Meerut: चिप लगाकर कर रहे थे तेल चोरी, पांच पेट्रोल पंपों पर छापे, 15 पर रिपोर्ट, 10 पकड़े
मेरठ के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के साथ धोखा हो रहा है। हाल ही में नायरा के पांच पेट्रोल पंपों पर छापे के मामले में 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें तेल चोरी करने के लिए चिप लगाकर मशीनें हैक की गई थीं।
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नायरा के पांच पेट्रोल पंपों पर छापे के मामले में जिला पूर्ति विभाग ने 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पांच हाथ नहीं आए। बृहस्पतिवार को मेरठ के चार और बागपत के एक पेट्रोल पंप पर प्रशासन और पूर्ति विभाग की टीम के साथ छापे मारे थे।
शुक्रवार को एसटीएफ ने दावा किया कि इन पांच पंपों में तेल चोरी करने के लिए चिप लगाकर मशीनें हैक की गई थीं। एसटीएफ का दावा है कि माधवपुरम के मैसर्स सालासर पंप के मैनेजर संचित गोयल ने डीजल पंप की मशीन में चिप लगाने की बात कुबूल की है। पंप पर 5256 लीटर पेट्रोल कोटे से अधिक पाया गया।वहीं डीजल 605 लीटर कम दर्शाया गया। इस मामले में पंप मालिक अवनीश गोयल, मैनेजर संचित गोयल, सेल्समैन सलीम पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
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परतापुर के मैसर्स चंद्रप्रकाश एंड संस पंप ऑटोमेशन में पेट्रोल की मात्रा 6358 पाई गई, जबकि रीडिंग 75.50 पाई गई। टैंक में 8375 लीटर पेट्रोल पाया गया। रीडिंग के हिसाब से पेट्रोल 2017 लीटर अधिक पाया गया। डीजल टैंक के ऑटोमेशन में 134 रीडिंग पाई गई जबकि टैंक में 17899 लीटर डीजल मिला। पंप मालिक ऐश्वर्या गुप्ता, राहुल त्यागी, सेल्स अफसर विरेंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र मलिक पर रिपोर्ट हुई है।
मैसर्स रॉयल फिलिंग स्टेशन सैनी की मालिक
मैसर्स रॉयल फिलिंग स्टेशन सैनी की मालिक सीमा गुप्ता, मैनेजर राकेश गुप्ता पर मुकदमा हुआ है। यहां पाइप लगाकर पांच लीटर में 150 एमएल तेल की चोरी की जा रही थी। सभी मुकदमे पूर्ति निरीक्षक रविंद्र कुमार की तहरीर पर दर्ज हुए हैं। इन सभी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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3 हजार रुपये किलो स्क्रैप में खरीदा मदर बोर्ड
एसटीएफ ने बताया कि मैसर्स सिद्धबलि फिलिंग स्टेशन दरियापुर मालिक सतेंद्र कुमार ने हाजी कबाड़ी से 3 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से मदर बोर्ड खरीदा। कुलदीप ने सतीश से एक हजार रुपये में सॉफ्टवेयर डलवाया। इसे वो 25 हजार से 2 लाख तक का बेचते थे।
पेट्रोल पंप मालिक ने ये तेल चोरी के लिए ये मदर बोर्ड 2 लाख रुपये में खरीदा था। इस पेट्रोल पंप के मैनेजर संजीव कुमार, पार्टनर राजेंद्र प्रसाद गोयल, रीता सहित पर छह पर मुकदमे दर्ज हुए हैं।