसी धर्म के भगवान की वेशभूषा पहनकर श्लोक पढ़ना इसमें दिक्कत है। मुस्लिम वर्ग के लोगों को अपने बच्चों को ऐसी बातों से बचाना चाहिए। सभी धर्मों की इज्जत करनी चाहिए। लेकिन इस्लाम में शरीयत के कुछ कानून हैं। उसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 
विज्ञापन


उचित है उलमा का तर्क
ऑल इंडिया मिल्ली कौंसिल के जिलाध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने आलिया मामले में उलमाओं की राय का समर्थन किया। उन्होंने हदीस के हवाले से बताया कि जो जिसकी शक्ल बनाएगा, उसकी सूरत इख्तियार करेगा उसका शुमार उसी में किया जाएगा। इसलिए इस मुद्दे पर उलमा का एतराज उचित है। वे ठीक कह रहे हैं। उन्होंने उलमा की राय का समर्थन करते हुए बताया कि इस तरह के किरदार से बचना चाहिए। समाज के लोगों को इस्लाम का सही तरीके से पालन करना चाहिए। उन्हें कुआन, हदीस के ज्ञान की रोशनी में ही अपने काम करने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : मुस्लिम छात्रा ने कृष्ण बन पढ़े गीता के श्लोक, देवबंद ने कहा इस्लाम विरोधी

आखिर चाहते क्या हैं?

Muslim girl Krishna made read verses of geeta, ulema and Debate in Women
बिन्ते जैनब नकवी और निगहत सैय्यद का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

आलिया मामले पर एडवोकेट बिन्ते जैनब नकवी ने बहुत ही मुखर होकर आलिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मैं आलिया की प्रतिभा से प्रभावित हूं और उसकी बात का समर्थन करती हूं। इसके साथ ही उन्होंने उलमाओं पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि वह आखिर शरीयत के नाम पर क्या बच्चों और औरतों पर जुल्म की बात करते रहेंगे। उलमाओं का विरोध सीधे-सीधे दूसरे की स्वतंत्रता छीनना है, जिसकी इजाजत हमारा संविधान नहीं देता है। आलिया ने गीता को पढ़ा और उसे सुनाया। उसने श्रीकृष्ण का रूप धारण किया तो इससे कहां धार्मिक पाबंदियां टूट गईं।

वेशभूषा से मजहब खतरे में नहीं 
इस्माईल डिग्री कालेज की शिक्षिका निगहत सैय्यद ने आलिया खान के पक्ष में कहा कि आखिर आलिया ने क्या गलत कर दिया। यदि यही सोच रही तो मुस्लिम समाज के बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे। क्योंकि समानता का दर्जा पाने के लिए समानता का व्यवहार भी जरूरी है। आज बच्चे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वहां पर फैंसी ड्रेस शो जैसे आयोजन में भाग लेते हैं। इससे उनका उत्साह बढ़ता है। क्या इससे मजहबी सोच पर कोई असर नहीं आता है। इसलिए उलमाओं और कौम के ठेकेदारों को अब अपनी सोच बदलनी चाहिए।  किसी भी वेशभूषा से मजहब खतरे में नहीं पड़ता।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed