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मिलावटी शराब का मामला : हाईवे स्थित ढाबों पर टैंकरों को रोककर ऑन डिमांड सप्लाई होता था मौत का सामान
Sun, 06 Jun 2021 03:50 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 06 Jun 2021 03:50 PM IST
सार
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सात लोगों के अलावा 13 और नाम प्रकाश में आए हैं। ये सभी ईएनए द्वारा मिलावटी शराब तैयार कर बेचते हैं।
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मिलावटी शराब का भंडाफोड़
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विस्तार
मेरठ एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) बनाने वाली पंजाब की कंपनियों और हरदोई की डिस्टलरी वालों से मिलावटी शराब बनाने वालों का गहरा कनेक्शन है। इनका वेस्ट यूपी में बड़ा नेटवर्क फैला था। हाईवे स्थित ढाबों पर टैंकरों के ड्राइवर ईएनए उतारते थे, जहां से माफिया मिलावटी शराब बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे।
एसएसपी अजय साहनी ने गैंग का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए हैं। बताया, गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा होने के बाद ईएनए लाने वाली पंजाब की तीनों डिस्टलरी के साथ-साथ ईएनए आपूर्ति करने वाली मधु ट्रांसपोर्ट कंपनी की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। 13 लोगों के नाम और हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एसएसपी के अनुसार पंजाब की कंपनी ईबीडीएल बनूड़, किडी नंगल, गुरदासपुर और पायनियर कंपनी पठानकोट से टैंकर भरकर रवाना होते थे। शुरुआती छानबीन में सामने आया कि डिस्टलरी कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से टैंकरों में अतिरिक्त ईएनए भर दिया जाता था। यही अतिरिक्त ईएनए यहां हाईवे के ढाबों पर उतारकर गिरोह मांग के मुताबिक आपूर्ति करता था।
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एसएसपी अजय साहनी ने गैंग का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए हैं। बताया, गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा होने के बाद ईएनए लाने वाली पंजाब की तीनों डिस्टलरी के साथ-साथ ईएनए आपूर्ति करने वाली मधु ट्रांसपोर्ट कंपनी की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। 13 लोगों के नाम और हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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एसएसपी के अनुसार पंजाब की कंपनी ईबीडीएल बनूड़, किडी नंगल, गुरदासपुर और पायनियर कंपनी पठानकोट से टैंकर भरकर रवाना होते थे। शुरुआती छानबीन में सामने आया कि डिस्टलरी कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से टैंकरों में अतिरिक्त ईएनए भर दिया जाता था। यही अतिरिक्त ईएनए यहां हाईवे के ढाबों पर उतारकर गिरोह मांग के मुताबिक आपूर्ति करता था।
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टैंकरों से ढाबों पर चोरी होता था ईएनए
पंजाब से टैंकरों में ईएनए भरकर हरदोई जाता था। ढाबे पर टैंकर खड़े होते थे और यहीं से ईएनए चोरी होता था। मिलावटी शराब बनाने वाले गिरोह के संबंध टैंकर ड्राइवरों से हैं। दो ड्राइवर पकड़े गए हैं। जहां टैंकर ईएनए भरकर सील किया जाता है, वहां भी इसकी सेटिंग है। सांठगांठ के चलते टैंकरों से ईएनए चोरी होता है। जिसका पैसा ड्राइवरों के साथ कंपनी व डिस्टलरी के कर्मचारियों तक जाता है। एसएसपी ने इन सब की जांच कराने की बात कही है।
मिलावटी शराब बनाने वालों की भी पहचान
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सात लोगों के अलावा 13 और नाम प्रकाश में आए हैं। ये सभी ईएनए द्वारा मिलावटी शराब तैयार कर बेचते हैं। इनमें मेरठ जिले के बबलू उर्फ दिनेश जाटव और योगी पुत्र सलेख चंद कस्बा दौराला, अजय उर्फ जगन व विजय उर्फ कंपोस्ट पुत्र स्वर्गीय बृजपाल सिंह निवासी ग्राम चिरोड़ी थाना दौराला, आदित्य उर्फ सोनू तोमर पुत्र गजराज निवासी ग्राम बुनियादपुर थाना फलावदा, सुनील उर्फ गजेंद्र निवासी रुद्रपुर दौराला, सुरेश पुत्र महेंद्र निवासी ग्राम समोली दौराला, बबली पत्नी स्वराज, काकू पुत्र तुलाराम, अनिल लंगड़ा पुत्र विजयपाल निवासी रुहाना थाना दौराला, मुशाहिद चालक और गंगदीप कर्मचारी मधु ट्रांसपोर्ट के अलावा टीटू पुत्र चंद्रपाल ग्राम नगवा बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर), शामिल हैं।
पंचायत चुनाव में भी बिकी मिलावटी शराब
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर के मुताबिक दो आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पंचायत चुनाव में मिलावटी शराब खूब बिकी है। हाईवे स्थित ढाबों पर शराब माफिया के साथ मीटिंग होती थी और फिर टैंकरों से ईएनए उतारा जाता था। पुलिस ने बताया कि शामली स्थित एक टीटू नाम के युवक का दावा है जहां पर बड़ी डीलिंग होती थी, माफिया की इस ढाबे पर अच्छी पकड़ है। अब ढाबे वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
पंजाब से टैंकरों में ईएनए भरकर हरदोई जाता था। ढाबे पर टैंकर खड़े होते थे और यहीं से ईएनए चोरी होता था। मिलावटी शराब बनाने वाले गिरोह के संबंध टैंकर ड्राइवरों से हैं। दो ड्राइवर पकड़े गए हैं। जहां टैंकर ईएनए भरकर सील किया जाता है, वहां भी इसकी सेटिंग है। सांठगांठ के चलते टैंकरों से ईएनए चोरी होता है। जिसका पैसा ड्राइवरों के साथ कंपनी व डिस्टलरी के कर्मचारियों तक जाता है। एसएसपी ने इन सब की जांच कराने की बात कही है।
मिलावटी शराब बनाने वालों की भी पहचान
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सात लोगों के अलावा 13 और नाम प्रकाश में आए हैं। ये सभी ईएनए द्वारा मिलावटी शराब तैयार कर बेचते हैं। इनमें मेरठ जिले के बबलू उर्फ दिनेश जाटव और योगी पुत्र सलेख चंद कस्बा दौराला, अजय उर्फ जगन व विजय उर्फ कंपोस्ट पुत्र स्वर्गीय बृजपाल सिंह निवासी ग्राम चिरोड़ी थाना दौराला, आदित्य उर्फ सोनू तोमर पुत्र गजराज निवासी ग्राम बुनियादपुर थाना फलावदा, सुनील उर्फ गजेंद्र निवासी रुद्रपुर दौराला, सुरेश पुत्र महेंद्र निवासी ग्राम समोली दौराला, बबली पत्नी स्वराज, काकू पुत्र तुलाराम, अनिल लंगड़ा पुत्र विजयपाल निवासी रुहाना थाना दौराला, मुशाहिद चालक और गंगदीप कर्मचारी मधु ट्रांसपोर्ट के अलावा टीटू पुत्र चंद्रपाल ग्राम नगवा बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर), शामिल हैं।
पंचायत चुनाव में भी बिकी मिलावटी शराब
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर के मुताबिक दो आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पंचायत चुनाव में मिलावटी शराब खूब बिकी है। हाईवे स्थित ढाबों पर शराब माफिया के साथ मीटिंग होती थी और फिर टैंकरों से ईएनए उतारा जाता था। पुलिस ने बताया कि शामली स्थित एक टीटू नाम के युवक का दावा है जहां पर बड़ी डीलिंग होती थी, माफिया की इस ढाबे पर अच्छी पकड़ है। अब ढाबे वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
ये समान किया गया बरामद
60 हजार लीटर ईएनए भरे दो टैंकर
50 लीटर क्षमता वाले ईएनए भरे सात केन
40 लीटर क्षमता वाले ईएनए भरे सात केन
250 मिलीलीटर के 850 प्लास्टिक पाउच ईएनए भरे
दो-दो लीटर की 21 बोतलें ईएनए भरीं
टैंकर से ईएनए निकालने के लिए एक टोटीनुमा पाइप
600 रैपर दिलदार ब्रांड देशी शराब
दो पेटी दिलदार ब्रांड नकली शराब के 1000 से ज्यादा खाली पव्वे
पैकिंग में काम आने वाली 2000 रबर व पन्नी
खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दो लाख का इनाम
मिलावटी शराब के खेल का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को अपर मुख्य सचिव (गृह) ने दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। जनपद ही नहीं, मंडल में यह पहला अवसर है, जब दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। एसएसपी ने गिरोह के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर, आशुतोष कुमार, एसओजी प्रभारी वरुण शर्मा सहित पूरी टीम की सराहना की है।
60 हजार लीटर ईएनए भरे दो टैंकर
50 लीटर क्षमता वाले ईएनए भरे सात केन
40 लीटर क्षमता वाले ईएनए भरे सात केन
250 मिलीलीटर के 850 प्लास्टिक पाउच ईएनए भरे
दो-दो लीटर की 21 बोतलें ईएनए भरीं
टैंकर से ईएनए निकालने के लिए एक टोटीनुमा पाइप
600 रैपर दिलदार ब्रांड देशी शराब
दो पेटी दिलदार ब्रांड नकली शराब के 1000 से ज्यादा खाली पव्वे
पैकिंग में काम आने वाली 2000 रबर व पन्नी
खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दो लाख का इनाम
मिलावटी शराब के खेल का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को अपर मुख्य सचिव (गृह) ने दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। जनपद ही नहीं, मंडल में यह पहला अवसर है, जब दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। एसएसपी ने गिरोह के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर, आशुतोष कुमार, एसओजी प्रभारी वरुण शर्मा सहित पूरी टीम की सराहना की है।