UP: सामने आई पुलिस की बड़ी लापरवाही, बवाल का था इनपुट, पर अलर्ट नहीं हुए अफसर, खूब हुई अराजकता
Meerut News : महापौर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में हुए बवाल को लेकर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताया गया कि पुलिस को बवाल का इनपुट मिला था लेकिन, अलर्ट नहीं हुए।
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शपथ समारोह में बवाल हो सकता है, इसका इनपुट खुफिया विभाग ने पुलिस-प्रशासन को दिया था। इसके बावजूद नगर निगम और पुलिस प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ। मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाषचंद बोस प्रेक्षागृह में AIMIM के पार्षदों के बैठने की व्यवस्था भाजपा पार्षदों के साथ की गई। समारोह में शुरू से ही एक-दूसरे पर टिप्पणी की जा रही थी। सवाल उठता है कि समारोह में पुलिस बाहर व्यवस्था बनाने में लगी रही और अंदर बवाल हो गया।
नेताजी सुभाषचंद बोस प्रेक्षागृह में अराजकता का माहौल था। पार्षदों और गणमान्य लोगों के बैठने की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। पुलिस की ड्यूटी बाहर थी, जबकि अंदर लगातार राजनीति दलों के पार्षद एक-दूसरे पर टिप्पणी कर रहे थे। आरोप है कि मारपीट से पहले एक पार्टी के पार्षदों ने एक महिला पर टिप्पणी की थी। जैसे-तैसे कर मामला शांत हो गया था, लेकिन फिर वंदे मातरम गाने पर बवाल हो गया।
बताया गया कि खुफिया विभाग ने दो दिन पहले इनपुट दिया था कि शपथ समारोह में कुछ लोग अराजकता कर सकते हैं। बवाल होने का इनपुट भी पुलिस के पास था। इसके बावजूद पुलिस ने समारोह में अंदर ड्यूटी नहीं लगाई।
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एसपी ट्रैफिक और सीओ से भी धक्का-मुक्की
बवाल होने पर पुलिस तमाशबीन बनी रही, जबकि अधिकारी मुस्तैद दिखे। डीएम, नगर आयुक्त, एसपी ट्रैफिक और सीओ सिविल लाइन दौड़कर पार्षदों के बीच में पहुंच गए। भीड़ में एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ अरविंद चौरसिया से धक्का-मुक्की तक हुई। डीएम और नगर आयुक्त एआईएमआईएम के नेताओं को तो कभी भाजपा कार्यकर्ताओं को समझाते रहे कि बवाल मत करो। शपथ समारोह हो जाने दीजिए। अगर कोई शिकायत है तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई करेंगे। इसके बावजूद भी दोनों पार्टी के कार्यकर्ता सुनने को तैयार नहीं हुए।
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माहौल बिगड़ा तो बुलाई आरएएफ
नेताजी सुभाषचंद बोस प्रेक्षागृह में बवाल हुआ, तब जाकर पुलिस को आरएएफ याद आई। आरएएफ पहले से कैंपस में लगी थी, जिसको तुरंत समारोह में अंदर बुलाया गया। पुलिस के साथ-साथ आरएएफ भी तैनात रही। एआईएमआईएम के नेता एवं पार्षद कैंपस में विरोध करते रहे।