नीरव मोदी के बाद अब उमेश मोदी भाग सकता है विदेश, राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने दिया संकेत
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बागपत में मलकपुर चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र के बकाया 312 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किए जाने से किसानों के बीच आक्रोश है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने सूबे के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा को पत्र लिखकर अंदेशा जताया है कि लोकसभा चुनाव से पहले मलकपुर मिल मालिक किसानों के करोड़ों रुपये लेकर नीरव मोदी की तरह विदेश फरार हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने चुनावी घोषणापत्र, सीएम योगी आदित्यनाथ के दो बार किए वायदे और किसानों के बीच की वर्तमान स्थिति का हवाला भी दिया है।
रविवार को डॉ. सत्यपाल सिंह ने भेजे पत्र में कहा कि मलकपुर मिल मालिक चीनी मिलों के रुपये को दूसरी मिलों में डायवर्ट कर चुके हैं, इसकी शिकायत वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी कर चुके हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 11 सितंबर को बड़ौत में किसानों को भुगतान का वायदा किया और भुगतान नहीं करने पर मिल मालिक को जेल भेजने की बात भी कही थी। इसके अलावा 22 नवंबर को गढ़मुक्क्तेश्वर में सीएम ने 30 नवंबर तक पूर्ण भुगतान की बात कही । भाजपा ने घोषणापत्र में भी 100 दिन में भुगतान की बात कही। अक्तूबर में दिल्ली में किए किसानों के प्रदर्शन में भी बकाया भुगतान दिलाना किसानों की मुख्य मांग थी। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाओं का क्रियान्वयन मंत्रिमंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है और भुगतान किया जाना चाहिए।
इसीलिए हारे थे कैराना उपचुनाव
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने लिखा कि उनका मानना है कि सरकार एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के आश्वासनों एवं घोषणाओं का समय रहते क्रियान्वयन करवाना मंत्रिमंडलीय सहयोगियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसा न करने से जहां एक ओर जनमानस में आक्रोश पैदा होता है, वहीं विपक्षी नेताओं को इन विषयों को चुनावी मुद्दा बनाने में आसानी होती है। कैराना संसदीय उपचुनाव में पार्टी इसका खामियाजा भुगत चुकी है।
पासपोर्ट जब्त कर, जारी किया जाए लुक आउट नोटिस
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि सरकार की वर्तमान नीति के अनुरूप यदि मिल मालिक सॉफ्ट लोन न लेकर भुगतान नहीं करता तो कार्रवाई होनी चाहिए। मिल प्रबंधन के बजाए मिल मालिक उमेश मोदी एवं अन्य डायरेक्टरों के खिलाफ किसानों के 231.76 करोड़ रुपये अन्य मिलों को डायवर्ट करने पर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, पासपोर्ट जब्त किया जाए और लुक आउट नोटिस दिया जाए। मिलों का सरकार अधिग्रहण करें और जिन मिलों में किसानों के रुपये डायवर्ट किए हैं, उनकी संपत्ति नीलाम की जाए। उन्होंने कहा मोदीनगर और मलकपुर मिल के मालिक गन्ने का बकाया बढ़ाकर मिल को नीलाम करा सकते हैं, इसलिए रिकवरी की स्थिति में दोनों को साथ जोड़ा जाए।
मलकपुर और मोदीनगर मिल पर 462 करोड़ बकाया
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप की दोनों मिलों पर किसानों के करीब 462 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें से मलकपुर चीनी मिल पर 321 करोड़ और मोदीनगर चीनी मिल पर 150 करोड़ बकाया है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार को प्राथमिकता से दोनों चीनी मिलों से जुड़े गन्ना किसानों का भुगतान कराना चाहिए।
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