फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   mother and daughters died:Vande Bharat train came at a speed of 130 km, family was destroyed in a momentt

मां-बेटियों की मौत का मामला: 130 किलोमीटर की रफ्तार से आई ट्रेन, पलभर में उजड़ गया परिवार, चीखता रह गया रमेश

Mon, 30 Oct 2023 08:42 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 30 Oct 2023 08:42 AM IST
सार

कंकर खेड़ा में कासमपुर फाटक पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से महिला सहित उसकी दो बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई।

विज्ञापन
mother and daughters died:Vande Bharat train came at a speed of 130 km, family was destroyed in a momentt
मौके पर पड़े शव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मेरठ के कंकरखेड़ा के कासमपुर फाटक पर रविवार शाम 6:54 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सामने से आती दिख रही थी। हॉर्न की तेज आवाज आ रही थी। नरेश ने जैसे ही अपना ठेला फाटक के बैरियर के नीचे से निकाला तो लोग चिल्लाने लगे। ट्रेन आ रही है, रुक जाओ, लेकिन नरेश ने किसी की नहीं सुनी।

विज्ञापन


चंद सेकेंड में ही 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही वंदे भारत फाटक पर पहुंच गई। नरेश तो ठेला लेकर पटरी से निकल गया, लेकिन उसकी पत्नी मोना, बेटी इशिका और चारु उसे बचाने के लिए दौड़े तो ट्रेन के सामने आ गए।
विज्ञापन


भीषण टक्कर से तीनों के शव के चीथड़े उड़ गए। शरीर के अंग दूर तक बिखर गए। इस खौफनाक मंजर को देखने वालों की रूह कांप उठी।

mother and daughters died:Vande Bharat train came at a speed of 130 km, family was destroyed in a momentt
मौके पर जमा लोग - फोटो : Amar Ujala

वंदे भारत ट्रेन के आने के समय फाटक के दोनों बैरियर लगे थे। दोनों तरफ वाहनों की कतार थी। नरेश ठेले से पत्नी और दो बेटियों को लेकर पहुंचा तो वह नीचे से निकलने लगा। चश्मदीदों के मुताबिक उससे कई बाइक सवार लोगों ने मना किया कि ट्रेन की लाइट दिख रही है, अभी रुक जाओ।

नरेश ने सबकी बात अनसुनी करते हुए ठेला बैरियर के नीचे से निकाल दिया। पत्नी और दोनों बेटियां ठेले के पीछे थीं। नरेश को अंदाजा नहीं था कि सामने से आ रही ट्रेन 130 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ रही है। पलक झपकते ही ट्रेन फाटक पर आ गई। ठेले का पिछला हिस्सा भी ट्रेन से टकराया, लेकिन नरेश तब तक पटरी से निकल चुका था।

वहीं, मोना, इशिका और चारू को लगा कि नरेश ट्रेन की चपेट में आ जाएगा, वो तीनों उसे बचाने के लिए दौड़ीं तो सीधे ट्रेन के सामने आ गईं। तीनों कई मीटर हवा में उछलती चली गईं। तीनों की मौके पर मौत हो गई। शवों के अंग बहुत दूर तक बिखर गए। फाटक पर मौजूद लोगों को कहना था कि खूब मना किया लेकिन नरेश नहीं माना। उसे पता नहीं था कि वंदे भारत कितनी स्पीड से पलभर में ही फाटक पर पहुंच जाएगी।

लोगों ने बताया कि इतना भयानक मंजर उन्होंने कभी नहीं देखा। आंखों के सामने पूरा परिवार खत्म हो गया। शव देखकर हर लोगों की आंख से आंसू बह निकले। बताया जा रहा है कि वंदे भारत ट्रेन रविवार को नौ मिनट की देरी से शाम 6:54 बजे आई थी।

mother and daughters died:Vande Bharat train came at a speed of 130 km, family was destroyed in a momentt
मौके पर जमा लोग - फोटो : Amar Ujala

दो घंटे तक ट्रैक के किनारे पड़े रहे शव
कासमपुर फाटक के पास हादसे की सूचना पर लोगों की भीड़ भी घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ी। मौके पर पहुंचे लोग शवों की क्षत-विक्षत हालत देख नहीं पाए। करीब दो घंटे तक तीनों शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े रहे। बाद में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

नरेश का बेटा लूट के मामले में गया था जेल
हादसे के बाद नरेश ने बताया कि लगभग चार माह पूर्व उसके बेटे आशीष को लालकुर्ती पुलिस ने लूट के मामले में जेल भेजा था, लेकिन उसका बेटा निर्दोष है। पीड़ित ने लालकुर्ती पुलिस पर आरोप लगाए। पीड़ित के अनुसार बेटे की जमानत के लिए उसने बहन से बात की थी। इसी सिलसिले में जमानती ढूंढने के लिए बहन के यहां जा रहा था। तभी यह सब हो गया।

विज्ञापन

mother and daughters died:Vande Bharat train came at a speed of 130 km, family was destroyed in a momentt
हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ - फोटो : Amar Ujala

अब कौन करेगा देखभाल
नरेश की बदहवास हालत देखकर हर कोई यही कह रहा था कि इसका अब क्या होगा। पत्नी और दो बेटियों की मौत हो गई। बेटा जेल में बंद है। ऐसे में नरेश की देखरेख अब कौन करेगा। लोगों का कहना था कि अगर नरेश नियमों का पालन कर लेता। लोगों की सुन लेता तो उसका पूरा परिवार इस तरह से नहीं उजड़ता। पत्नी और दोनों बेटियों की जान इसलिए चली गई कि उनको लगा कि नरेश ट्रेन से टकरा जाएगा, नरेश तो निकल गया लेकिन वे तीनों मौत के मुंह में चली गईं।
 
शवों को देखकर बिलखता रहा नरेश
हादसे के बाद नरेश ने अपनी आंखोंं के सामने पत्नी और दोनों बेटियों के शव देखे तो वह बिलख पड़ा। नरेश शवों से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगा। बेटियों के शव देखने के बाद तो वह बेसुध ही हो गया।
 
फाटक के पास सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग
भाजपा नेता संजीव मंगवाना ने रेलवे अधिकारियों से फाटक के पास सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। भाजपा नेता ने कहा कि फाटक बंद होने के बाद भी कुछ लोग उसके नीचे से निकलकर जान को जोखिम में डालते हैं। सीसीटीवी लगने से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। भाजपा नेता ने फाटक के पास हाईमास्ट लगाने की मांग की है। बड़ी लाइट लगने से ट्रेन दूर से भी आते हुए दिखाई देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed