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Meerut News: सेंट्रल मार्केट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मिले सांसद अरुण गोविल
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मेरठ। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्किट के मुद्दे पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर मुलाकात की। सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर सेंट्रल मार्केट स्थित कॉम्पलेक्स 661/6 के प्रभावित व्यापारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के मानवीय एवं सामाजिक आधार पर पुनर्वास तथा पुर्नस्थापना के लिए पहल करने का अनुरोध किया।
सांसद ने कहा कि कॉम्पलेक्स के ध्वस्तीकरण के बाद उत्पन्न हुआ संकट अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर मानवीय संकट है। इस कॉम्पलेक्स में लगभग 22 दुकानें 30-35 वर्षों से संचालित थीं। इन पर निर्भर दुकान मालिकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के समक्ष जीविकोपार्जन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
सांसद अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ध्वस्त हुई इन छोटी व्यापारिक इकाइयों पर आश्रित परिवारों को अल्पकालिक वित्तीय सहायता या सरकारी स्वरोजगार एवं पुनर्वास योजनाओं के तहत लाभ दिलाया जाए, ताकि उनके जीवन की गाड़ी पटरी पर लौट सके। उन्होंने सुझाव दिया कि ध्वस्त हुए इस भूखंड पर यदि विधिक रूप से संभव हो तो व्यावसायिक भू-उपयोग संबंधी समस्त आवश्यक नियमों एवं अनुमतियों का निर्वहन कराते हुए एक नया व्यावसायिक परिसर निर्मित कराया जाए। यह पहल न केवल पीड़ित व्यापारियों को मदद प्रदान करेगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि आपकी सरकार कानून के शासन के साथ मानवता और करुणा के मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
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सांसद ने कहा कि कॉम्पलेक्स के ध्वस्तीकरण के बाद उत्पन्न हुआ संकट अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर मानवीय संकट है। इस कॉम्पलेक्स में लगभग 22 दुकानें 30-35 वर्षों से संचालित थीं। इन पर निर्भर दुकान मालिकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के समक्ष जीविकोपार्जन का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
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सांसद अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ध्वस्त हुई इन छोटी व्यापारिक इकाइयों पर आश्रित परिवारों को अल्पकालिक वित्तीय सहायता या सरकारी स्वरोजगार एवं पुनर्वास योजनाओं के तहत लाभ दिलाया जाए, ताकि उनके जीवन की गाड़ी पटरी पर लौट सके। उन्होंने सुझाव दिया कि ध्वस्त हुए इस भूखंड पर यदि विधिक रूप से संभव हो तो व्यावसायिक भू-उपयोग संबंधी समस्त आवश्यक नियमों एवं अनुमतियों का निर्वहन कराते हुए एक नया व्यावसायिक परिसर निर्मित कराया जाए। यह पहल न केवल पीड़ित व्यापारियों को मदद प्रदान करेगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि आपकी सरकार कानून के शासन के साथ मानवता और करुणा के मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
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