मेरठ: कैंट बोर्ड बैठक में पहुंचे सिर्फ पांच सदस्य, विपिन सोढ़ी को उपाध्यक्ष पद से हटाया
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मेरठ में कैंट बोर्ड की बैठक में आठ सदस्यों में से सिर्फ पांच ही शामिल हुए। वहीं मंजू गोयल दफ्तर तो आईं, लेकिन बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुई। सभी पांच सदस्यों ने वार्ड अध्यक्ष से कहा उन्होंने अपना विश्वास खो दिया है ऐसे में विपिन सोढ़ी को उपाध्यक्ष पद से हटाया जाए। जिसके बाद बोर्ड अध्यक्ष और सीईओ ने विचार-विमर्श करने के बाद विपिन सोढ़ी को उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। अब 22 को नए उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।
वहीं जब भाजपा के सदस्यों से पूछा गया कि महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल द्वारा बुलाई गई बैठक में वह क्यों नहीं गए तो उनका कहना था कि उन्हें किसी बैठक की कोई जानकारी नहीं है।
इससे पहले सदस्यों ने मंगलवार शाम को कमांडर को पत्र देकर जनता से जुड़े कार्यों से दूरी बनाने की बात कहते हुए सोढ़ी को हटाकर दूसरे सदस्य को उपाध्यक्ष बनाने की मांग की थी।
24 जुलाई 2020 को को कैंट बोर्ड के सात सदस्यों विपिन सोढ़ी, अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल, धर्मेंद्र सोनकर और बुशरा कमाल ने बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। सात सदस्यों के विरोध के बाद बीना वाधवा को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।
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एक अगस्त को विपिन सोढ़ी उपाध्यक्ष बने थे। कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई 2015 को हुआ था। 15 जुलाई को सदस्य बीना वाधवा कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष चुनी गईं थीं। ऐसे में बोर्ड का कार्यकाल जुलाई 2020 तक था। जुलाई में रक्षा मंत्रालय द्वारा सभी छावनी के बोर्ड का कार्यकाल छह महीने बढ़ा दिया गया था। जनवरी 2021 में यह कार्यकाल पूरा हो रहा था लेकिन रक्षा मंत्रालय ने दूसरी बार फिर छह महीने कार्यकाल बढ़ा दिया था।
- कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई 2015 को हुआ था
- 15 जुलाई को बीना वाधवा कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष चुनी गईं
- 24 जुलाई 2020 को बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया था
बैठक के बाद सौंपा पत्र
मंगलवार शाम को रक्षा मंत्रालय की तरफ से पूरे देश की सभी छावनी के लिए ई-पार्टल लांच किया गया। इस मौके पर बोर्ड अध्यक्ष अर्जुन सिंह राठौर, सीईओ नवेंद्र नाथ और सदस्य पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सदस्य अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल, नीरज राठौर और बुशरा कमाल शामिल रहे। उपाध्यक्ष और सदस्य धर्मेंद्र सोनकर नहीं पहुंचे। ई-पोर्टल की लॉन्चिंग के बाद छह सदस्यों ने अध्यक्ष को अविश्वास पत्र सौंप दिया।
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