फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: UP government has asked for a list of people involved in communal violence or sedition

UP: शासन ने मांगी ऐसे लोगों की सूची, जो सांप्रदायिक हिंसा या देशद्रोह में लिप्त, माहौल बिगाड़ने वालों पर नजर

Sat, 20 May 2023 03:31 PM IST
कपिल kapil विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ
विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 20 May 2023 03:31 PM IST
सार

Meerut News : शासन ने ऐसे लोगों की सूची मांगी है, जो सांप्रदायिक हिंसा या देशद्रोह में लिप्त है। इनके अलावा ऐसे लोगों पर भी पैनी नजर जो माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।

विज्ञापन
Meerut: UP government has asked for a list of people involved in communal violence or sedition
एडीजी राजीव सभरवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा और देशद्रोह जैसे मामलों में लिप्त रहने वाले लोगों पर अब शासन स्तर से नजर रखी जाएगी। शासन की ओर से सभी जिलों से ऐसे लोगों की भी सूची मांगी गई है, जो सांप्रदायिक हिंसा या देशद्रोह में लिप्त रह चुके हों, या फिर आशंका हो कि वह भविष्य में माहौल बिगाड़ सकते हैं। अब पुलिस अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे लोगों को चिन्हित कर रही है। इसकी सूची जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। सूची में किन-किन लोगों के नाम शामिल किए जा रहे हैं, इसके बारे में गोपनीयता बरती जा रही है।

विज्ञापन


इसका उद्देश्य यह है कि यदि भविष्य में सांप्रदायिक हिंसा और देशद्रोह जैसा कोई मामला प्रकाश में आता है तो सबसे पहले यही लोग निशाने पर होंगे। इन्हीं लोगों से पूछताछ होगी। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि जिस व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हो, उसे अपराधी ही मान लिया जाए। सभी सबूत सामने आने के बाद ही उन पर कोई कार्रवाई होगी। प्रदेश में शांति व्यवस्था के मकसद से ऐसा किया जा रहा है।
विज्ञापन


प्रदेश के कई शहरों में सीएए और एनआरसी मामले में हुए थे दंगे
वर्ष 2019 में नागिरकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी प्रदेश के कई शहरों में दंगे हुए थे। मेरठ में भी छह लोगों की मौत हुई थी। इसमें 60 से अधिक लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज किया था। उसमें पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के लोगों के नाम भी आए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी: BJP का पार्षद हूं, मेरा चालान काटोगे क्या? पुराने वीडियो पर फिर कटा चालान, खूब चर्चा में है मामला

पकड़े जा चुके हैं रोहिंग्या
प्रदेश में समय-समय पर रोहिंग्या के मामले भी उठे हैं। हाल ही में मुरादाबाद पुलिस ने रोहिंग्या परिवार को पकड़ा था, जिससे पूछताछ में पता चला था कि वह कुछ साल पहले तक मेरठ में ही रह रहा था। इसके अलावा भी रोहिंग्या के कई मामले आ चुके हैं।

यह भी पढ़ें: मम्मी-पापा हत्याकांड: बीयर पार्टी के दौरान बनाया था कत्ल का प्लान, कई चौंकाने वाले खुलासे, सदमे में दादा-दादी

सांप्रदायिक हिंसा और देशद्रोह जैसे मामलों में लिप्त रहने वाले लोगों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिसके बाद समय-समय पर सूची मुख्यालय भेजी जाती है। - राजीव सभरवाल, एडीजी जोन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed