हिस्ट्रीशीटर दोस्त की चाकू से गोदकर हत्या, पुलिस के गले नहीं उतरे पत्नी के बयान
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टीपी नगर की नई बस्ती में शनिवार आधी रात के बाद हिस्ट्रीशीटर की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार देर रात बताया कि हत्या को हिस्ट्रीशीटर के दोस्त शुभम ने अपने साथी के साथ अंजाम दिया। शक के घेरे में हिस्ट्रीशीटर की पत्नी भी है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह बार-बार बयान बदलकर गुमराह करती रही। पुलिस के अनुसार इस मामले में जल्द ही खुलासा किया जाएगा। जानें पूरा मामला:-
तड़के करीब चार बजे अनिल लहूलुहान हालत में घर पहुंचा। उसकी बुरी तरह पिटाई की गई थी। पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे। नाक और आंख से खून बह रहा था। कई जगह चाकू के कट लगे थे। उसने पूछा तो अनिल ने बताया कि तीन युवकों ने उसे बुरी तरह पीटा और मरा समझकर छोड़कर भाग गए। लेकिन उन युवकों के नाम पत्नी को न बताकर अनिल ने कहा कि वो पुलिस को ही बताएगा। पत्नी के अनुसार उसने 100 नंबर पर फोन किया। अस्पताल ले जाने को 108 एंबुलेंस पर भी कॉल की। लेकिन न पुलिस आई और न ही एंबुलेंस। इस बीच अनिल की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार अनिल का बड़ा भाई सतीश कई साल से लापता है। उसका परिवार अलग रहता है। हालांकि, दोनों परिवारों में संबंध भी ठीक नहीं बताए जा रहे है। अनिल के परिवार में तीन बच्चे आयुषी, अवनी और आर्यन हैं।
चाकू से किए वार
इंस्पेक्टर टीपी नगर के अनुसार अनिल के सिर, आंख के नीचे और दोनों पैरों पर घुटनों के नीचे चोटों के निशान हैं। लग रहा है कि चाकू या किसी धारदार हथियार से ये वार किए गए।
हत्यारोपियों तक पहुंची पुलिस
एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंच गई है। इस मामले में परिवार के ही एक व्यक्ति का हाथ होने की बात सामने आई है। पुलिस जल्द पूरे मामले का खुलासा कर देगी।
खुली थी हिस्ट्रीशीट
इंस्पेक्टर टीपी नगर के अनुसार अनिल पर चोरी आदि के करीब एक दर्जन केस थे। उसकी हिस्ट्रीशीट अभी भी खुली हुई थी।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
हिस्ट्रीशीटर की पत्नी से पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ प्वाइंटों पर घटना के कारणों को संदिग्ध माना। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने हिस्ट्रीशीटर के घर में बिखरे खून के नमूने लिए। वहां से कपडे़ और दरवाजों से उंगलियों के निशान उठाए। पुलिस के अनुसार फोरेंसिक जांच से पता लगाया जा रहा है कि शनिवार रात हिस्ट्रीशीटर के घर में कितने लोग थे। इस बात के भी प्रमाण मिले कि पुलिस के पहुंचने से पहले कमरे से खून के निशान साफ भी किए गए थे।
पुलिस के गले नहीं उतरे रूबी के गोलमोल बयान
हिस्ट्रीशीटर की पत्नी रूबी ने पुलिस और सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि पुलिस और एंबुलेंस समय पर आ जाती तो पति कीजान बच जाती। लेकिन रूबी के गोलमोल बयान पुलिस अधिकारियों के गले नहीं उतरे। कई बातों का वह सही से जवाब नहीं दे पाई। इंस्पेक्टर टीपी नगर डालचंद के अनुसार सर्विलांस और सीडीआर की जांच के बाद केस खोल दिया जाएगा।
रूबी के बयान
पति अनिल अपना मोबाइल घर छोड़ गया था। लहूलुहान हालत में लौटने पर यही बताया कि उसे तीन युवकों ने पीटा है। वे चौहानपुरी के हैं। लेकिन उनके नाम नहीं बताए। मुझे कहा कि वो पुलिस को फोन करके बुला दे। पुलिस को ही वो उनके नाम बताएगा। मैंने 100 नंबर पर कॉल की। पति के बताए नंबर पर थाने में भी फोन किया। लेकिन कहीं से पुलिस नहीं आई।
गंभीर हालत देख अस्पताल ले जाने के लिए 108 नंबर पर भी फोन किया। लेकिन जवाब मिला कि सारी एंबुलेंस खराब हैं। कोई एंबुलेंस नहीं आई और पति ने दम तोड़ दिया।
पति के मोबाइल से कॉल कर मैंने जीजा को बुलाया। पति ने मरते समय कहा कि राहुल बचा ले, इसके बाद दम तोड़ दिया। लेकिन मैं राहुल को नहीं जानती।
हिस्ट्रीशीटर की हालत इतनी गंभीर थी तो रूबी ने पड़ोसियों की मदद क्यों नही ली। लेकिन रूबी इस सवाल को गोल कर गई। मोहल्ले वालों ने बताया कि उन्हें भी रविवार सुबह ही हत्या का पता चला।
अनिल द्वारा हमलावरों का नाम न बताना भी हैरान करने वाला है। क्या अनिल को पत्नी से ज्यादा पुलिस पर विश्वास था।
घटना के बाद रूबी की अपनी जिठानी से भी कहासुनी हुई, वो उस पर भी आरोप लगा रही थी।
एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार जब से हत्यारोपी अनिल को घर से लेकर गए थे उससे कई घंटे पहले अनिल का मोबाइल फोन बंद था। हत्यारोपी शुभम की हिस्ट्रीशीटर से पुरानी दोस्ती थी। दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। रूबी की बातों में दम नहीं।
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