जमीन के विवाद में मर्डर, भाजपा नेता समेत चार के खिलाफ केस दर्ज
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बिजनौर के हल्दौर में प्रॉपर्टी डीलर ओमराज की हत्या 83 बीघा जमीन को लेकर की गई थी। इस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। हत्यारोपी नहीं चाहते थे कि किसी भी तरह से ओमराज बच जाए। इसलिए तीन गोली उसके सीने में उतार दी। साथी संजीव को केवल एक गोली लगी। इस मामले में भाजपा नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह गहलोत व उनके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव खैरपुर निवासी ओमराज सिंह व उसके साथी संजीव पर मंगलवार रात हल्दौर क्षेत्र के अम्हेड़ा चौराहे पर बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर ओमराज की हत्या कर दी व उसके साथी संजीव को घायल कर दिया। संजीव को मेरठ रेफर किया गया है। 315 बोर के तमंचों से गोलियां बरसाकर घटना को अंजाम दिया गया। ओमराज को तीन गोली लगी थीं। गोली नजदीक से मारी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक एक गोली ओमराज के सीने व कनपटी में फंसी मिली।
सीने के नीचे की ओर एक गोली आरपार हो गई। ओमराज को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि उसकी जान लेने के लिए कुछ लोग पीछे पड़े हैं। ओमराज बेखौफ होकर घूम रहा था। पुलिस के मुताबिक ओमराज प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह के मुताबिक गांव फरीदपुर सधीरन में स्थित 83 बीघा जमीन के विवाद में ओमराज का कत्ल किया गया है। इस जमीन को लेकर ही ओमराज हत्यारोपियों के निशाने पर था। जमीन के कागज अभी नहीं मिले हैं। कागज आने पर स्पष्ट होगा कि जमीन को लेकर किन लोगों से ओमराज का विवाद था। मृतक के चाचा जोगेंद्र सिंह गांव फरीदपुर सधीरन निवासी भाजपा नेता चंद्रवीर सिंह गहलोत, उनके बेटे होशियार सिंह गहलोत, अजय गहलोत, नरेंद्रपाल सिंह गहलोत व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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ओमराज सिंह ने बैनामें में दी थी गवाही
गांव वालों के मुताबिक गांव फरीदपुर सधीरन निवासी ग्राम प्रधान वरुण प्रताप ने करीब एक माह पूर्व जोत की जमीन का बैनामा कराया था। ग्रामीणों के अनुसार हीमपुर थाना क्षेत्र के गांव खैरपुर निवासी गांव प्रधान के दोस्त ओमराज सिंह ने बैनामे में गवाही दी थी। गांव प्रधान मूल रूप से जनपद बलरामपुर का निवासी है। करीब 12 वर्ष से अपनी बुआ के गांव फरीदपुर सधीरन में रह रहा है। जिस व्यक्ति से उसने जमीन खरीदी है। वह वर्तमान में लखनऊ में रहता है। आरोपी उस जमीन को हथियाना चाहते थे।
पुलिस की नाकामी से हुई हत्या
बढ़ापुर थाना क्षेत्र में महिला चंद्रवती का कत्ल पुलिस की नाकामी की वजह से हुआ। महिला के कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी पुलिस महिला की मदद नहीं कर रही थी।
बढ़ापुर थाने के गांव शाहनगर कुराली निवासी जयचंद की 36 साल की पत्नी चंद्रवती इलाके के एक भाजपा नेता समेत दो लोगों से अपनी जान का खतरा बताकर लगातार आला अफसरों से लेकर थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दे रही थी। महिला ने दोनों लोगों पर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस महिला को टहलाती रही और कभी भी उसके प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं की। महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। चंद्रवती गांव गोसाईवाला निवासी गुरु सेवक के साथ रहती थी। गुरु सेवक की मानें तो महिला उसे भाई मानती थी। महिला का पति बाहर रहता था।
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पति से महिला अक्सर बात करती रहती थी। रामलीला मंचन के दौरान भी महिला ने अपना अपहरण होने का शक जताया था। पुलिस से शिकायत की थी। तब भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। गुरु सेवक की मानें तो घटना के रोज चंद्रवती से उसकी मोबाइल पर दो बार बात हुई। उसने चंद्रवती की लोकेशन मालूम की। थोड़ी देर बार चंद्रवती का मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद उसका शव मिला। उसे शक है कि दुष्कर्म के बाद चंद्रवती की हत्या की गई है। मौके से पुलिस को कुछ खून भी पड़ा मिला है।
महिला के देवर ने गुरु सेवक समेत तीन लोगों को चंद्रवती की हत्या में नामजद किया है। बुधवार को गुरु सेवक मुरादाबाद में डीआईजी ओंकार सिंह से मिला और आरोप लगाया कि भाजपा नेता समेत दो लोगों ने चंद्रवती की हत्या की है। उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।
वह चंद्रवती की पैरवी कर रहा था। बढ़ापुर के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के मुताबिक गुरुसेवक ने ही अपने साथियों के साथ चंद्रवती की हत्या की है।
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