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चंद्रलोक कॉलोनी में बंदरों का युवक पर किया हमला
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चंद्रलोक कॉलोनी में बंदर के हमले से घायक युवक
- फोटो : kathua
मेरठ। वार्ड-51 चंद्रलोक कॉलोनी निवासी अजय बिष्ट पर सोमवार को बंदरों ने हमला कर दिया। युवक ने शोर मचाया। इसके बावजूद बंदरों ने उसके हाथ-पैर नोच दिए। लोगों की भीड़ लगने पर उनको खदेड़ा गया। स्थानीय पार्षद राजेंद्र उपाध्याय कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। पार्षद ने नगर निगम और वन विभाग के अधिकारियों को फोन किया। दोनों विभाग ने एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ते हुए कार्रवाई नहीं की। इस पर लोगों ने हंगामा भी किया।
पार्षद के मुताबिक अजय बिष्ट सोमवार को बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान घर से 100 मीटर पहले पांच-छह बंदरों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। अजय चिल्लाते रहे और बंदर उनके हाथ-पैर नोचते रहे। लोगों ने युवक को बचाया और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लोगोंं ने बताया कि चंद्रलोक कॉलोनी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इसकी शिकायत भी की। इसके बावजूद निगम ने कार्रवाई नहीं की। वन विभाग और नगर निगम एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंकते रहते हैं। लोग बंदरों से परेशान है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि वन विभाग बंदरों को वन्य जीव से बाहर बताकर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। नगर निगम को बंदर पकड़कर दूसरे जगह छोड़ने का अधिकार नहीं है। इसको लेकर कई बार वन विभाग और निगम अधिकारियों के बीच महापौर की अध्यक्षता में मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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पार्षद के मुताबिक अजय बिष्ट सोमवार को बाजार से सामान लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान घर से 100 मीटर पहले पांच-छह बंदरों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। अजय चिल्लाते रहे और बंदर उनके हाथ-पैर नोचते रहे। लोगों ने युवक को बचाया और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लोगोंं ने बताया कि चंद्रलोक कॉलोनी में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इसकी शिकायत भी की। इसके बावजूद निगम ने कार्रवाई नहीं की। वन विभाग और नगर निगम एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंकते रहते हैं। लोग बंदरों से परेशान है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि वन विभाग बंदरों को वन्य जीव से बाहर बताकर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। नगर निगम को बंदर पकड़कर दूसरे जगह छोड़ने का अधिकार नहीं है। इसको लेकर कई बार वन विभाग और निगम अधिकारियों के बीच महापौर की अध्यक्षता में मीटिंग हो चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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