मोहम्मद शमी की किस्मत बदलेंगे मेरठ के बल्ले व गेंद, खरीदीं खास ड्यूज बॉल
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टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से जहां अपने पारिवारिक विवाद के कारण एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, वहीं अपनी पत्नी से हुए विवाद को पीछे छोड़कर अब वह फिर से बेहतर प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए हैं। शमी अब मेरठ की गेंद और बल्ले से अपनी किस्मत बदलेंगे।
खरीदीं 24 गेंदें व 2 बल्ले
मोहम्मद शमी शनिवार को गेंद और बल्ला लेने मेरठ के एसएफ कंपनी पहुंचे। यहां उन्होंने कंपनी के निदेशक अनिल सरीन से गेंदों पर बात की। मोहम्मद शमी ने एसएफ से ड्यूज की 24 गेंदें और 1160 ग्राम वाले 2 बल्ले लिए। गौरतलब है कि इंग्लैंड दौरे के लिए वह यो-यो टेस्ट में फेल हो गए थे। जिस कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिली थी।
अब टीम इंडिया के गेंदबाज चोटिल हो गए हैं। ऐसे में उनकी जगह टेस्ट टीम में शमी को जगह मिल सकती है। इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है। इंग्लैंड दौरे से पहले वह एसएफ की इन्हीं गेंदों से अभ्यास करेंगे। क्योंकि इंग्लैंड के नम माहौल में ड्यूज की गेंदों से ही मैच होता है। एक घंटे तक मोहम्मद शमी कंपनी में रहे। पत्नी के साथ चल रहे विवाद पर शमी ने कहा कि अभी उनका फोकस क्रिकेट पर है।
मोटे चमड़े से बनी होती है 'ड्यूज बॉल'
ड्यूज बॉल में पूरी सिलाई हाथ से होती है। जिसमें अस्सी स्टिच की सिलाई की जाती है। बॉल की खास बात यह है कि यह नमी में भी बेहतरी से स्विंग करती है। नमी को सोखने के लिए गेंद में वेट्स लगती है। मेरठ की एसएफ कंपनी ड्यूज बॉल बनाती है। ये गेंदे इंग्लैंड के नम माहौल में अच्छी स्विंग करती है।
ड्यूज चमड़े का एक प्रकार है जो केवल इंग्लैंड में ही पाया जाता है। इन गेंदों में मोटे चमड़े पर 80 स्टिच की पतली सिलाई होती है। भारतीय गेंदों में नरम चमड़े पर पतली सिलाई होती है, जो नम माहौल में जल्दी सूखती है। लेकिन ड्यूज की गेंदों में मोटे चमड़े का प्रयोग होने से गेंद बेहतर स्विंग करती है। भारी मौसम में ये गेंदे अच्छे से मूव करती हैं। इनकी सीम (सिलाई) एयर में ही मूव होने लगती है। भारत में ठंडी हवाएं न होने के कारण गेंद जल्दी सूखती है।