मेरठ में दरोगा के बेटे की हत्या, आरोपियों ने कबूला जुर्म, ये रही मर्डर की वजह
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यूपी के मेरठ में दरोगा के युवा बेटे की दूसरे समुदाय के दो सगे भाइयों ने हत्या कर शव जानी गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने 18 दिनों बाद दोनों भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना कबूल किया है। पुलिस ने शव की तलाश में गंगनहर में गोताखोर उतारे। लेकिन सफलता नहीं मिली। हत्या में प्रयुक्त कार और दरोगा के बेटे का मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरीपुरा मोहल्ले में दरोगा प्रतापसिंह का परिवार रहता है। प्रताप सिंह की विजिलेंस में पोस्टिंग है। 21 सितंबर को प्रताप सिंह का बेटा मनोज (34) संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाशा। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। मनोज की गुमशुदगी ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज थी। बेटे को दरोगा खुद ही ढूंढने में लगे थे। दरोगा ने पत्ता मोहल्ला ब्रह्मपुरी में रह रहे दो सगे भाइयों इमरान व फिरोज पर शक जताकर पुलिस को जानकारी दी।
सोमवार रात ब्रह्मपुरी पुलिस ने दोनों भाइयों व उनके नौकर रामबाबू निवासी बिहार को हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ में इमरान व फिरोज ने मनोज को पहले शराब पिलाकर गला घोंटकर मारने की बात कबूल कर ली। हत्या की जानकारी लगने पर एसपी सिटी रणविजय सिंह और सीओ ब्रह्मपुरी हरिमोहन सिंह ने तीनों आरोपियों को साथ लेकर मनोज का शव ढूंढा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद मनोज के शव को आरोपी जानी गंगनहर में फेंक आए थे। आरोपियों की निशानदेही पर मनोज का मोबाइल फोन गंगनहर के किनारे झाड़ी में मिला है।
पैसा मांगने पर हत्या की
एसपी सिटी रणविजय सिंह के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि मनोज उनसे पैसे मांगता था। दोनों भाइयों का ब्रह्मपुरी में सट्टा चलता था। यह बात मनोज को पता थी। इमरान और फिरोज ने मनोज को मारने की प्लानिंग बनाई। नौकर रामबाबू और रहीम निवासी दिल्ली को प्लानिंग में शामिल किया। आरोपी रहीम फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
ब्रह्मपुरी पुलिस की साठगांठ से चल रहा सट्टा
हत्यारोपी इमरान और फिरोज पुलिस की साठगांठ से सट्टा चला रहे थे। कौन-कौन पुलिस वाला सटोरियों से पैसे लेकर जाता था, इसकी जानकारी मनोज को थी। क्योंकि फिरोज के पास मनोज का बहुत आना-जाना था। सवाल बड़ा है कि इतना बड़ा सट्टा चल रहा था, बावजूद पुलिस खामोश क्यों थी। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी इमरान और फिरोज ब्रह्मपुरी में सट्टे की खाईबाड़ी करते थे। दोनों भाइयों का कहां-कहां सट्टा चलता था, इसकी जानकारी दरोगा के बेटे मनोज को थी। मनोज शराब पीता था। सट्टे की पोल खोलने की धमकी देने पर फिरोज मनोज को 200 रुपये दे देता था। उनको पता था कि मनोज उनका भंडाफोड़ कर सकता हैं। इसे देखते मनोज को मारने का प्लान बनाया गया।
गुपचुप भेजे जेल
मनोज की हत्या कर शव को छुपाने वाले आरोपी इमरान, फिरोज और रामबाबू को पुलिस ने गुपचुप तरीके से जेल भेज दिया। पुलिस को डर था कि अगर हत्यारोपी मीडिया के सामने आएंगे तो पुलिस की पोल खुल सकती है। तीनों आरोपियों से पुलिस अधिकारी ठीक से पूछताछ भी नहीं कर पाए।
200 रुपये का विवाद
एसपी सिटी रणविजय सिंह के मुताबिक दोनों हत्यारोपी भाइयों ने 200 रुपये के विवाद में मनोज का मारा। मनोज ने रोजाना की तरह शराब पीने के लिए 200 रुपये फिरोज से मांगे थे। फिरोज ने शराब की बोतल मंगवा रखी थी। फिरोज ने मनोज को पहले शराब पिलाई। ज्यादा शराब पिलाने के बाद मनोज की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
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