यूपी: सरकार की योजना को भाजपा समर्थक ही लगा रहे पलीता, नगर निगम की टीम पर बोला हमला
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मेरठ। माधवपुरम में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने पहुंचे नगर निगम के प्रवर्तन दल पर भाजपाइयों और व्यापारियों ने हमला बोल दिया। ब्रह्मपुरी पुलिस ने हस्तक्षेप करके मामला को शांत कराया।
मुख्यमंत्री ने महानगर को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हुए हैं। नगर निगम को तो इस कार्य के लिए अलग से रिटायर्ड सैन्य कर्मियों की टीम दी हुई है, जिसको प्रवर्तन दल का नाम दिया गया है। लेकिन सत्ताधरी दल के नेताओं को मुख्यमंत्री की यह योजना रास नहीं आ रही है। जहां पॉलीथिन पकड़ने का विरोध हो रहा है।
वहीं अतिक्रमण हटाने पहुंच रही टीम को घेरा जा रहा है। इतना ही नहीं दबाव बनाने के लिए टीम के सदस्यों पर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। प्रवर्तन दल के सदस्य रिटायर्ड कर्नल राजकुमार बालियान के निर्देश पर टीम शारदा रोड, माधवपुरम में पॉलीथिन जब्त करने और अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम ने सड़क पर रोडी, बदरपुर और ईंट रखकर बेचने वालों को दो दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी।
इसके बाद टीम ने माधवपुरम सेक्टर-एक में जिंदल एंड गोयल ट्रेडर्स से साढ़े छह किलो, गुप्ता ट्रेडर्स से 17 किलो पॉलीथिन जब्त की। जुर्माना वसूली की कार्यवाही शुरू करते ही भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद तरुण गोयल अपने साथ काफी संख्या में भाजपा नेता एवं व्यापारियों को लेकर मौके पर पहुंच गए। प्रवर्तन दल के सदस्यों का आरोप है कि तरुण गोयल सहित सभी व्यापारियों ने टीम पर हमला बोल दिया।
धक्कामुक्की के बाद नौबत मारपीट की आ गई। मोबाइल भी छीन लिए गए। सूचना पर सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह माधवपुरम पुलिस चौकी पहुंचे और मामला शांत कराया। राजकुमार बालियान ने कहा कि सरकार की योजना को पलीता लगाने में सरकार के ही लोग भूमिका निभा रहे हैं।
इस संबंध में पूर्व पार्षद से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने बात ही नहीं की। एक दिन पहले ही सूरजकुंड पर भी भाजपा नेताओं ने पॉलीथिन अभियान का विरोध किया। साथ ही टीम के साथ अभद्रता की थी।
नाला सफाई में अड़ंगा बना अतिक्रमण हटाया
कचहरी के बराबर से गुजर रहे आबू नाले की पटरी पर सोमवार को नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाया।आबूनाला की सफाई न होने के कारण सिल्ट भरी पड़ी है। जिसको साफ करने के लिए मशीन लगायी गयी। लेकिन कोआपरेटिव चौराहा के निकट नाला पटरी पर लोगों ने सब्जी, फल आदि सहित एक दर्जन से अधिक दुकानें सजायी हुई थी। जिसके कारण नाले की सफाई नहीं हो पा रही थी।
निगम टीम ने नाला पटरी से सभी दुकानों को हटवाना शुरू किया। कुछ लोगों ने विरोध जताया। लेकिन टीम के सदस्य पीछे नहीं हटे। पुलिस के सहयोग से हटवाए गए अतिक्रमण के कारण दुकानदारों ने स्वयं ही अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। नाला पटरी साफ होने के बाद नाले की सफाई शुरू की गयी। नाला पटरी पर सिल्ट के ढेर लग गए।