Meerut: कोर्ट की लिफ्ट में 25 मिनट फंसे रहे सपा विधायक और वकील, बिना रुके ऊपर-नीचे आती-जाती रही, अटकी सांसें
मेरठ में कैपिटल अस्पताल की लिफ्ट में करिश्मा की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि शनिवार को कोर्ट की लिफ्ट खराब हो गई।
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मेरठ में कैपिटल अस्पताल की लिफ्ट में करिश्मा की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि शनिवार को कोर्ट की लिफ्ट में 25 मिनट तक सपा विधायक रफीक अंसारी, पुलिसकर्मी और पांच वकील फंस गए। लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला और वह छह मंजिल तक उतरी-चढ़ती रही।
विधायक ने फोन किया, तब सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, बाद में भूतल पर लिफ्ट के दरवाजे खुल गए। उसके बाद सीढ़ी से ही चढ़कर विधायक कोर्ट में पेश हुए। लिफ्ट में गड़बड़ी होने की चर्चा दिनभर कचहरी में रही। विधायक रफीक अंसारी की शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई थी। उनके पुराने मामले में सुनवाई के लिए उन्हें कोर्ट में जाना था।
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बताया गया है कि 6-7 बार लिफ्ट बिना रुके लगातार ऊपर-नीचे आती जाती रही है। लिफ्ट में पुलिसकर्मियों के मोबाइल का नेटवर्क चला गया। जैसे तैसे कर विधायक ने पुलिस को कॉल की। विधायक रफीक अंसारी ने बताया कि दरवाजे न खुलने के कारण सभी लोग परेशान हो गए थे। लिफ्ट खुलने के बाद राहत मिली।
लिफ्ट खराब होने की सूचना अधिवक्ताओं ने फोन पर दी। जिसके बाद उन्होंने कोर्ट मेनेजर लोकेश पंवार से बात की। लिफ्ट में फंसे अधिवक्ता, विधायक और पुलिसकर्मियों को सकुशल निकाला गया। लिफ्ट की जांच कराने की बात कोर्ट मैनेजर को कहा गया है। - अमित कुमार दीक्षित, महामंत्री मेरठ बार एसोसिएशन
सीएमओ ने कैपिटल अस्पताल प्रबंधक को नोटिस भेजा, स्पष्टीकरण मांगा
शास्त्रीनगर एल ब्लाक स्थित कैपिटल अस्पताल में लिफ्ट गिरने से करिश्मा की मौत के मामले में सीएमओ ने प्रबंधक को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। पांच दिसंबर को किठौर के बहरोडा गांव निवासी सेना के जवान अंकुश मावी की पत्नी करिश्मा ने बच्ची को जन्म दिया था।
प्रसव के दो घंटे बाद अस्पताल स्टाफ करिश्मा को लिफ्ट के भूतल पर लेकर जा रहे थे। लिफ्ट के दरवाजे में फंसकर करिश्मा की मौत हो गई। डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार की अध्यक्षता में सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, डिफ्टी सीएमओ और विद्युत सुरक्षा अधिकारी ने जांच की। कमेटी ने हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही के चलते महिला की मौत होना बताकर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी। इसमें अस्पताल में नक्शा, रैम्प, सीसीटीवी व बचाव से संंबंधित कोई इंतजाम न होना बताया गया था।
डीएम ने हॉस्पिटल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि हॉस्पिटल प्रबंधक कपिल देव त्यागी से स्पष्टीकरण मांगा है। सात दिन में जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी।