{"_id":"687a1abbb5e9462cbb08b94f","slug":"meerut-threatened-by-saying-i-am-the-sub-inspector-of-dadri-police-station-of-noida-and-extorted-money-2025-07-18","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: आशिकी के चक्कर में बन गया फर्जी दरोगा, धमकाकर करने लगा वसूली, ऐसे हुआ भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: आशिकी के चक्कर में बन गया फर्जी दरोगा, धमकाकर करने लगा वसूली, ऐसे हुआ भंडाफोड़
Fri, 18 Jul 2025 03:28 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 18 Jul 2025 03:28 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर का रहने वाला शुभम राणा खुद को दरोगा बताकर लोगों को धमकाता था और उनसे वसूली करता था। इंचौली के तीन लोगों ने उसे रुपये देने के बहाने बुलाया और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
फर्जी दरोगा शुभम राणा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंचौली थाना पुलिस ने फर्जी उप निरीक्षक बनकर अवैध वसूली करने वाले शुभम राणा को गिरफ्तार किया है। वह मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पचेड़ा रोड अंकित विहार का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से पुलिस की वर्दी, नेम प्लेट, अंगोला शर्ट, पुलिस कैप, चार स्टार, एक फर्जी पुलिस परिचय पत्र, एक मोबाइल बरामद किया है।
विज्ञापन
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह थाना दादरी ग्रेटर नोएडा में तैनात उप निरीक्षक बताकर लोगों को भ्रमित करता था। वहां की पुलिस से जांच कराई तो सब झूठा पाया गया। उसने स्वीकार किया कि वह फर्जी दरोगा बनकर लोगों से अवैध वसूली करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी दरोगा शुभम राणा ने शिवकुमार, सोनू कुमार, सुभाष चंद्र निवासी मुजफ्फरनगर से इसी तरह की वसूली की है। इन लोगों ने इंचौली क्षेत्र में शुभम राणा को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसके फर्जी दरोगा होने की जानकारी हासिल हुई। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
महिला से आता था मिलने
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा ने बताया कि आशिकी के कारण शुभम राणा फर्जी दरोगा बना है। सैनी गांव में उसकी एक महिला मित्र रहती है, उससे मिलने के लिए वह फर्जी दरोगा बनकर सैनी आया था। दोनों पहले जागरण मंडली में भजन गया करते थे। फर्जी दरोगा बनकर वह बयान लेने के बहाने महिला मित्र से मिलने सैनी गांव आया। परिवार वालों को उस पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दे दी, तब सारा मामला खुल गया।
एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा ने बताया कि आशिकी के कारण शुभम राणा फर्जी दरोगा बना है। सैनी गांव में उसकी एक महिला मित्र रहती है, उससे मिलने के लिए वह फर्जी दरोगा बनकर सैनी आया था। दोनों पहले जागरण मंडली में भजन गया करते थे। फर्जी दरोगा बनकर वह बयान लेने के बहाने महिला मित्र से मिलने सैनी गांव आया। परिवार वालों को उस पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दे दी, तब सारा मामला खुल गया।
पूछताछ में शुभम राणा ने बताया कि वह पहले वन विभाग में कार्य करता था। वह वहां चौकीदार था तो उसे ड्रेस पहनकर चौकीदारी करनी पड़ती थी। उसी से ही उसे फर्जी दरोगा बनने का आइडिया आया। उसने कहां से वर्दी ली और कहां सिलवाई, साथ ही फर्जी आई कार्ड कैसे बनवाया, इसकी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।