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एप से सफाई की निगरानी नगर निगम
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लोग भी गंदगी और कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत कर सकेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अब निगम एप के माध्यम से शहर की स्वच्छता पर निगरानी करेगा। इससे जहां सफाई कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी। लोगों को भी एप पर ही शिकायत करने का अवसर मिलेगा। समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। झूठ बोलने वाले अधिकारी व कर्मचारियों की भी पोल खुलेगी।
शहर की सफाई में तीन हजार से अधिक सफाई कर्मचारी लगे हैं। इनकी निगरानी के लिए सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायक भी हैं। इसके बावजूद शहर की स्वच्छता और निगरानी में निगम फेल है। सफाई से शहर की जनता भी संतुष्ट नहीं है, जिसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जनता की फीड बैक पर पड़ता है। इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मोबाइल एप से स्वच्छता की निगरानी का निर्णय लिया है।
एप पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड होगा। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगा। सफाई कर्मचारियों का भी बीट चार्ट होगा। वार्ड के सफाई इंस्पेक्टर, सफाई नायक और सफाई कर्मचारियों के नाम, मोबाइल नंबर सार्वजनिक होंगे, ताकि शिकायत के निस्तारण के लिए संबंधित को उत्तरदायित्व तय किया जा सके। अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वच्छता में कुछ अच्छा करने की तैयारी है। टेंडर निकाले गए हैं। जो भी मोबाइल एप बनाने वाली कंपनी अच्छी सुविधा देगी उसकी का चयन किया जाएगा।
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मेरठ। अब निगम एप के माध्यम से शहर की स्वच्छता पर निगरानी करेगा। इससे जहां सफाई कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी। लोगों को भी एप पर ही शिकायत करने का अवसर मिलेगा। समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। झूठ बोलने वाले अधिकारी व कर्मचारियों की भी पोल खुलेगी।
शहर की सफाई में तीन हजार से अधिक सफाई कर्मचारी लगे हैं। इनकी निगरानी के लिए सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायक भी हैं। इसके बावजूद शहर की स्वच्छता और निगरानी में निगम फेल है। सफाई से शहर की जनता भी संतुष्ट नहीं है, जिसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जनता की फीड बैक पर पड़ता है। इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मोबाइल एप से स्वच्छता की निगरानी का निर्णय लिया है।
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एप पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड होगा। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगा। सफाई कर्मचारियों का भी बीट चार्ट होगा। वार्ड के सफाई इंस्पेक्टर, सफाई नायक और सफाई कर्मचारियों के नाम, मोबाइल नंबर सार्वजनिक होंगे, ताकि शिकायत के निस्तारण के लिए संबंधित को उत्तरदायित्व तय किया जा सके। अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वच्छता में कुछ अच्छा करने की तैयारी है। टेंडर निकाले गए हैं। जो भी मोबाइल एप बनाने वाली कंपनी अच्छी सुविधा देगी उसकी का चयन किया जाएगा।
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