फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut SSP has started investigating the case after many family of shastri nagar warned of escape

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल, लखनऊ तक गूंजा मामला, चिपकाए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर

Sun, 21 Jul 2019 04:53 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 21 Jul 2019 04:53 AM IST
विज्ञापन
Meerut SSP has started investigating the case after many family of shastri nagar warned of escape
मामले की जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर-8 में एक दर्जन लोगों द्वारा ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाने का मामला लखनऊ तक गूंज गया। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शास्त्रीनगर में छेड़छाड़, स्टंटबाजी, मारपीट, पर्स लूट, चेन स्नैचिंग से लेकर हत्या और डकैती जैसे संगीन अपराधों के विरोध में स्थानीय लोग और भाजपा नेता पुलिस अफसरों का घेराव कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। कई मौकों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएसी और आरएएफ लगानी पड़ी। 

विज्ञापन


साल 2012 से साल 2017 के बीच कई बड़े मामले हुए। 13 जनवरी 2013 को सेंट्रल मार्केट के पास इंजीनियर ने बेटी को पानी के टब में डुबाकर मार डाला था। उस समय दूसरे वर्ग का एक युवक घर में मौजूद था। मामला शासन तक गूंजा। स्थानीय लोगों ने जमकर बखेड़ा किया था। जून 2013 में एक युवक ने माता-पिता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। जून 2016 में सेंट्रल मार्केट के पास ही तिहरे हत्याकांड के बाद हालात बिगड़ने से बचे थे। शास्त्रीनगर में विगत 25 फरवरी को व्यापारी मोहित मदान की डकैती के बाद हत्या कर दी गई थी। भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने एसएसपी को घेरकर हंगामा काटा था। पुलिस ने केस न खुलने पर इसे आत्महत्या बताकर एफआर लगा दी थी। शहर की कई चर्चित अपराध की घटनाएं शास्त्रीनगर से जुड़ी रही हैं। सेक्टर आठ के लोगों का आरोप है कि यहां कानून व्यवस्था लचर है। माहौल खराब हो चुका है। कॉलोनी का गेट 24 घंटे खुला रहता है। बाहरी लोग घूमते हैं। गार्ड की तैनाती के बाद भी दूसरे वर्ग के लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं।
विज्ञापन


पोस्टर लगाने वाले लोग यह बोले:
माहौल हो रहा खराब

यहां का माहौल लगातार खराब किया जा रहा है। चेन लूट, छेड़छाड़, और अश्लील हरकतें की जाती हैं। कालोनी का गेट होने के बावजूद बाहरी लोग परेशान करते हैं। हम यहां से मकान बेचकर जाना चाहते हैं। पूनम गोयल 361/8 शास्त्रीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन


मजबूरी बना मकान बेचना
कभी छेड़छाड़ होती है तो आधी रात को अश्लील गाने बजाए जाते हैं। दूसरे वर्ग के लोगों ने एक मकान फर्जी तरह से खरीदकर उस पर हिंदू नाम लिख लिया है। यहां रहने लायक माहौल नहीं है। मकान बेचना मजबूरी है। -लता तोमर 359/8 शास्त्रीनगर

कानून नाम की चीज नहीं
यहां गुंडई की हदें पार हैं। कानून व्यवस्था है नहीं। कभी भी घटना हो जाती है। पूरी कालोनी को एक वर्ग के लोग बदनाम कर रहे हैं। मकान बेचकर जाना चाहते हैं। -नीरज पुंडीर 358/8 शास्त्रीनगर

चैन से नहीं सो सकते
पहले कॉलोनी के गेट को लेकर हमने पुलिस की लाठियां खाईं। अब गेट खुला रहता है। आधी रात को भी हम चैन से नहीं सो सकते। माहौल लगातार बिगड़ रहा है। -संदीप, डेयरी संचालक का बेटा 339/8 शास्त्रीनगर

मैं तो भाजपाई हूं
मैं भाजपा कार्यकर्ता भी हूं। मैं अपना मकान बेचना चाहता हूं। पार्कों में लोहे के गाडर लगा दिए हैं। कहीं भी गाड़ी भी नहीं खड़ी कर सकते हैं। -सनी गर्ग 335/8 शास्त्रीनगर

बता भी नहीं सकते
25 साल हो गए। अब इतना माहौल खराब हो चुका है कि बता नहीं सकते। दूसरे वर्ग के लोग सरेआम यहां छेड़छाड़ करते हैं। प्रकाशी 278/8 शास्त्रीनगर

यहां भी यही हाल
सेक्टर-11 का माहौल बिगड़ने पर लोग यहां आकर रहे तो यहां भी वही हाल होने लगा है। बाहरी लोग घूमकर माहौल बिगाड़ते हैं। -सचिन जिंदल 347/8 शास्त्रीनगर

अब तो हद हो गई
25 साल से रह रहे हैं। अब तो छेड़छाड़, चेन व मोबाइल लूट और अश्लील गाने बजने से हद हो गई। घर से निकलना भी दूभर रहता है। -सुदेश यादव 337/ 8 शास्त्रीनगर

दूसरे ने लगाया पोस्टर
मैं अपने दोनों बेटों को मकान की व्यवस्था के लिए यह मकान बेचना चाहता हैं। लेकिन मकान बिकाऊ के पोस्टर मैंने नहीं किसी दूसरे ने लगाए हैं। लेकिन यहां लगातार माहौल बिगड़ता जा रहा है। - सतीश राणा 366/8 शास्त्रीनगर

मुझे बताया ही नहीं
रात में लोगों ने बैठक की। लेकिन मुझे नहीं बताया। मकान बिकाऊ के पोस्टर क्यों लगाए, इस पर बात होगी। हम कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने देंगे। एसडीएम और सीओ से लोग समस्या बता रहे हैं। कुछ समस्याएं हैं जिस पर स्थानीय लोगों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाए हैं। - राजेश रूहेला भाजपा पार्षद वार्ड 61

अपनी मर्जी से बेचा मकान
मेरे मकान के बराबर में दूसरे वर्ग के लोगों के भी कई मकान हैं। हम यहां मिलकर रहते हैं। हमने अपनी मर्जी से 23 लाख में मकान बेचा है। जो ज्यादा पैसा देगा उसको मकान बेचा है। कुछ लोग गलत आरोप लगा रहे हैं। मुझे धमकी दी कि दूसरे वर्ग के किसी भी व्यक्ति को मकान मत बेचना, नहीं तो अंजाम ठीक नहीं होगा। - भावना पत्नी राकेश गुप्ता  319/8 शास्त्रीनगर

अप्रैल 2014 में हुआ था बवाल
सेक्टर-8 में कॉलोनी के बाहर गेट लगाने पर सपा शासनकाल में अप्रैल 2014 में दूसरे वर्ग ने विरोध किया था, जिस पर सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। सीओ और इंस्पेक्टर ने महिलाओं पर लाठीचार्ज किया था तो भाजपाई सड़क पर उतर आए थे। लंबे समय तक यहां पुलिस पीएसी तैनात रही। बखेड़े के बाद यहां गेट लग पाया था।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed