Meerut: सलावा विवाद में पुलिस पर पक्षपात का आरोप, नेताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मेरठ के सरधना क्षेत्र के सलावा गांव विवाद में स्थानीय नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को भी दमनकारी बताते हुए निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है।
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मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के सलावा गांव में हुए विवाद को लेकर मामला और गरमाता जा रहा है। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए और दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
इसके बावजूद पुलिस ने केवल सोनित सोम पक्ष की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।स्थानीय नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना विवेचना के एकतरफा कदम उठाया है, जो संविधान में दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और धार्मिक द्वेष से प्रेरित बताया।
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आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने प्रशासन द्वारा मुस्लिम परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने को भी दमनकारी नीति करार दिया। उनका कहना है कि गरीब परिवारों की मेहनत की कमाई से बने घरों को तोड़कर प्रशासन ने साबित कर दिया है कि वह स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है।
नेताओं ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की किसी उच्च प्रशासनिक अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, पीड़िता उस्मानी की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज हो और आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, यह भी जांच हो कि किन अधिकारियों के आदेश पर और किस आधार पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।
नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन का सहारा लेने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष चरण सिंह, शाहरुख आरिफ बंटी, डॉ. ओमप्रकाश, संजीव पाल, रामकिशोर, शेर मोहम्मद, मौलाना अफज़ल, इमरान ठाकुर, जुबेर चौधरी, हकीम कलीम, जफर और सद्दाम अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे।