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Meerut: मेरठ में 10 दिन में ही सूखे सात हजार पौधे, कैबिनेट मंत्री द्वारा रोपे गए पौधे भी मुरझाए, नहीं हुई देखभाल

Sat, 16 Jul 2022 11:07 AM IST
Dimple Sirohi ऋषिपाल सिंह, अमर उजाला, मेरठ
ऋषिपाल सिंह, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 16 Jul 2022 11:07 AM IST
सार

पौधरोपण अभियान सिर्फ पौधे लगाने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गया है।

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Meerut: Plant trees, take pictures and forget the responsibility, seven thousand plants dry in 10 days
सूख गए पौधे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पौधरोपण अभियान सिर्फ पौधे लगाने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गया है। पांच जुलाई को गांवड़ी में कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में लगाए गए आठ हजार पौधों में से सात हजार से अधिक सूख गए हैं। देखभाल न होने के कारण काफी पेड़ टूट गए हैं। लापरवाही की हद यह है कि पौधे लगाने के बाद गड्ढों में मिट्टी तक नहीं भरी गई, जिस कारण वह उखड़ गए। यह हाल तब है जब सरकार पौधे लगाने के लिए बड़ा अभियान चला रही है।

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वन महोत्सव के तहत जिले में 30.58 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य है। पौधरोपण अभियान 5 जुलाई से शुरू हुआ जो 7 जुलाई तक चला। इसमें वन विभाग समेत सभी विभागों ने मिलकर तीन दिनों में 27 लाख से अधिक पौधे रोपे। अभी 15 अगस्त तक लक्ष्य पूरा करना है।
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मेरठ में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने गांवड़ी गांव में पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की थी। गांवड़ी में वन विभाग की ओर से पौधे की देखभाल नहीं की जा रही है।
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दस दिन में 90 प्रतिशत पौधे सूखे, कई एनजीओ ने भी रोपे थे पौधे  
गांवड़ी में वन विभाग की ओर से करीब 8200 पौधे रोपे गए थे। दस दिन में 90 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं। वन विभाग का 5.90 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य पूरा हो गया है। सवाल ये है कि इन पौधों की देखभाल कौन करेगा।

गांवड़ी में विभाग की ओर से लाखों रुपये खर्च कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि, कई एनजीओ के सदस्य, शहर के तमाम बड़े स्कूलों के बच्चे शामिल हुए थे। वहीं क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हुई है। यह भी पौधे सूखने का बड़ा कारण है।

अधिकारियों से मांगेंगे जवाब
अगर पौधे सूख गए हैं तो बहुत ही गलत बात है। पौधे लगाते समय ही अधिकारियों से कहा गया था कि इनकी देखभाल भी करनी होगी। इस मामले में वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

नगर निगम को सौंपी थी जिम्मेदारी
यह क्षेत्र नगर निगम का है। निगम को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अगर यहां पर पौधों को नुकसान हुआ है तो देखरेख कराई जाएगी। वैसे लगाए गए पेड़ों में से 30 प्रतिशत ही बड़े हो पाते हैं। - डीएफओ, राजेश कुमार

पौधे की कराएंगे देखभाल
मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। अगर पौधे सूख गए हैं तो उनकी देखभाल की जाएगी। जो पौधे बेकार हो गए हैं, उनकी जगह दूसरे लगाए जाएंगे। - अमित पाल शर्मा, नगरायुक्त

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