Meerut: अधिवक्ता ने वायरल किए दुष्कर्म पीड़िता के बयान, मुकदमा दर्ज, पढ़ें-क्या था पूरा मामला
न्याय दिलाने वाले अधिवक्ता खुद की कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मेरठ में एक अधिवक्ता ने एक दुष्कर्म पीड़िता के बयान लेकर वायरल कर दिए। वहीं इस मामले में जहां अधिवक्ताओं की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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दुष्कर्म पीड़िता के प्रति न्याय दिलाने वालों का व्यवहार और मानसिकता कैसी है इसकी पोल वायरल वीडियो ने खोल दी। पीड़िता के बयान लेने का अधिकार अधिवक्ता को किसने दे दिए, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पीड़िता के बयान का वायरल वीडियो सुनकर अधिकारी भी हैरान हैं। एसएसपी ने अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि दुष्कर्म पीड़िता के बयान सिर्फ महिला पुलिसकर्मी ही ले सकती है। गंभीर मामले में महिला दरोगा, महिला इंस्पेक्टर, सीओ महिला ही बयान ले सकती हैं। इसके लिए थाने में कक्ष भी अलग बना हुआ है।
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वहीं अधिवक्ता द्वारा दुष्कर्म पीड़िता के बयान लेकर न्याय प्रणाली की कार्यशैली की पोल खोल दी है। पीड़िता से अधिवक्ता बयान लेते हुए पूछ रहे हैं कि आरोपी ने कितनी बार दुष्कर्म किया है।
पीड़िता, अधिवक्ता के सवाल पर असहाय हो गई, तब अधिवक्ता ने जवाब भी खुद ही दे दिया कि दुष्कर्म बार-बार किया होगा। उस समय महिला ने गर्दन हिलाकर अधिवक्ता के जवाब का समर्थन किया है। वहीं सवाल यह भी है कि वीडियो को सोशल मीडिया पर कैसे प्रसारित कर दिया। वीडियो में पीड़िता से अधिवक्ता काफी भद्दे सवाल पूछ रहे हैं। जबकि पुरुष अधिवक्ता या इंस्पेक्टर को बयान दर्ज करने का कोई अधिकार नहीं है। एसएसपी द्वारा सीओ सुचिता सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि दुष्कर्म पीड़िता के बयान दरोगा नहीं अधिवक्ता ने उसके घर पर जाकर लिए थे। अधिवक्ता ने ही दुष्कर्म पीड़िता से भद्दे सवाल किए और फिर बयानों की वीडियो वायरल की। इस मामले को लेकर एसएसपी ने ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
सोमवार को दुष्कर्म पीड़िता के बयानों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। बताया जा रहा था कि ब्रह्मपुरी थाने में दरोगा ने दुष्कर्म पीड़िता के बयान दर्ज किए और फिर उसकी वीडियो वायरल कर दिए। इसको लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे थे।
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मंगलवार सुबह एसएसपी ने इस मामले की गंभीरता से जांच कराई और दुष्कर्म पीड़िता के घर पर पुलिस भेज दी। जिसमें पता चला कि वीडियो में बयान लेने वाले दरोगा नहीं अधिवक्ता है और अधिवक्ता नहीं पीड़िता के घर पर जाकर बयानों की वीडियो बनाई थी।
एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना है कि मामला बेहद गंभीर था। फिलहाल अभी अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसने बयान दर्ज कराए, उसकी पहचान हो गई। विवेचना में नाम भी खोल दे जाएगा।