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मेरा सब कुछ ले लो, कालेज के वो पांच साल लौटा दो

Fri, 17 Nov 2017 11:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 17 Nov 2017 11:10 AM IST
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mera sab kuch le lo, college ke paach saal lauta do
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

‘मैं गांव से आया था। कुछ भी नहीं जानता था। उठने, बैठने, खाने का सलीका तक नहीं था। मेरठ कालेज में प्रवेश लिया तो यहां के विश्व स्तरीय प्रोफेसरों ने जिंदगी को संवार दिया। डॉ. पुरी, प्रो. यादव, डॉ. एलए खान और डॉ. परमात्मा शरण जैसे शिक्षकों ने मुझे तराशा। उनके दिए ज्ञान की बदौलत एमएलए से लेकर एमपी, मंत्री और राज्यपाल तक बना। आज मैं अपना सब कुछ लौटाने को तैयार हूं, बस कोई मुझे कालेज के वो पांच साल लौटा दे।’ बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जब मेरठ कालेज के खचाखच भरे ओपन स्टेडियम में जब कुछ इस तरह से अपनी भावनाओं का इजहार किया तो पूरा कालेज तालियों से गूंज उठा। सत्यपाल मलिक बृहस्पतिवार को यहां मेरठ कॉलेज की 125वीं सालगिरह एवं सम्मान समारोह में संबोधन कर रहे थे। 

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सत्यपाल मलिक ने इसी कालेज से शिक्षा ग्रहण की और यहीं छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। बृहस्पतिवार को जब एक नए रूप में उन्होंने इसी कालेज में बोलना शुरू किया तो पूरी तरह से पुराने दिनों की याद में खो गए। अपनी जन्मभूमि की (उनका मूल गांव हिसावदा है जो अब जनपद बागपत में है पर उस समय बागपत मेरठ का ही हिस्सा था) इस माटी की वही पुरानी खुशबू शायद उन्हें भावुक कर गई। एक बार जो उन्होंने बोलना शुरू किया तो यादों में डूब गए।  बोले, मेरी बहुत लोगों ने मदद की है। भाषा पर पकड़ बनाने का काफी फायदा मिला। बात 1967 की है। दुनिया में छात्र आंदोलन चल रहे थे। फ्रांस में बड़ा आंदोलन हुआ था। इस दौरान यूपी में छात्र आंदोलन में 40 छात्रों की मौत हुई थी। चार महीने आंदोलन चला। कक्षा में हाजिरी कम पड़ गई। पेपर में बैठने से रोक दिया गया। साथियों ने कहा, तुमको मंजूरी मिल जाएगी। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। परीक्षा छोड़ दी और अगले साल ही एलएलबी में दाखिला लिया। 
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मैं गवर्नर नहीं बना,  आप लोग गवर्नर बने हैं
मंच पर राज्यपाल ने कई बातें से गुदगुदाया भी। बोले, कभी बिहार आओ। चार गाय हैं। आर्गेनिक सब्जियां उगती हैं। 250 आम के पेड़ हैं। तालाब में मछलियां हैं। किसी चीज की कमी नहीं है। उन्होंने कहा राज्यपाल सिफारिश करने के लिए नहीं सम्मान करने के लिए होता है। मैं गवर्नर नहीं बना। आप लोग गवर्नर बने हैं। 
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सड़क पर लग जाता था जाम 
राज्यपाल ने अपने दौर की छात्र राजनीति में बड़ा नाम पूर्व एमएलसी सत्य प्रकाश राणा का लिया। वह कार्यक्रम में मौजूद थे। 1967 में सत्यपाल मलिक मेरठ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष थे। तब सत्यप्रकाश राणा लखनऊ विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा जब राणा जी लखनऊ में सड़क पर निकलते थे तो उनको देखने और मिलने वालों की वजह से सड़क पर जाम लग जाता था।  


मैं अकेला नहीं, कई और बड़े नाम
मेरठ कॉलेज के स्वर्णिम इतिहास के बारे में राज्यपाल ने कहा, मैं अकेला नहीं हूं, कॉलेज ने और कई बड़े नाम दिए हैं। भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मेरठ कॉलेज के छात्र रहे। आईबी के पूर्व चीफ केपी सिंह मेरठ कॉलेज के छात्र रहे। उनके अलावा और कई बड़े नाम हैं।

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