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शावक का दर्द : मां से जुदा हुई शिंभी, अधिकारियों ने गोरखपुर चिड़ियाघर के लिए किया रवाना
Fri, 08 Apr 2022 12:24 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 08 Apr 2022 12:24 PM IST
सार
मां से जुदा होकर शावक गोरखपुर के लिए रवाना हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने शावक को उसकी मां से मिलाने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
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शावक।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मेरठ के किठौर से पकड़े गए शावक को देर रात तीन बजे गोरखपुर चिड़ियाघर के लिए रवाना कर दिया गया है। शावक अपनी मां से मिले बिना ही रवाना हो गई। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा शावक को उसकी मां से मिलाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन, सफलता नहीं मिली। बताया गया कि अधिकारियों ने शावक को शिंभी नाम दिया है।
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शावक को उसकी मां से मिलाने का किया गया काफी प्रयास
किठौर के भगवानपुर बांगर में मिले शावक को वन विभाग उसकी मां से नहीं मिला पाया है। वन विभाग का कहना है कि सोमवार की रात मादा शावक के आसपास आई थी। तब इंसानी गंध से पैदा हुए भय के चलते वह शावक को नहीं ले गई। इसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर शावक को मेरठ स्थित हैडक्वार्टर भेज दिया गया था।
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मादा तेंदुए की तलाश में वन विभाग की कई टीमें गश्त कर रहीं थीं। इन टीमों ने ग्रामीणों के साथ मीटिंग कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिया। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि कुछ समय के लिए शावक ग्रामीणों के हाथों में रहने के कारण उसमें इंसानी गंध पहुंच गई। इसके चलते मादा उसको स्वीकार नहीं कर रही है।
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डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि शावक को वन विभाग के एक्सपर्ट और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में सुबह तीन बजे गोरखपुर चिड़ियाघर के लिए रवाना कर दिया गया है। शावक को उसकी मां से मिलाने की काफी कोशिश की गई लेकिन, सफलता नहीं मिली। शावक की सेहत को देखते हुए उसको अब यहां रखना मुश्किल था इसलिए गोरखपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया है। ताकि वहां उसकी ठीक से देखभाल हो सके।
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