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मेरठ : एक घंटे तक ई रिक्शा में लेकर घूमता रहा बेटा, नहीं मिला ऑक्सीजन, महिला की मौत 

Thu, 22 Apr 2021 07:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 22 Apr 2021 07:44 PM IST
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Meerut: Son kept wandering in e-rickshaw for one hour, did not get oxygen, woman died
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में एक युवक अपनी बीमार मां को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एक घंटे तक ई-रिक्शा में लेकर घूमता रहा, लेकिन किसी अस्पताल में ऑक्सीजन वाला बेड नहीं मिला और उन्होंने तड़पकर दम तोड़ दिया।
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नूरजहां ( 50) लिसाड़ी गेट की रहने वाली थी। उन्हें कोरोना नहीं था। गुर्दों की समस्या थी। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इस कारण बेटा सोनू बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ई-रिक्शा में बैठाकर गढ़ रोड के कुछ अस्पतालों में ले गया।
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बताया कि सांस लेने में दिक्कत है, ऑक्सीजन की जरूरत है, लेकिन सबने हाथ खड़े कर दिए। बोले कि ऑक्सीजन वाला बेड उपलब्ध नहीं है। शाम 4:30 बजे मां ने दम तोड़ दिया।
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कोरोना महामारी के दौरान बुधवार को कोविड अंतिम संस्कार का रिकार्ड टूट गया। मार्च 2020 से अप्रैल 2021 के बीच सूरजकुंड श्माशान में यह पहला मामला रहा जब कोरोना से मरने वालों की संख्या 35 तक पहुंच गई। बुधवार रात 10:00 बजे तक 50 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। दोपहर 2:00 बजे के बाद अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफार्म फुल हो चुके थे। इसके बाद जमीन पर दाह संस्कार किया गया।

कोरोना की भयावहता का अंदाजा अंतिम संस्कार की संख्या से ही लगाया जा सकता है। बुधवार रात सूरजकुंड श्मशान में 35 कोरोना संक्रमित लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। बुधवार सुबह 7:00 बजे एक तरफ लोग फूल चुग रहे थे तो दूसरी तरफ तीन एंबुलेंस में पांच शव इस इंतजार में रखे गए थे कि कब प्लेटफार्म खाली हों और अंतिम संस्कार का कार्य शुरू किया जाए। फूल चुगने के बाद प्लेटफार्म की सफाई कर एक एक कर अंतिम संस्कार शुरू हुआ। एक के बाद एक शव आते रहे।

दोपहर 2:00 बजे तक सभी प्लेटफार्म फुल हो गए थे। इसके बाद जमीन पर अंतिम संस्कार का कार्य शुरू हुआ। साल 2020 अप्रैल में सूरजकुंड श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए अधिकतम 20 शव पहुंचे थे। बुधवार को यह आंकड़ा बढ़कर 35 पहुंच गया। इस बात की पुष्टि सूरजकुंड पर कार्यरत कार्यालय प्रमुख कपिल पटेल ने की।

रात 10:00 बजे तक भी शव आते रहे। कपिल ने बताया कि उन्होंने रात 10 बजे रोड गंगा मोटर कार्यालय में फोन कर अवगत कराया कि 47 शवों का अंतिम संस्कार हो चुका है। इस बीच कार्यालय में बताया गया कि तीन और शव आ रहे हैं। जिसके बाद आंकड़ा 50 पहुंच गया। 

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