{"_id":"6ab68952970a59c3bf01a8a7","slug":"motivated-individuals-towards-self-employment-by-providing-training-in-dairy-farming-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105523-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
विज्ञापन
स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण शिविर का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र में 21 से 25 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय डेयरी फार्मिंग रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं और किसानों को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्ष डाॅ. सोनिका ग्रेवाल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्नत नस्ल के पशुओं का चयन, पशु पोषण, प्रजनन प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और पालन-पोषण की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई। किसानों और युवाओं से प्रश्नोत्तरी परीक्षा भी कराई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डाॅ. नवीन चंद्र ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से डेयरी फार्मिंग अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ रोजगार का माध्यम भी विकसित कर सकते हैं।
विज्ञापन
डाॅ. जेके आर्य ने देशी गायों के संरक्षण और प्राकृतिक खेती में उनके महत्व की जानकारी दी। डाॅ. शुभम आर्य ने पशुओं के लिए संतुलित चारे, पोषण प्रबंधन और पशुओं की बेहतर देखभाल के बारे में बताया।
समापन अवसर पर डाॅ. नवीन चंद्र ने 20 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। डा विभा साहू ने किसानों और प्रशिक्षणार्थियों का किसान सारथी पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र में 21 से 25 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय डेयरी फार्मिंग रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं और किसानों को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्ष डाॅ. सोनिका ग्रेवाल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्नत नस्ल के पशुओं का चयन, पशु पोषण, प्रजनन प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य और पालन-पोषण की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई। किसानों और युवाओं से प्रश्नोत्तरी परीक्षा भी कराई गई।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डाॅ. नवीन चंद्र ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से डेयरी फार्मिंग अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ रोजगार का माध्यम भी विकसित कर सकते हैं।
विज्ञापन
डाॅ. जेके आर्य ने देशी गायों के संरक्षण और प्राकृतिक खेती में उनके महत्व की जानकारी दी। डाॅ. शुभम आर्य ने पशुओं के लिए संतुलित चारे, पोषण प्रबंधन और पशुओं की बेहतर देखभाल के बारे में बताया।
समापन अवसर पर डाॅ. नवीन चंद्र ने 20 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। डा विभा साहू ने किसानों और प्रशिक्षणार्थियों का किसान सारथी पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया।