मंत्री संजीव बालियान बोले- जांच हो जरूर, उपद्रव में मदरसे के छात्र शामिल होने की मिली सूचना
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केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने मुजफ्फरनगर शहर में हुए उपद्रव में मदरसों के छात्रों के शामिल होने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आखिर किसके कहने पर 12 से 18 साल तक छात्र हाथों में पत्थर लेकर उपद्रव में शामिल हुए। उनके हाथों में किसने पत्थर थमाए और कौन ऐसे मदरसों को नियंत्रित करता है, इन सबकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पास में ही देबवंद है। मदरसों से जुड़ा मामला है। उन्होंने जमियत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी के बयान पर भी सवाल खड़े कर कहा कि एसआईटी इन सबकी जांच करें।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए 20 दिसंबर को सीएए के विरोध में शहर में हुए उपद्रव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उपद्रव में मदरसों के छात्र शामिल रहे, जो पकड़े भी गए और उन्हें बाद में छोड़ा भी गया। 12 से लेकर 18 साल तक के मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के हाथों में पत्थर थे। किसके कहने पर वो मदरसों से बाहर आए और उपद्रव में शामिल हुए, इसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि बच्चों के हाथों में पत्थर आने वाली पीढ़ी के लिए ठीक नहीं है। कारगिल का रहने वाला यहां मदरसे में पढ़ रहा बच्चा भी उपद्रव में पत्थरबाजी करता पकड़ा गया। इसकी जानकारी कारगिल के सांसद ने उन्हें दी। उपद्रव के लिए आखिर इतनी भीड़ किसके कहने पर सड़कों पर उतरी, मदरसों के छात्रों का किसने ब्रेन वॉश किया था, इन सबकी जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि पिछले दिनों जमियत उलमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने देवबंद में धरने के दौरान बयान दिया था कि सीने कम नहीं पड़ेंगे, गोली कम पड़ जाएंगी। उसी बयान पर केंद्रीय राज्यमंत्री डाक्टर संजीव बालियान ने जांच कराने की बात कही है।
सीएम से वार्ता करेंगे
डॉ. बालियान ने कहा कि शहर में हुए उपद्रव में मदरसों के छात्रों की गिरफ्तारी हुई है। आखिर कौन उन्हें भ्रमित कर रहा है, इसकी जांच प्रशासन कराए। वो इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से भी वार्ता करेंगे।
उपद्रव में हुई थी एक की मौत
मुजफ्फरनगर में 20 दिसंबर को हुए उपद्रव में एक युवक की मौत हो गई थी। शहर के मीनाक्षी चौक के पास उग्र भीड़ ने प्रदर्शन कर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की थी। उपद्रवियों ने शहर में करीब 51 वाहनों को आग के हवाले किया था। वहीं अस्थायी पुलिस चौकी भी फूंक दी गई थी।
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बता दें कि गोली बारी में तीन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था। मीनाक्षी चौक और शिव चौक पर अलग अलग पक्ष की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। मीनाक्षी चौक के अलावा महावीर चौक पर पथराव और लाठीचार्ज हुआ था।
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वहीं कच्ची सड़क पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान लाठीचार्ज हुआ था। सरवट चौक पर जाम लगाया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया था।
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