Meerut: समय पर नहीं मिली 108 एंबुलेंस, इलाज मे देरी से महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल व सिस्टम पर उठाए सवाल
मेरठ में विमला(46) की हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन 108 एंबुलेंस घंटों कॉल के बाद भी नहीं पहुंची। परिजन महिला को घर ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। परिवार ने लापरवाही के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
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मेरठ के भगवतपुरा गौतमनगर निवासी विमला (46) की शुक्रवार को एंबुलेस सेवा न मिलने के कारण मौत हो गई। महिला को तीन दिन पूर्व बुखार, पेट में इंफेक्शन और पेट में सूजन की समस्या के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे अस्पताल के चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर किया। शुक्रवार दोपहर से शाम तक परिजन 108 नंबर पर कॉल करते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली।
विमला के भतीजे विकास ने बताया कि जिला अस्पताल में भी उन्हें सुविधा नहीं दी गई। तीन दिन तक उनकी चाची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आजाद समाज पार्टी के महानगर प्रभारी चतर सिंह जाटव ने बताया कि पीड़ित परिवार उनसे लगातार संपर्क में रहा।
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आश्वासन मिला पर एंबुलेंस नहीं: परिजन
महिला को रेफर करने पर 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए उन्होंने कई बार फोन किया। दो बार फोन उठाया गया और जल्द सुविधा देने का आश्वासन दिया गया लेकिन सुविधा नहीं मिली। परेशान होकर परिजन महिला को घर ले गए। आरोप है कि समय पर उपचार न मिलने के कारण विमला की मृत्यु हो गई।
चतर सिंह ने बताया कि विमला की दो बेटी और एक बेटा है। मामूली बुखार में चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण महिला की मृत्यु हो गई है। चतर सिंह ने आरोप लगाया कि सीएमओ अशोक कटारिया को कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन भी नहीं लगा। विमला के पति विजय मजदूरी करते हैं। चतर सिंह ने कहा कि इस संबंध प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत और कार्रवाई की मांग की जाएगी। सीएमओ का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।