Encounter: आठवीं पास कर बना कार मकैनिक, फिर थामा अपराध का दामन, पूर्व विधायक पर हमले की ताक में था गैंगस्टर
दिल्ली पुलिस ने दोहरे हत्याकांड के आरोपी और 50 हजार के इनामी बदमाश को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। वह हाशिम बाबा गैंग का कुख्यात शूटर था। वह मेरठ में नाम बदलकर रह रहा था।
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मेरठ एसटीएफ ने दोहरे हत्याकांड में दिल्ली के हाशिम बाबा गिरोह का गैंगस्टर अनिल उर्फ सोनू उर्फ मटका को मुठभेड़ में मार गिराया। शनिवार सुबह टीपी नगर में एसटीएफ की सोनू मटका के साथ मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम भी साथ थी। एनकाउंटर में गोली लगने के बाद सोनू को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
सोनू मटका पर दिवाली के दिन (31 अक्टूबर) दिल्ली के शाहदरा इलाके में कारोबारी चाचा-भतीजे की हत्या करने का आरोप था। वारदात के बाद से ही दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार रात को उसकी लोकेशन मेरठ मिली। फिर एसटीएफ के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया।
सोनू मटका पर था 50 हजार का इनाम
सोनू मटका के पास से एसटीएफ को दो पिस्टल और 10 कारतूस, बाइक बरामद हुई। सोनू हाशिम बाबा गैंग का शूटर था। उस पर करीब 12 हत्या और डकैती के मुकदमे दिल्ली और यूपी में दर्ज थे। सोनू पर पुलिस ने 50,000 का इनाम रखा था।
सोनू की तलाश में 29 नवंबर को दिल्ली पुलिस की एक टीम मेरठ पहुंची थी। पता चला था कि वह अपेक्स सिटी में दीपक जाट के नाम से रह रहा था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया था।
2014 में सोनू दिल्ली के शकरपुर इलाके में हुई हत्या में जेल में बंद था। 2021 में पत्नी के ऑपरेशन के नाम पर वह पेरोल लेकर बाहर आया। जून 2021 में जेल में सरेंडर करना था, लेकिन वह फरार हो गया। शकरपुर में हुई हत्या में गाजियाबाद जिले के लोनी स्थित राजीव गार्डन का रहने वाला अजय उर्फ विजय भी आरोपी था।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोनू मटका और उसका दोस्त अजय साहिबाबाद के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा पर हमले की फिराक में थे। दोनों एक बार इस इरादे से गए भी थे, लेकिन वहां काफी लोग देख कर दोनों भागने को मजबूर हुए। इनकी बाइक वहीं छूट गई थी, जो हाशिम बाबा गैंग के आमिर उर्फ सलीम टिल्लन की निकली थी। दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने 30 नवंबर को अजय को गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी से गाजीपुर मंडी की तरफ जाते हुए अरेस्ट कर लिया था। पुलिस उससे सोनू मटका के बारे में जानकारी जुटा रही थी।
सोनू मटका 39 साल था। वह मूल रूप से बागपत का रहने वाला था। लेकिन काफी लंबे समय दिल्ली में रहता था। उसने 8वीं तक की पढ़ाई की थी। दिल्ली में रहकर कार मैकेनिक का काम करता था।