अपराजिता: गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने की अमर उजाला अभियान की सराहना
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अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत गुरुवार को शहर की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित महिला स्वास्थ्य परामर्श और जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें शहर के ग्लोबल शांति केयर अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 268 मरीजों की जांच की। चिकित्सकों ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित भोजन करना जरूरी है। सभी लोगों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
शिविर का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना की। कहा कि ये अभियान हमारी बेटियों को भावनात्मक रूप से मजबूत करेगा। साथ आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा। अमर उजाला समाज सेवा के क्षेत्र में भी आगे बढ़कर काम कर रहा है।
व्यापारी नेता घनश्याम दास ,पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, महिला उद्यमी रीतू गोयल ने कहा कि अमर उजाला के अपराजिता अभियान में हो रहे कार्यक्रमों से बेटियों ,महिलाओं में एक सकारात्मक संदेश जा रहा है। उन्हें सशक्त बनाने की ये मुहिम सराहनीय है।
शिविर में शहर के ग्लोबल शांति केयर अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 268 मरीजों की निशुल्क जांच की। इस मौके पर समाजसेवी वीना अग्रवाल, कुमुद शर्मा, नेशनल ताइक्वांडो गोल्ड मेडलिस्ट कोमल सिंह, अंजली पांचाल, रीना गौतम, पिंकी अग्रवाल, शिखा गोयल, आभा संगल, रुचि गोयल, गीता जैन, अनिता बंसल, पूजा मित्तल, आरती मित्तल आदि का सहयोग रहा।
शिविर में हुई जांच
परामर्श 268 मरीज
ब्लड शुगर जांच 150
एचबी 89
आरए फेक्टर 20
हेपेटाइटिस एबीसी 10
एक्सरे 10
अमर उजाला का अपराजिता अभियान महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनूठी पहल है। उनका संस्थान इस तरह के अभियान में मदद के लिए हमेशा आगे रहेगा। इस तरह के आयोजनों से समाज में अच्छा संदेश जाता है।
-कुशांक चौहान, डायरेक्टर ग्लोबल शांति केयर
चिकित्सकों ने ये दिए टिप्स
धूल से आंखों को बचाएं
आंखों की बेहतर रोशनी के लिए हरी सब्जी और ताजे फल खाने चाहिए। आंखों को धूल ,मिट्टी से बचाकर रखना चाहिए। यही आंखों में इंफेक्शन की वजह बनते हैं। बाहर से आने पर साफ पानी से आंखों को धोएं। - संजीव सिंह नेत्र रोग विशेष
खानपान पर ध्यान देना जरूरी
ब्रेस्ट कैंसर
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर अधिकतर 35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को होता है। शुरूआती स्टेज में इसे पकड़ने को सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन करा लेना चाहिए। महिलाओं को खान पान पर खास ध्यान देना चाहिए। - डॉ सलीम जावेद, एमबीबीएस एमएस
किशोरावस्था में ही बेटियों पर ध्यान दें
किशोरावस्था से ही बेटियों का अच्छा खानपान होना चाहिए। हालांकि ऐसा नहीं होने की वजह से उन्हें आगे चलकर परेशानी आती हैं। अधिकांश गर्भवती महिलाओं में खून की कमी देखी जा रही है। किशोरियों को अपने खाने में हरी सब्जी, दूध ,पनीर आदि खाना चाहिए। - सादिया हुसैन, महिला रोग विशेष
दर्द से बचाएगा योग
बढ़ती उम्र में शरीर में जोड़ों का दर्द शुरू हो जाता है। कमर दर्द की शिकायत भी होती है। हड्डी मजबूत रखने के लिए अधिक से अधिक दूध पनीर और कैल्शियम बढ़ाने वाली चीजें खानी चाहिए। नियमित योग से भी मांसपेशियां और हड्डियां लचीली होती हैं। - डॉ. अक्षय कुमार आर्थो
घर में सफाई और साफ पानी बहुत जरूरी
बदलते मौसम में बुखार, खांसी आदि की शिकायतें बढ़ती है। एलर्जी की शिकायत भी बढ़ जाती है। बीमारियों की बड़ी वजह साफ सफाई का अभाव भी है। अक्सर देखा गया है कि सफाई ठीक ना रखने से स्किन की बीमारियां होती हैं। दूषित पानी से पेट संबंधी कई रोग होते हैं। इसलिए घर में सफाई और साफ पानी होना बहुत जरूरी है। - डॉ मदन मोहन झा एमडी फिजिशन
अब देश की हिफाजत कर रही हैं बेटियां
अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान से पूरे जिले की छात्राएं व महिलाएं जुड़ने लगी हैं। अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्राएं भाग ले रही हैं। बृहस्पतिवार को कुंवर सत्यवीरा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। सीओ सिटी महेश कुमार ने छात्राओं को सुरक्षित रहने व नारी समाज को सुरक्षा के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया।
कुंवर सत्यवीरा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में सीओ सिटी महेश कुमार ने कहा कि सुरक्षा पुलिस प्रदान करती है, लेकिन सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना सभी का फर्ज है। आज बेटियां देश की सरहदों की भी हिफाजत कर रही हैं। वायुसेना में पायलट हमारी बेटियों पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के हालात में दृढ़ता से खड़ी हैं। ये बेटियां पूरे देश के लिए रोल मॉडल हैं। कहा कि नारी समाज को सुरक्षा देने के लिए पुलिस ने विशेष रूप से हेल्पलाइन नंबर 1090 चला रखा है।
अगर किसी महिला के साथ कोई परेशानी है, कोई छेड़खानी करता है या अन्य तरीके से परेशान करता है तो इस नंबर पर सूचित किया जा सकता है, लेकिन केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों की मदद के लिए भी इस हेल्पलाइन नंबर की मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिक्षा केवल उनके लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए है। छात्राएं समाज में अनेक जागरूकता कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और उनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने छात्राओं को यातायात अभियान में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। कहा कि साल भर में जिले में 60 हत्या होती हैं, लेकिन लापरवाही के कारण सड़क हादसों में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती हैं। पुलिस हेलमेट व कार की सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है। अगर नारी समाज इस अभियान से जुड़ जाए तो सड़क हादसों में होने वाली मौत को बहुत कम किया जा सकता है। कहा कि जब भी उनका कोई परिजन वाहन से कहीं जाए तो घर की महिलाएं उन्हें बिना सीट बेल्ट लगाए या बिना हेलमेट पहने न जाने दें।
संस्था वित्त निदेशक उमेश कुमार गुप्ता ने कहा कि अमर उजाला का अभियान बहुत अच्छा है। इससे बेटियों में जागरूकता आएगी। ऐसे कार्यक्रमों की वजह से ही देश में कल्पना चावला जैसी बेटियां सामने आएंगी। इस दौरान लोकेश कुमार अग्रवाल, सुनील भारद्वाज, अजय उपाध्याय, प्रशांत सक्सेना, अंकित राजन अग्रवाल, निशा चौधरी, विवेक कुमार, स्मृति रानी, गौरव गुप्ता, विभोर राजवंशी, देवेंद्र पुंडीर, एनपी भंडारी, राखी रानी आदि मौजूद रहे।
सवाल भी पूछे और सुझाव भी दिए
छात्रा धैर्या रानी, कनिका भारद्वाज, रूही इकबाल, खुशबू सिंह आदि ने पुलिस से सवाल पूछे व सुझाव भी दिए। मालूम किया कि पुलिस के घटनास्थल पर देर से क्यों आती है। कूड़ा बीनने वाली लड़कियों की सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं। क्या गांव स्तर पर पुलिस की तैनाती की जा सकती है। एक छात्रा ने अंतर जातीय विवाह करने पर मिलने वाली पुलिस सुरक्षा के बारे में मालूम किया। सीओ ने बताया कि पुलिस अब बदल गई है। अब पुलिस अफसर भी जनता के बीच जाकर संवाद कर रहे हैं। कहा कि अंतर जातीय विवाह करने वालों को पुलिस सुरक्षा देती है। उन्होंने भी अंतर जातीय विवाह किया है।
गली मोहल्लों में भी हो कार्यक्रम
शिक्षिका निशा चौधरी के अनुसार महिलाओं को सुरक्षा की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इस तरह की पाठशाला गली मोहल्लों में भी लगनी चाहिए।
आएगी जागरूकता
शिक्षिका स्मृति चौधरी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को तुरंत मदद मिलनी चाहिए। अमर उजाला के कार्यक्रम से महिलाओं में जागरूकता आएगी।
अमर उजाला की पहल सराहनीय
शिक्षिका निकेता राजपूत ने कहा कि अमर उजाला के अभियान से महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 घर घर पहुंचेगा। यह एक सराहनीय पहल है।
बदल रही मानसिकता
शिक्षिका सादिया ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए अब पूरा विश्व एकमंच पर है। पुरुष भी अपनी मानसिकता बदल रहे हैं।
महिलाएं हो रहीं जागरूक
शिक्षिका रतिका अग्रवाल के अनुसार महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए खुद भी जागरूक हो रही हैं। जो समाज जागरूक नहीं होता उसका शोषण होता ही है।
सामर्थ्य किया साबित
छात्रा ममता के अनुसार बेटियों ने पूरी दुनिया में अपना सामर्थ्य साबित कर दिया है। अब मां-बाप भी घर में बेटी आने की कामना करते हैं।
बेटियों से है देश का मान
छात्रा साक्षी के अनुसार बेटियों का मान ही देश का मान है। दूसरे देशों में देखा जाता है कि वहां महिलाओं से कैसा व्यवहार होता है। अब महिलाओं को पूरे देश में बहुत सम्मान मिल रहा है।
वीरता और त्याग की मूर्ति
छात्रा इकरा फातिमा के अनुसार भारत की बेटियां वीरता और त्याग की मूर्ति हैं। पूरे विश्व में भारत की बेटियों का सम्मान होता है।
बिना बेटी, नहीं समाज
छात्रा सुमी ने बताया कि बेटियों से ही देश, समाज और घर है। बेटियों के बिना इनकी कल्पना नहीं की जा सकती है।
बराबर का हक
छात्रा इकरा हसीन के अनुसार संविधान ने बेटियों को बराबर का हक दिया है। धार्मिक व संवैधानिक रूप से भी बेटियों से कोई भेदभाव नहीं होनाचाहिए।
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