{"_id":"6190aa2467a8f9070863339f","slug":"meerut-smuggled-against-aimim-leaders-for-sitting-on-dharna-outside-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ : थाने के बाहर धरने पर बैठने पर एआईएमआईएम के नेताओं के खिलाफ तस्करा डाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ : थाने के बाहर धरने पर बैठने पर एआईएमआईएम के नेताओं के खिलाफ तस्करा डाला
Sun, 14 Nov 2021 11:48 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 14 Nov 2021 11:48 AM IST
सार
मेरठ में एआईएमआईएम के नेताओं के खिलाफ शनिवार को नौचंदी थाने में पुलिस ने तस्करा डाल दिया।
विज्ञापन
एआईएमआईएम ) के प्रदेश अध्य्क्ष
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में एआईएमआईएम के नेताओं के खिलाफ शनिवार को नौचंदी थाने में पुलिस ने तस्करा डाल दिया। लिखा कि हैदराबाद के पूर्व मेयर माजिद, प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली समेत कई कार्यकर्ताओं थाने के बाहर धरने पर बैठे थे।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कार्यक्रम को परमीशन न मिलने पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार हंगामा कर दिया था।
आरोप कि पुलिस ने पहले कार्यक्रम की शुरूआत करने की बात कहकर टैंट लगाने ने परमीशन दी थी। बाद में उखाड़ दिए। इसके विरोध में एआईएमआईएम के नेता और कार्यकर्ताओं ने नौचंदी थाने के बाहर धरना दिया था। जिसका पुलिस ने जीडी में तस्करा डाला है।
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि कार्यक्रम की परमीशन नहीं थी। धरने पर बैठे थे, जिनको समझा बुझाकर शांत कर दिया था। जिसके बाद वह वापस लौट गए थे।
विज्ञापन
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कार्यक्रम को परमीशन न मिलने पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार हंगामा कर दिया था।
आरोप कि पुलिस ने पहले कार्यक्रम की शुरूआत करने की बात कहकर टैंट लगाने ने परमीशन दी थी। बाद में उखाड़ दिए। इसके विरोध में एआईएमआईएम के नेता और कार्यकर्ताओं ने नौचंदी थाने के बाहर धरना दिया था। जिसका पुलिस ने जीडी में तस्करा डाला है।
विज्ञापन
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि कार्यक्रम की परमीशन नहीं थी। धरने पर बैठे थे, जिनको समझा बुझाकर शांत कर दिया था। जिसके बाद वह वापस लौट गए थे।