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भाजपा महानगर टीम गठन में अध्यक्ष मुकेश सिंघल भारी
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मेरठ। भाजपा की महानगर टीम घोषित करने के साथ अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने अपनी मजबूती भी दिखाई। हालांकि वह नियमों की बंदिश के चलते कुछ चहेतों को संगठन में शामिल नहीं कर पाए। हालांकि उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर मजबूती को स्पष्ट कर दिया।
भाजपा महानगर टीम में कुछ पुराने चेहरों को छोड़ दें तो बाकी सभी नए चेहरे हैं। पिछली कमेटी के सिर्फ चार लोगों को शामिल किया गया है। इन सभी को कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस कमेटी में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, दक्षिण विधायक, कैंट विधायक और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खेमे से दो-दो लोगों को कमेटी में लिया है। 23 पदाधिकारियों वाली कमेटी में जनप्रतिनिधियों के सिर्फ आठ लोगों को जगह दी गई है। हालांकि बाकी पदाधिकारी अपने स्तर पर कमेटी में शामिल किए हैं।
प्रदेशाध्यक्ष के करीबी ने संगठन मंत्री को किया दरकिनार
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कार्यकारिणी गठन के लिए निर्देश जारी किए। जिसमें स्पष्ट कहा था कि किसी आयोग में पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्षद और ठेकेदार को संगठन में पद नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद महानगर कमेटी में दो पदाधिकारी ऐसे शामिल किए गए, जो नगर निगम आदि में ठेकेदारी करते रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने अपने पंजीकरण परिजनों के नाम पर करा लिए हैं। इसमें प्रदेशाध्यक्ष से करीबी का फायदा भी कुछ लोगाें को मिला है।
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नियमों से कुछ रह गए वंचित
भाजपा संगठन द्वारा कार्यकारिणी गठन में लगाई गई बंदिशों के चलते महानगर अध्यक्ष के कुछ चहेते पद से दूर रह गए हैं। चर्चा है कि इनमें कुछ पार्षदों के नाम थे जो प्रांतीय कार्यालय भेजे गए थे, लेकिन वहां से उन्हें संस्तुति नहीं मिल पाई।
सोशल मीडिया पर नजर आ रही नाराजगी
महानगर की नई कार्यकारिणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी नजर आ रही है। एक कार्यकर्ता ने जहां अपने क्षेत्र का नाम लिखते हुए पोस्ट डाली है कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का पैदल सेना में स्वागत है, तो एक ने पोस्ट डाली कि चापलूसी सरेआम दबदबा बना रही, जबकि ईमानदारी संदूक में रखे जंग खा रही। इस तरह की पोस्ट भाजपा कार्यकर्ताओं की फेसबुक पर उनकी नाराजगी बता रही है।
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भाजपा महानगर टीम में कुछ पुराने चेहरों को छोड़ दें तो बाकी सभी नए चेहरे हैं। पिछली कमेटी के सिर्फ चार लोगों को शामिल किया गया है। इन सभी को कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस कमेटी में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, दक्षिण विधायक, कैंट विधायक और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के खेमे से दो-दो लोगों को कमेटी में लिया है। 23 पदाधिकारियों वाली कमेटी में जनप्रतिनिधियों के सिर्फ आठ लोगों को जगह दी गई है। हालांकि बाकी पदाधिकारी अपने स्तर पर कमेटी में शामिल किए हैं।
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प्रदेशाध्यक्ष के करीबी ने संगठन मंत्री को किया दरकिनार
भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कार्यकारिणी गठन के लिए निर्देश जारी किए। जिसमें स्पष्ट कहा था कि किसी आयोग में पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्षद और ठेकेदार को संगठन में पद नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद महानगर कमेटी में दो पदाधिकारी ऐसे शामिल किए गए, जो नगर निगम आदि में ठेकेदारी करते रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने अपने पंजीकरण परिजनों के नाम पर करा लिए हैं। इसमें प्रदेशाध्यक्ष से करीबी का फायदा भी कुछ लोगाें को मिला है।
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नियमों से कुछ रह गए वंचित
भाजपा संगठन द्वारा कार्यकारिणी गठन में लगाई गई बंदिशों के चलते महानगर अध्यक्ष के कुछ चहेते पद से दूर रह गए हैं। चर्चा है कि इनमें कुछ पार्षदों के नाम थे जो प्रांतीय कार्यालय भेजे गए थे, लेकिन वहां से उन्हें संस्तुति नहीं मिल पाई।
सोशल मीडिया पर नजर आ रही नाराजगी
महानगर की नई कार्यकारिणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी नजर आ रही है। एक कार्यकर्ता ने जहां अपने क्षेत्र का नाम लिखते हुए पोस्ट डाली है कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का पैदल सेना में स्वागत है, तो एक ने पोस्ट डाली कि चापलूसी सरेआम दबदबा बना रही, जबकि ईमानदारी संदूक में रखे जंग खा रही। इस तरह की पोस्ट भाजपा कार्यकर्ताओं की फेसबुक पर उनकी नाराजगी बता रही है।